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हेती: गैंग हिंसा से विस्थापित लोगों के लिए, $2.1 करोड़ की अपील

हेती में गैंग हिंसा के कारण, हज़ारों लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है.
BINUH/Boulet-Groulx
हेती में गैंग हिंसा के कारण, हज़ारों लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा है.

हेती: गैंग हिंसा से विस्थापित लोगों के लिए, $2.1 करोड़ की अपील

प्रवासी और शरणार्थी

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) और हेती सरकार ने, मंगलवार को देश में गैंग हिंसा का कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों की मदद के लिए, मंगलवार को दो करोड़ 10 लाख डॉलर की सहायता अपील जारी की है.

राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस से विस्थापित लोगों को, इस राशि के ज़रिए बेहतर संरक्षण और आश्रय मुहैया कराए जाएंगे.

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हेती में IOM के मिशन प्रमुख फ़िलिपे ब्रैंचैट ने मंगलवार को कहा है, “विस्थापन से लोगों के स्वास्थ्य, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए गम्भीर जोखिम उत्पन्न हो गए हैं, उनके लिए लिंग आधारित हिंसा का ख़तरा भी बढ़ता है. विस्थापन से स्थानीय ढाँचे और मेज़बान समुदायों के दरम्यान, सामाजिक सदभाव बढ़ाने के लिए भी दबाव बढ़ता है.”

बढ़ती हैंग हिंसा

राजधानी के अनेक हिस्सों में बढ़ती हिंसा ने, बहुत से लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए विवश कर दिया है. विस्थापित जन, स्थानीय मेज़बान समुदायों के साथ ठहरने के बजाय, अस्थाई आश्रयों में पनाह ले रहे हैं, जिससे उनके लिए अतिरिक्त निर्बलताएँ उत्पन्न हो रही हैं.

प्रवासन संगठन का कहना है, “बहुत से परिवार अपनी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने में असमर्थ हैं. अपर्याप्त आश्रय और भीड़ भरी परिस्थितियों ने, तनाव और भी बढ़ा दिए हैं, जिनसे हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है और यौन हिंसा के हमलों का भी जोखिम बढ़ रहा है.”

ख़तरनाक हालात

हेती में इस समय लगभग दो लाख लोग, देश के भीतर ही विस्थापित हैं. एक विस्थापित महिला का कहना था, “जब गोलीबारी शुरू हुई तो मैं अपने बेटे के साथ अपनी बस्ती से निकल भागी. मुझे ठहरने के लिए जल्दी से किसी जगह की ज़रूरत थी. मैंने यहाँ इस स्कूल में पनाह ले ली, जिसके कमरों में बहुत कम जगह बची हुई है, और जब बारिश होती है तो हमें खड़े-खड़े ही सोना पड़ता है.”

मानवीय सहायता प्रयास

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन एजेंसी और हेती की सरकार मिलकर, एक आश्रय समूह को सक्रिय बनाने के लिए नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें सरकारी सेवा प्रदाता, यूएन एजेंसियाँ, और स्थानीय व अन्तरराष्ट्रीय ग़ैर-सरकारी संगठन शामिल हैं.

इस आश्रय समूह के साझीदार, ज़रूरतमन्द लोगों में कम्बल, चटाई, जल भंडारण बर्तन, आपदा आश्रय किटें, और किचन में काम आने वाला सामान, 70 हज़ार लोगों तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं.

कुल मिलाकर, विस्थापित लोगों को आश्रय देने वाले 53 सामूहिक केन्द्रों को उपकरण व मरम्मत सहायता मिलेगी, और मेज़बान समुदायों के साथ रहने वाले लगभग एक लाख 30 हज़ार लोगों को नक़दी सहायता दी जाएगी.