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यूएन मानवाधिकार परिषद के लिए 15 सदस्य देशों का चुनाव

यूएन महासभा में मानवाधिकार परिषद की सदस्यता के लिए मतदान.
UN Photo/Loey Felipe
यूएन महासभा में मानवाधिकार परिषद की सदस्यता के लिए मतदान.

यूएन मानवाधिकार परिषद के लिए 15 सदस्य देशों का चुनाव

यूएन मामले

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यूएन मानवाधिकार परिषद में 2024-2026 कार्यकाल की सदस्यता के लिए 15 देशों का चुनाव किया है, जिनमें से पाँच देशों को मानवाधिकार परिषद में उनके दूसरे कार्यकाल के लिए चुना गया है.

पेरू और रूसी महासंघ, मानवाधिकार परिषद में अपनी जगह बनाने में विफल रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र के लिए अध्यक्ष डेनिस फ़्रांसिस ने मंगलवार को मतपत्रों की गिनती के बाद चुनाव परिणाम की घोषणा की. 

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निम्न देशों को मानवाधिकार परिषद में तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना गया है, जोकि 1 जनवरी 2024 में आरम्भ होगा:

अल्बानिया, ब्राज़ील, बुलगारिया, बुरुंडी, चीन, आइवरी कोस्ट, क्यूबा, डोमिनिकन रिपब्लिक, फ़्राँस, घाना, इंडोनेशिया, जापान, कुवैत, मलावी, नैदरलैंड्स.

इनमें से चीन, आइवरी कोस्ट, क्यूबा, फ़्राँस और मलावी को उनके दूसरे कार्यकाल के लिए फिर चुना गया है.

मानवाधिकार परिषद

यह परिषद, मानवाधिकारों के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की मुख्य संस्था है, जिसका दायित्व विश्व भर में बुनियादी अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना है.

इसे वर्ष 2006 में स्थापित किया गया था, और इसमें 47 सदस्य देश हैं, जिनका चुनाव यूएन महासभा के सदस्यों द्वारा गोपनीय मतदान के ज़रिये किया जाता है.

मानवाधिकार परिषद के सदस्य देश, तीन वर्ष की अवधि के लिये चुने जाते हैं और सदस्य देश, दो सिलसिलेवार कार्यकाल पूरा करने के तत्काल बाद, फिर से चुनाव के लिये उम्मीदवारी पेश नहीं कर सकते हैं.

न्यायसंगत प्रतिनिधित्व के लिए परिषद में देशों की सदस्यता, भौगोलिक आधार पर तय की गई हैं, जिनके लिए चुनाव देशों के क्षेत्रीय समूहों के आधार पर होता है.  

क्षेत्रीय आधार पर सीटों का वितरण:

अफ़्रीकी समूह: 13 सीट

एशिया-प्रशान्त समूह: 13 सीट

लातिन अमेरिका व कैरीबियाई समूह: 8 सीट

पश्चिमी योरोपीय व अन्य समूह: 7 सीट 

पूर्वी योरोपीय समूह: 6 सीट