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भारत: रूढ़िवादिता की बेड़ियाँ तोड़ती, रौशनी परवीन

यूएन जनसंख्या कोष (UNFPA) का अनुमान है कि भारत के बिहार प्रदेश में, वर्ष 2022 में, 63 प्रतिशत लड़कियों का विवाह, 18 वर्ष की उम्र से पहले ही कर दिया गया था.
UNICEF/Vishwanathan
यूएन जनसंख्या कोष (UNFPA) का अनुमान है कि भारत के बिहार प्रदेश में, वर्ष 2022 में, 63 प्रतिशत लड़कियों का विवाह, 18 वर्ष की उम्र से पहले ही कर दिया गया था.

भारत: रूढ़िवादिता की बेड़ियाँ तोड़ती, रौशनी परवीन

महिलाएँ

भारत की 24 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता रौशनी परवीन, बाल विवाह की पीड़िता रहीं हैं और अब इस प्रथा के विरुद्ध अभियान चलाती हैं. रौशनी परवीन, शान्ति एवं सुलह पर केन्द्रित, वर्ष 2023 के युवा कार्यकर्ता सम्मेलन (जिनीवा) के विजेताओं में शामिल हैं. रौशनी परवीन की अनेक दोस्तों की तरह हीउनका विवाह भीकेवल 13 साल की उम्र में कर दिया गया था. रौशनी परवीन कोअपने पति से अलग होने का निर्णय लेने परअपने परिवार की कड़ी आलोचना का सामना करना पडा. रौशनी परवीन अब बाल विवाह के सम्भावित जोखिम का सामना करने वाली लड़कियों की पहचान करकेउन्हें जागरूक बनाने के प्रयास करती हैं. एक वीडियो.