वर्ष 2023, सर्वाधिक गरम रहने की सम्भावना, अल नीनो प्रभाव में भी उछाल अपेक्षित
संयुक्त राष्ट्र के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा है कि अक्टूबर महीने में तापमान की नई ऊँचाइयाँ दर्ज किए जाने के बाद, अब ये लगभग तय हो गया है कि वर्ष 2023, अभी तक का रिकॉर्ड पर सबसे गर्म वर्ष रहेगा.
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने बुधवार को अपने सन्देश में कहा है कि अल नीनो प्रभाव अगले वर्ष भी जारी रहेगा, जिससे तापमान वृद्धि के जारी रहने की अपेक्षा है.
संगठन ने कहा है कि इस वर्ष अभी तक, वैश्विक औसत तापमान, अभी तक के रिकॉर्ड के अनुसार, सबसे ऊँचा है, जोकि पूर्व-औद्योगिक स्तरों से, 1.43 डिग्री सैल्सियस ऊपर है. साथ ही, अंटार्कटिक में, समुद्री हिम का स्तर रिकॉर्ड निम्न है.
यूएन मौसम विज्ञान संगठन की अपेक्षा के अनुसार, गर्माता असल नीनो जलवायु रुझान, अप्रैल 2024 तक जारी रहेगा जिससे, तापमान में और अधिक वृद्धि होगी.
आग पर ईंधन
संगठन के अध्यक्ष पैटेरी टालस ने ज़ोर देकर कहा है कि वैसे तो अल नीनो प्रभाव प्राकृतिक रूप से घटता है, मगर यह जलवायु परिवर्तन के सन्दर्भ में होता है जिसे, मानव गतिविधियों के परिणाम स्वरूप गर्मी को सोख़ने वाली ग्रीनहाउस गैसों के बढ़ते जमाव से बढ़ावा मिलता है.
उन्होंने आगाह किया कि ताप लहरें, सूखा, जंगली आग, भारी वर्षा और बाढ़ जैसी मौसम की अत्यन्त चरम घटनाएँ, कुछ क्षेत्रों में और भी बदतर होंगी.
पैटेरी टालस ने कहा, “इसीलिए, विश्व मौसम संगठन, ज़िन्दगियों को बचाने और आर्थिक नुक़सान कम करने के लिए, सभी के लिए पूर्व चेतावनी पहल, के लिए प्रतिबद्ध है.”
अतीत में, वर्ष 2016, रिकॉर्ड पर सर्वाधिक गर्म साल रहा है, जिसमें असाधारण रूप से मज़बूत अल नीनो और जलवायु परिवर्तन का बहुत बड़ा हाथ रहा था.
अभी तक सर्वाधिक गर्म अक्टूबर
विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने कहा है कि इस वर्ष अक्टूबर महीना, रिकॉर्ड पर अभी का सबसे गर्म महीना रहा है, जोकि 1991-2020 के औसत तापमान से 0.85 डिग्री सैल्सियस, और अतीत में सर्वाधिक गर्म रहे अक्टूबर महीने से, 0.40 डिग्री सैल्सियस ऊपर रहा.
अक्टूबर ऐसा लगातार छठा महीना रहा जिसमें अंटार्कटिक समुद्र में हिम विस्तार रिकॉर्ड निम्न स्तर पर रहा. आर्कटिक समुद्र का हिम विस्तार, अक्टूबर के लिए, अपने सातवें निम्न बिन्दु पर पहुँचा.
संगठन का कहना है कि अक्टूबर 2023 में, कुल बारिश या नमी, लगभग पूरे योरोप में, औसत से ऊपर रही. बाबेट तूफ़ान ने उत्तरी योरोप में दस्तक दी, और ऐलीन तूफ़ान ने, पुर्तगाल और स्पेन को प्रभावित किया, जिस दौरान भारी बारिश हुई और बाढ़ें आईं.