राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं पर 'अपर्याप्त प्रगति', UNFCCC की नई रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को कहा कि दुबई में आगामी यूएन जलवायु शिखर सम्मेलन (कॉप28), जलवायु मुद्दे पर महत्वाकाँक्षा व कार्रवाई के बीच की खाई को पाटने का एक अवसर है. उन्होंने सचेत किया कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का बढ़ाना जारी है और जलवायु अराजकता गहन रूप धारण कर रही है. महासचिव गुटेरेश ने जलवायु परिवर्तन मामलों पर संयुक्त राष्ट्र संस्था (UNFCCC) की नवीनतम रिपोर्ट के निष्कर्षों पर यह बात कही है.
UNFCCC का कहना है कि 2010 के स्तर की तुलना में, वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जनों में इस दशक के अन्त तक 45 प्रतिशत की कमी लानी होगी.
वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने के लिए यह ज़रूरी है. मगर, यूएन एजेंसी की नई रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक उत्सर्जन में कमी आने के बजाय, उनके 9 फ़ीसदी तक बढ़ जाने की सम्भावना है.
इसके मद्देनज़र, यूएन के शीर्षतम अधिकारी एंतोनियो गुटेरेश ने नैट शून्य लक्ष्यों को पूरा करने के प्रयासों में तेज़ी लाने की पुकार लगाई है, ताकि विकसित देश उन्हें जल्द से जल्द 2040 तक साकार कर सकें. उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को 2050 के नज़दीक तक यह लक्ष्य पाना होगा.
उन्होंने ध्यान दिलाया कि वैश्विक जलवायु महत्वाकाँक्षा, पिछले एक वर्ष में थम गई है और राष्ट्रीय जलवायु योजनाएँ, विज्ञान के अनुरूप नहीं हैं.
यूएन प्रमुख ने कहा कि जलवायु अराजकता की वास्तविकता के कारण विश्व भर में समुदाय पिस रहे हैं, और उन्हें बाढ़, आग और सूखे की घटनाओं से जूझना पड़ रहा है.
महासचिव के अनुसार, जलवायु मुद्दे पर आवश्यकता और कार्रवाई के बीच का अन्तर पहले से कहीं अधिक ख़तरनाक हो गया है.
उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है, ताकि जीवाश्म ईंधन के इस्तेमाल को चरणबद्ध ढंग से हटाया जा सके. यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि अपने जलवायु संकल्पों को पूरा करके, विकसित देशों को अपने वादे पूरे करने होंगे.
उन्होंने देशों की सरकारों से आग्रह किया कि उन्हें कारगर जलवायु कार्रवाई के लिए, वित्त पोषण, समर्थन, साझेदारियो के लिए एक साथ आना होगा.
'छोटे क़दम पर्याप्त नहीं'
यूएन जलवायु संस्था (UNFCCC) के कार्यकारी सचिव के साइमन स्टील ने सचेत किया कि जलवायु संकट को टालने के लिए, सरकारें एक साथ मिलकर, छोटे क़दम उठा रही हैं.
यह रिपोर्ट दर्शाती है कि दुबई में कॉप28 के दौरान यह ज़रूरी है कि फिर से रास्ते पर वापिस आने के लिए निडर होकर प्रयास किए जाएं.
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कॉप28 सम्मेलन, जलवायु मोर्चे पर कार्रवाई का जायज़ा लेने (stocktake) का एक अवसर है, जहाँ देश, पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सभी क्षेत्रों में कार्रवाई को मज़बूती प्रदान कर सकते हैं.
इस 'स्टॉकटेक' प्रक्रिया से, वर्ष 2025 तक जलवायु कार्रवाई योजनाओं का अगला संस्करण तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे त्वरित कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा.
जलवायु कार्रवाई के लाभ
यूएन एजेंसी के कार्यकारी सचिव ने बताया कि इस वर्ष, Global Stocktake रिपोर्ट को जारी किया गया था, जोकि स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि प्रगति की रफ़्तार कहाँ पर धीमी है.
“मगर, यह देशों द्वारा तैयार उपकरणों व समाधानों को भी पेश करती है. अरबों लोग अपनी सरकारों को इन औज़ारों को उठाकर उन्हें काम में लाते हुए देखना चाहते हैं.”
साइमन स्टील ने कहा कि डिग्री का हर अंश मायने रखता है, लेकिन फ़िलहाल हम रास्ते से भटके हुए हैं. “कॉप28 इस स्थिति में बदलाव लाने का समय है.”
उन्होंने कहा कि यह समय है कि निडर जलवायु कार्रवाई में निहित लाभ को दर्शाया जाए: अतिरिक्त रोज़गार, ऊँची आय, आर्थिक प्रगति, अवसर व स्थिरता, कम प्रदूषण और बेहतर स्वास्थ्य.