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ग़ाज़ा: 'यह हमारी इनसानियत ख़त्म हो जाने का मुद्दा है'

फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, इसराइली हमलों में ध्वस्त एक रिहायशी इमारत.
© UNRWA/Mohammed Hinnawi
फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, इसराइली हमलों में ध्वस्त एक रिहायशी इमारत.

ग़ाज़ा: 'यह हमारी इनसानियत ख़त्म हो जाने का मुद्दा है'

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और इसराइल द्वारा क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र में रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर व मानवीय सहायता समन्वयक लिन हेस्टिंग्स ने रविवार को मध्य पूर्व की तेज़ी से बिगड़ती स्थिति पर ज़ोरदार भावुक मानवीय अपील की है, जिसमें ग़ाज़ा में जीवनरक्षक मानवीय सहायता की आपूर्ति के लिए, तत्काल मार्ग देने का आग्रह भी शामिल है.

इसराइल द्वारा क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र की रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर और मानवीय सहायता संयोजक लिन हेस्टिंग्स ने ग़ाज़ा में तेज़ी से बिगड़ती स्थिति पर अपनी प्रतिक्रियास्वरूप कहा है कि अनेक यूएन एजेंसियाँ, जीवनरक्षक मानवीय सहायता, अपने भंडारों को, मिस्र में ग़ाज़ा से मिलने वाली सीमा चौकी पर एकत्र कर रही हैं.

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“यह सहायता सामग्री ग़ाज़ा में ज़रूरतमन्द लोगों तक पहुँचाने के लिए, इस सीमा चौकी को, इसराइल द्वारा ग़ाज़ा की तरफ़ खोला जाना बहुत ज़रूरी है.”

इनसानियत ख़त्म होने का मुद्दा

लिन हेस्टिंग्स ने यूएन न्यूज़ के साथ ख़ास बातचीत में कहा कि इस स्थिति के बावजूद, इसराइली अधिकारियों ने, मानवीय सहायता की आपूर्ति को, बन्धकों की रिहाई से जोड़ दिया है. 

फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास ने शनिवार, 7 अक्टूबर को इसराइल में किए घातक हमलों के बाद से इन बन्धकों को अपनी हिरासत में रखा हुआ है.

लिन हेस्टिंग्स ने कहा, “उन्होंने कहा है कि वो हमास का विनाश करना चाहते हैं, मगर उनकी मौजूदा कार्रवाई ग़ाज़ा को तबाह कर देगी.”

उन्होंने हमास द्वारा बन्धकों की तत्काल रिहाई की पुकार लगाते हुए, इसराइल से भी जीवन रक्षक मानवीय सहायता, ग़ाज़ा में पहुँचाने के लिए, तत्काल रास्ते दिए जाने का आग्रह किया.

लिन हेस्टिंग्स ने आगाह करते हुए कहा, “...अगर अन्तरराष्ट्रीय समुदाय ऐसा ही होते रहने देता है तो, ये हमारी इनसानियत ख़त्म हो जाने का मुद्दा है. हम जो कुछ इस समय देख रहे हैं, वो बिल्कुल अमानवीय है... दुनिया को ये मांग करनी होगी कि हम मानवीय सहायता की आपूर्ति करने में सक्षम हों, और ये सहायता सामग्री, बिल्कुल ग़ाज़ा के दरवाज़े पर मौजूद है.”

दो ज़ोरदार और भावुक अपीलें

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने फ़लस्तीनी गुट हमास से, 7 अक्टूबर से बन्धक बनाकर रखे गए लोगों को, तत्काल और बिना शर्त रिहा करने की अपील की है.

उन्होंने साथ ही, इसराइल से, फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में आम लोगों तक जीवन रक्षक सहायता तेज़ी से और निर्बाध पहुँचाने के लिए, रास्ते मुहैया कराने की अपील की है.

एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को जारी अपने एक वक्तव्य में कहा है, “इस नाटकीय क्षण में, जबकि हम मध्य पूर्व में, एक गहरे गर्त के बिल्कुल किनारे पर पहुँच गए हैं, महासचिव के रूप में, दो ज़ोरदार मानवीय अपीलें करना मेरा कर्तव्य है.”

उन्होंने कहा कि ग़ाज़ा में पानी, बिजली और अन्य ज़रूरी सामग्रियों की आपूर्ति ख़त्म हो रही है. संयुक्त राष्ट्र के पास, मिस्र, जॉर्ड़न, पश्चिमी तट और इसराइल में, खाद्य सामग्री, पानी, भोजन-इतर सामान, चिकित्सा सामान और ईंधन इत्यादि के भंडार मौजूद हैं.

“यह सामान, घंटों के भीतर रवाना किया जा सकता है. धरातल पर मुस्तैद हमारे स्टाफ़ और ग़ैर-सरकारी संगठनों के साझीदारों को, ये सामान पूरे ग़ाज़ा क्षेत्र में, ज़रूरतमन्द लोगों तक सुरक्षित और निर्बाध तरीक़े से पहुँचाने के लिए मुक्त मार्गों की ज़रूरत है.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि ये दोनों लक्ष्य अपने आप में सम्पूर्ण हैं. उन्हें किसी सौदेबाज़ी में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, इसराइली हमलों में ध्वस्त एक रिहायशी इमारत.
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