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मौसम-सम्बन्धी आपदाओं से, 6 वर्ष में 4.31 करोड़ बच्चे विस्थापित

चाड में प्रवेश करने के बाद सूडान के शरणार्थियों का एक समूह एक पेड़ के नीचे आराम करता हुए.
© UNICEF/Donaig Le Du
चाड में प्रवेश करने के बाद सूडान के शरणार्थियों का एक समूह एक पेड़ के नीचे आराम करता हुए.

मौसम-सम्बन्धी आपदाओं से, 6 वर्ष में 4.31 करोड़ बच्चे विस्थापित

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – UNICEF शुक्रवार को कहा है कि मौसम सम्बन्धी आपदाओं ने, पिछले छह वर्षों के दौरान, 44 देशों में लगभग, 4 करोड़ 31 लाख बच्चों को जबरन विस्थापित किया है.

ये संख्या औसतन हर दिन, लगभग 20 हज़ार बच्चों के विस्थापित होने के बराबर है.

ये आँकड़े यूनीसेफ़ की नवीनतम रिपोर्ट में प्रस्तुत किए गए हैं जिसका नाम है - Children Displaced in a Changing Climate.

यह रिपोर्ट, बाढ़ों, सूखा स्थितियों और विशाल जंगली आगों द्वारा बच्चों के जबरन विस्थापन का, प्रथम वैश्विक विश्लेषण करती है. रिपोर्ट में अगले तीन दशकों के लिए भी रुझानों का अनुमान पेश किया गया है.

यूनीसेफ़ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसैल ने, इस संकट के दायरे के बारे में कुछ अनुमान पेश करते हुए कहा, “यह किसी भी बच्चे के लिए बहुत भयावह होता है जब कोई भीषण आग, तूफ़ान या बाढ़ों की तबाही, उनके समुदाय में दाख़िल होते हैं.”

कैथरीन रसैल ने कहा, “जिन्हें अपने मूल स्थान छोड़ने के लिए विवश होना पड़ता है, उनके लिए भय और प्रभाव, विशेष रूप से विनाशकारी साबित हो सकते हैं. उनमें ये चिन्ता व्याप्त होती है कि वो कभी अपने घरों को वापिस लौट पाएंगे, क्या उनकी स्कूली शिक्षा फिर शुरू हो पाएगी, या क्या उन्हें फिर से तो विस्थापित नहीं होना पड़ेगा...”

उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन के प्रभाव जैसे-जैसे बढ़ रहे हैं, उनके साथ-साथ जलवायु जनित विस्थापन में भी वृद्धि होगी.”

यूनीसेफ़ प्रमुख ने समुदायों को इन आपदाओं का सामना करने में सक्षम बनाने, विस्थापन के जोखिम का सामना कर रहे बच्चों के संरक्षण, और पहले ही विस्थापित हो चुके लोगों को समर्थन देने के लिए, तत्काल कार्रवाई किए जाने की पुकार भी लगाई है.

विस्थापन की वजहें

बाल विस्थापन की संख्याओं के मामले में चीन और फ़िलीपीन्स का स्थान सबसे ऊपर है.

वर्ष 2016 से 2021 के दरम्यान बाल विस्थापन की कुल दर्ज संख्या में, बाढ़ों और तूफ़ानों के कारण विस्थापित हुए बच्चों की संख्या लगभग 4 करोड़ 9 लाख थी, जोकि कुल विस्थापित बच्चों की लगभग 95 प्रतिशत है. 

सूखे के कारण लगभग 13 लाख बच्चे, अपने देशो के भीतर ही विस्थापित हुए, जिनमें सोमालिया का स्थान सबसे ऊपर था.

जंगली आगों के कारण क़रीब 8 लाख 10 हज़ार बच्चे विस्थापित हुए, जिनमें से लगभग एक तिहाई संख्या केवल वर्ष 2020 में हुई. और ये विस्थापन मुख्य रूप से कैनेडा, इसराइल व संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ.

कार्रवाई की पुकार

यूनीसेफ़ ने, नवम्बर 2023 में होने वाले जलवायु सम्मेलन – कॉप28 के मद्देनज़र, देशों की सरकारों, विकास साझीदारों और निजी सैक्टर से, ऐसे बच्चों और किशोरों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है, जो भविष्य में विस्थापन के जोखिम का सामना कर रहे हैं.

कैथरीन रसैल ने कहा, “बच्चों के लिए इस बढ़ते संकट का सामना करने के लिए, हमारे पास उपकरण और ज्ञान मौजूद है, मगर हम बहुत धीमी कार्रवाई कर रहे हैं...”