भारत: रोज़गार अवसरों तक पहुँच आसान करने के लिए यूनीसेफ़ का 'यूथहब'
भारत में यूनीसेफ़ ने भागीदारों के साथ मिलकर, यूथहब नामक एक नया ऐप जारी किया है, जिसका मक़सद कमज़ोर वर्ग के युवाओं को रोज़गार व कौशल के अवसरों तक पहुँच हासिल कराना है. यूनीसेफ़ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसैल ने, अपनी हाल ही की भारत यात्रा के दौरान, इस डिजिटल मंच का उदघाटन किया.
यूनीसेफ़ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसैल ने युवजन, विशेषकर लड़कियों और कमज़ोर वर्ग के युवाओं को भविष्य में रोज़गार के अवसरों से जोड़ने के लिए, इस अभिनव डिजिटल यूथहब ऐप का शुभारम्भ किया.
कार्यक्रम में भारत में यूनीसेफ़ के सदभावना दूत, अभिनेता आयुष्मान खुराना, सरकारी अधिकारी व निजी क्षेत्र के लोग एवं युवजन शामिल हुए. यूनीसेफ़, पीडब्ल्यूसी इंडिया, कैपजेमिनी और CIFF में YuWaah द्वारा सह-निर्मित इस ऐप का उद्देश्य, युवाओं को रोज़ागर, कौशल और स्वयंसेवी अवसरों से जोड़ना है, ख़ासतौर पर हाशिए पर धकेले हुए वर्ग के लड़कियों और युवाओं के लिए.
पिछले सप्ताह जारी किए गए इसके पहले चरण में, यूथहब ऐप - Google Playstore के ज़रिए उपलब्ध होगा. यह एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करते हुए, नौ भारतीय भाषाओं में समग्र रोज़गार के अवसरों तक मुफ़्त पहुँच सक्षम करेगा, जिससे युवाओं की रोज़गार खोजने की प्रक्रिया सरल हो सके.
डिजिटल यूथहब एक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में कार्य करता है. प्रौद्योगिकी और नवाचार का संगम, यूथहब एक 'वन-स्टॉप' ऐप्लिकेशन है जो विभिन्न मंचों, उपकरणों और संसाधनों को एकीकृत करके, युवजन के लिए विभिन्न आर्थिक अवसरों संगठित करता है.
यूथहब का उदघाटन सूचित और कुशल युवाओं की एक पीढ़ी का निर्माण करने हेतु सार्वजनिक, निजी और युवा भागीदारों को एकजुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम है.
इस अवसर पर यूनीसेफ़ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसैल ने कहा, “बच्चों और युवाओं में निवेश, सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य बनाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है."
"यूथहब जैसी सहयोगात्मक पहलें, असमानताएँ कम करने और यह सुनिश्चित करने का एक अच्छा उपाय हैं कि इसमें लड़कियाँ शामिल हों और भविष्य में उन्हें रोज़गार के अवसरों तक पहुँच हासिल हो. जब युवजन निर्णयात्मक प्रक्रिया में शामिल होते हैं, और जब उनकी आवाज़ सुनी जाती है तो उसका असर स्थाई होता है.”
वहीं बॉलीवुड अभिनेता और भारत में यूनीसेफ़ के राष्ट्रीय पैरोकार आयुष्मान खुराना ने कहा, “यूनीसेफ़ के राष्ट्रीय पैरोकार होने के नाते मुझे देश के बच्चों और युवाओं के जीवन, सपनों एवं बाधाओं से रूबरू होने का मौक़ा मिला है."
"वे हमारा भविष्य हैं, और यह सुनिश्चित करना कि उन्हें सफलता का उचित मौक़ा मिले, केवल एक विकल्प नहीं, हमारा कर्तव्य है. यूनीसेफ़ और भागीदारों द्वारा YuWaah का यूथहब ऐप, भारत के हर युवा के लिए सफलता की एक कुंजी समान है. यह केवल एक मंच नहीं है; यह एक सपनों का कारख़ाना है, जो आर्थिक, कौशल एवं स्वयंसेवी अवसरों के द्वार खोलता है.”
उन्होंने कहा, “उससे कहीं अधिक यह आशा और विश्वास का प्रतीक है. प्रत्येक युवा, चाहे उनका लिंग या पृष्ठभूमि कुछ भी हो, महानता के हक़दार हैं. और हम सर्जजन के लिए समान अवसरों के साथ शुरुआत करते हैं. यही विचार यूथहब ऐप, युवजन तक पहुँचाएगा.''
कैथरीन रसैल ने इसके अलावा अपनी भारत यात्रा के दौरान, सरकारी अधिकारियों, निजी क्षेत्र के सदस्यों के साथ-साथ युवाओं, बच्चों व भारत में अग्रिम पंक्ति के सामुदायिक कार्यकर्ताओं से भी मुलाक़ात की और एसडीजी के विभिन्न आयामों पर चर्चा की.