वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

अफ़ग़ानिस्तान: भूकम्प के बाद मानवीय राहत कार्यों में तेज़ी, 500 अब भी लापता

अफ़ग़ानिस्तान में भूकम्प से क्षतिग्रस्त एक इलाक़े में बचावकर्मी नुक़सान का आकलन कर रहे हैं.
© WFP
अफ़ग़ानिस्तान में भूकम्प से क्षतिग्रस्त एक इलाक़े में बचावकर्मी नुक़सान का आकलन कर रहे हैं.

अफ़ग़ानिस्तान: भूकम्प के बाद मानवीय राहत कार्यों में तेज़ी, 500 अब भी लापता

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसियों ने मंगलवार को बताया कि पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान के हेरात प्रान्त में शनिवार को आए भूकम्प से सर्वाधिक प्रभावित इलाक़ों में अब भी 500 लोग लापता बताए गए हैं. 

रिक्टर पैमाने पर इस भूकम्प की तीव्रता 6.3 आंकी गई और इसका केन्द्र ज़िन्दाजान ज़िले में बताया गया है.

मानवीय राहत मामलों में संयोजन के लिए यूएन कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार, अब तक एक हज़ार 300 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और डेढ़ हज़ार से अधिक लोग घायल हुए हैं. 

ज़मीनी स्तर पर राहत कार्य में जुटी एजेंसियों के अनुसा कुछ भूकम्प प्रभावित इलाक़ों में पूरे गाँव ही ध्वस्त हो गए हैं. एक अनुमान के अनुसार, हेरात प्रान्त के पाँच ज़िलों में इस आपदा से 12 हज़ार से अधिक लोग, यानि एक हज़ार 700 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं.

Tweet URL

यूएन एजेंसी के प्रवक्ता येन्स लार्क ने मंगलवार को जिनीवा से जानकारी देते हुए बताया कि भूकम्प प्रभावितों का यह आँकड़ा और बढ़ने की आशंका है.

भूकम्प के सिलसिलेवार झटके बाद में भी महसूस किए गए, और मंगलवार को 5.1 की तीव्रता वाला झटका दर्ज किया गया, जिससे हालात बद से बदतर हो गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) के प्रवक्ता विलियम स्पिन्डलर ने कहा है कि बड़े पैमाने पर हुए नुक़सान और सदमे से जूझ रहे लोगों के बीच, तलाश एवं बचाव दल सबसे प्रभावितों के लिए भोजन व आश्रय की व्यवस्था कर रहे हैं. 

बड़ी संख्या में लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया है और सर्दी के मौसम से ठीक पहले आई इस आपदा के कारण उन्हें गर्म कपड़ों की आवश्यकता होगी. 

यूएन एजेंसी प्रवक्ता ने बताया कि भूकम्प आने के बाद से अब तक कई परिवारों को गर्म भोजन नहीं मिल पाया है.

स्वास्थ्य सेवाएँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रवक्ता तारेक यासरेविच के अनुसार, फ़िलहाल उनके संगठन का ध्यान घायलों के जीवन की रक्षा करना और उन तक मानवीय राहत पहुँचाना है, जिसमें स्वास्थ्य सेवा भी है.

“महिलाएँ, बच्चे और संवेदनशील हालात में जीवन गुज़ार रही आबादियाँ इस भूकम्प से गम्भीर रूप से प्रभावित हुई हैं.”

उन्होंने कहा कि देश में महिला स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी भेदभाव के मरीज़ों की देखभाल करने का काम जारी रखा है.

यूएन एजेंसी प्रवक्ता ने बताया कि अब तक हेरात के क्षेत्रीय अस्पताल में 650 घायल मरीज़ों के उपचार के लिए आपूर्ति की व्यवस्था की गई है. 

इसके अलावा, 25 मीट्रिक टन चिकित्सा सामग्री व दवाओं को हेरात भेजा गया है. 54 सचल स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित इलाक़ों में तैनात किया गया है, और 12 ऐम्बुलेंस को ज़िन्दाजान व ग़ोरियन ज़िलों के लिए रवाना किया गया है. 

यूनीसेफ़ कर्मचारी, हेरात प्रान्त के करिनाल गाँव में भूकम्प से हुई क्षति का आकलन कर रहे हैं.
© UNICEF/Rebecca Phwitiko
यूनीसेफ़ कर्मचारी, हेरात प्रान्त के करिनाल गाँव में भूकम्प से हुई क्षति का आकलन कर रहे हैं.

बीमारियाँ फैलने का जोखिम

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रवक्ता ने आगाह किया है कि इस आपदा से हुए विस्थापन के कारण स्वास्थ्य जोखिम भी उपजे हैं, जिनमें ख़सरा, श्वसन तंत्र सम्बन्धी रोग समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का ख़तरा है.

उन्होंने आग्रह किया है बीमारियों के फैलने की आशंका को देखकर पहले से ही पुख़्ता तैयारियाँ की जानी होंगी, और भूकम्प आपदा में जीवित बच गए लोगों को मनोचिकित्सा सहायता प्रदान करने की आवश्यकता होगी. 

यूएन एजेंसी प्रवक्ता येन्स लार्क के अनुसार तलाश एवं बचाव प्रयासों में अन्तरराष्ट्रीय साझेदारों के समर्थन की आवश्यकता है. 8 अक्टूबर तक हेरात प्रान्त के सात अस्पतालों में 550 गम्भीर और अति गम्भीर घायलों को भर्ती कराया गया है. 

ज़रूरतमन्दों के लिए आपात आश्रय के साथ-साथ सर्दी के मौसम में गुज़ारे, ग़ैर-खाद्य वस्तुओं जैसेकि कम्बल, कपड़े, बर्तन के अलावा पेयजल और शौचालयों की व्यवस्था अहम होगी. 

साथ ही, भूकम्प प्रभावितों के लिए खाद्य सहायता व संरक्षण सेवाओं के प्रबन्धन को प्राथमिकता बताया गया है.