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रूस में मानवाधिकारों की स्थिति पर, स्वतंत्र विशेषज्ञ के कार्यकाल की अवधि बढ़ी

मानवाधिकार परिषद का एक दृश्य. (फ़ाइल)
UN Photo/Jean-Marc Ferré
मानवाधिकार परिषद का एक दृश्य. (फ़ाइल)

रूस में मानवाधिकारों की स्थिति पर, स्वतंत्र विशेषज्ञ के कार्यकाल की अवधि बढ़ी

मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने रूस में मानवाधिकारों की स्थिति पर स्वतंत्र विशेषज्ञ के कार्यकाल की अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ाने की घोषणा की है. 

फ़रवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की पृष्ठभूमि में उनके कार्यकाल की अवधि पहले एक वर्ष तय की गई थी. 

मानवाधिकार परिषद ने गुरूवार को रूसी महासंघ से आग्रह किया है कि अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून के तहत तयशुदा दायित्वों का अनुपालन किया जाना होगा. 

साथ ही, बुनियादी आज़ादियों की रक्षा सुनिश्चित की जानी होगी, जिनमें विचार, राय और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शान्तिपूर्ण सभा का अधिकार है.

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इस क्रम में, परिषद ने विचारों, आलोचना और असहमति के स्वरों पर पाबन्दियाँ हटाने, और जेल में सुरक्षा, निष्पक्ष अदालती कार्रवाई और यातना ना दिए जाने का अनुरोध किया है.

विशेष रैपोर्टेयर के लिए तय शासनादेश (mandate) के तहत, उनका दायित्व रूस में मानवाधिकारों की स्थिति की पड़ताल करना है. 

इससे पहले, मंगलवार को यूएन महासभा में मतदान के दौरान मानवाधिकार परिषद में फिर से सदस्यता के लिए रूस की उम्मीदवारी विफल रही थी.

स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ के कार्यकाल की अवधि का विस्तार किए जाने के लिए, यूएन परिषद के 18 सदस्यों ने समर्थन किया, जबकि सात देशों (बोलिविया, चीन, क्यूबा, ऐरीट्रिया, कज़ाख़्स्तान, किर्ग़िज़्स्तान, वियत नाम) ने विरोध किया.

22 सदस्य देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

पूर्ण समर्थन की मांग

मानवाधिकार परिषद ने इस प्रस्ताव के ज़रिये रूस से आग्रह किया है कि सभी यूएन मानवाधिकार तंत्रों के साथ पूर्ण रूप से सक्रिय भागीदारी रखनी होगी, सृजनात्मक ढंग से संचार और विशेष रैपोर्टेयर के साथ पूर्ण सहयोग भी अपेक्षित है.

इसके समानान्तर, मानवाधिकार विशेषज्ञ को देश में आवाजाही के लिए निर्बाध मार्ग मुहैया कराना, और प्रासंगिक हितधारकों के साथ बेरोकटोक मिलने देना भी ज़रूरी होगी. 

इनमें नागरिक समाज, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और हिरासत में रखे गए लोगों के साथ सम्पर्क व बातचीत है.

मानवाधिकार परिषद ने रूसी प्रशासन से आग्रह किया है कि इन निकायों के साथ सम्बन्ध रखने और सहयोग करने वाले लोगों के साथ दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई या उन्हें डराए धमकाए जाने से बचा जाना होगा.

मानवाधिकार विशेषज्ञ

रूस में मानवाधिकारों की स्थिति पर विशेष रैपोर्टेयर के लिए शासनादेश, मानवाधिकार परिषद ने अक्टूबर 2022 में स्थापित किया था,

विशेष रैपोर्टेयर, बुल्गारिया की मानवाधिकार विशेषज्ञ मरियाना कात्ज़ारोवा हैं, जिन्हें इस वर्ष 4 अप्रैल को नियुक्त किया गया और उन्होंने 1 मई से अपना कामकाज शुरू किया. 

उनका दायित्व देश में मानवाधिकारों की स्थिति की निगरानी, समीक्षा और उस पर जानकारी प्रदान करना है.

पिछले सप्ताह, स्वतंत्र विशेषज्ञ ने एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें पिछले वर्ष यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से अब तक रूस में मानवाधिकारों की बद से बदतर हो रही स्थिति पर चिन्ता जताई गई.

सभी स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञ, जिनीवा में यूएन मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त किये जाते हैं. वो अपनी निजी हैसियत में, परिषद की विशेष प्रक्रिया के तहत स्वैच्छिक आधार पर काम करते हैं.

ये मानवाधिकार विशेषज्ञ संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी नहीं होते हैं और ना ही उन्हें उनके काम के लिये, संयुक्त राष्ट्र से कोई वेतन मिलता है.