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ग़ाज़ा सिटी: भीषण विध्वंस के बीच, अस्पतालों में हो रही हैं शिशुओं की मौतें

ग़ाज़ा के ख़ान यूनिस के नासेर अस्पताल में एक मिसाइल हमले में घायल हुए व्यक्ति को उपचार के लिए ले जाया जा रहा है.
© WHO
ग़ाज़ा के ख़ान यूनिस के नासेर अस्पताल में एक मिसाइल हमले में घायल हुए व्यक्ति को उपचार के लिए ले जाया जा रहा है.

ग़ाज़ा सिटी: भीषण विध्वंस के बीच, अस्पतालों में हो रही हैं शिशुओं की मौतें

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता एजेंसियों ने कहा है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में इसराइली हमलों के सघन होने के बीच, अल शिफ़ा अस्पताल में तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने के हालात में नवजात शिशुओं सहित, और भी अधिक मरीज़ों की मौतें हो रही हैं. इन एजेंसियों ने युद्धविराम तत्काल लागू किए जाने को अभूतपूर्व रूप से ज़रूरी बताया है.

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संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी - WHO ने रविवार देर रात बताया कि ग़ाज़ा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अल शिफ़ा अस्पताल में समय से पूर्व पैदा हुए 37 बच्चों को, सप्ताहान्त के दौरान, सघन जीवरक्षक सहायता के बिना ही, ऑपरेशन कक्ष में स्थानान्तरित किया गया था, और स्वास्थ्यकर्मी सीमित संसाधनों के साथ कक्ष को गर्म रखने की कोशिश कर रहे थे.

सोमवार को प्राप्त ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, अल शिफ़ा अस्पताल में छह शिशुओं की मौत हो गई है.

WHO के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा है कि "दुनिया ऐसे में मूर्कदर्शक नहीं बनी रह सकती है, जबकि पक्की सुरक्षा के स्थान माने जाने वाले अस्पतालों को, मौत, विनाश और मायूसी के स्थानों में तब्दील किया जा रहा है."

ग़ाज़ा सिटी में स्थित अल शिफ़ा अस्पताल, इसराइली सेना के इन दावों के बाद, युद्धक गतिविधियों का केन्द्र बन गया है कि हमास ने इस अस्पताल के तहख़ाने में एक कमांड केन्द्र बना रखा है. अलबत्ता, अल शिफ़ा अस्पताल में काम करने चिकित्सा कर्मियों ने, इसराइल के इन दावों का खंडन किया है.

पूरे संयुक्त राष्ट्र में शोक

इस बीच, फ़लस्तीनी शरणार्थियों की सहायता के लिए यूएन एजेंसी - UNRWA के, ग़ाज़ा युद्ध में मारे गए 101 कर्मियों की याद व सम्मान में, दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र का ध्वज, सोमवार को आधा झुकाया गया.

संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम - WFP ने सोशल मीडिया मंच - X (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर लिखा है, "आज हम, ग़ाज़ा में मारे गए हमारे सहयोगियों की याद व सम्मान में, मौन रखने के लिए, यूएन समुदाय में शामिल हैं."

जिनीवा में यूएन कार्यालय में महानिदेशक तातियाना वैलोवाया ने, यूएन स्टाफ़ के बलिदानों के लिए धन्यवाद दिया और एक ऐसे समय में उनके कामकाज की महत्ता को रेखांकित किया, जब बहुपक्षवाद, जोखिम की चपेट में है.

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में भी, 07.30 बजे ध्वजारोहण हुआ और तुरन्त ही, संयुक्त राष्ट्र ध्वज को आधा झुका दिया गया. बाद में 09.30 बजे, यूएन मुख्यालय में कुछ देर का मौन भी रखा गया.

यूएन गेस्ट हाउस पर हमले

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UNRWA ने सोमवार को कहा है कि रफ़ाह शहर में उसे गेस्टहाउस पर, रविवार को इसराइली सेना ने नौसैनिक हमला किया है, जिसमें गेस्टहाउस को भारी नुक़सान पहुँचा है. अलबत्ता किसी के हताहत होने के समाचार नहीं हैं.

यूए एजेंसी के महाआयुक्त फ़िलिपे लज़ारिनी ने कहा है, "यूएन स्थलों, अस्पतालों, स्कूलों, आश्रय स्थलों और प्रार्थना स्थलों सहित नागरिक ढाँचे की सुरक्षा की अनदेखी किया जाना, उस भयावह स्थिति को दिखाने के सबूत हैं जिससे ग़ाज़ा के लोग, हर दिन गुज़र रहे हैं."

वो निशाना नहीं

संयुक्त राष्ट्र ने दोहराया है कि टकराव चाहे कहीं भी हो, मानवीय सहायता कर्मियों को कभी भी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, और अस्पतालों व चिकित्सा कर्मियों को, विशेष रूप से, अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के अन्तर्गत संरक्षण प्राप्त है.

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों की समन्वय एजेंसी - OCHA ने बताया है कि अल शिफ़ा अस्पताल में, नवजात शिशुओं की मौत के अलावा, 10 अन्य मरीज़ों की भी मौत हुई है, जबकि तीन नर्सों की मौत, बमबारी और सशस्त्र लड़ाई में हुई है.

एजेंसी ने बताया है कि अति महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को भी नुक़सान पहुँचा है जिसमें ऑक्सीजन स्टेशन, जल टैंक और एक कुँआ, हृदय चिकित्सा केन्द्र और मातृत्व चिकित्सा कक्ष भी शामिल हैं.

OCHA के अनुसार, ग़ाज़ा के भीतर ही विस्थापित हुए कुछ लोगों ने अल शिफ़ा अस्पताल में शरणा ली हुई है, जबकि कुछ स्टाफ़ और मरीज़ वहाँ से निकलने में कामयाब हो गए हैं.

बहुत से अन्य लोग वहीं फँसे हुए हैं, जो या तो वहाँ से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं या फिर शारीरिक रूप से ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं.

सोमवार को मीडिया ख़बरों के अनुसार, हज़ारों लोग अब भी, अल शिफ़ा अस्पताल परिसर के भीतर मौजूद हो सकते हैं.

जीवन के लिए संघर्ष

OCHA ने बताया है कि रविवार को, ग़ाज़ा के उत्तरी क्षेत्र में, अस्पतालों में सेवाएँ और संचार ठप हो जाने के लगातार दूसरे दिन, स्वास्थ्य मंत्रालय ने, ग़ाज़ा में हताहत हुए लोगों की संख्या की नवीनतम जानकारी नहीं मुहैया कराई.

शुक्रवार तक उपलब्ध अद्यतन जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर के बाद से ग़ाज़ा पट्टी में मारे गए लोगों की संख्या 11,078 थी. इसराइल के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ग़ाज़ा में ज़मीनी युद्ध शुरू होने के बाद से उनके 47 सैनिक मारे गए हैं.

OCHA ने बताया है कि ग़ाज़ा के उत्तरी इलाक़े में बचे लाखों लोगों को, जीवित रहने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.

असुरक्षित जल स्रोतों से पानी पिए जाने के कारण, उनके आम स्वास्थ्य व जल जनित बीमारियों के बारे में गम्भीर चिन्ताएँ उत्पन्न हो गई हैं, हर तरफ़ खाद्य अभाव की स्थिति है, और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने, कुपोषण व भुखमरी के जोखिमों के बारे में चेतावनी जारी की है.

गत सप्ताहान्त के दौरान भी, उत्तरी ग़ाज़ा के लाखों लोगों ने, सुरक्षित स्थानों के लिए निकलना जारी रखा, मगर दक्षिणी ग़ाज़ा में भी उनकी ज़िन्दगियों के लिए भी जोखिम है क्योंकि वहाँ बमबारी जारी है और आश्रय स्थलों में भी भारी भीड़ है.

UNRWA के अध्यक्ष फ़िलिपे लज़ारिनी ने एक बार फिर कहा है, "ग़ाज़ा में कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है."