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काराबाख़ संकट में यूएन टीमें सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय

आर्मीनिया के गॉरिस क़स्बे में पहुँचते हुए शरणार्थी जन.
© WHO/Nazik Armenakyan
आर्मीनिया के गॉरिस क़स्बे में पहुँचते हुए शरणार्थी जन.

काराबाख़ संकट में यूएन टीमें सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय

प्रवासी और शरणार्थी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीमें, आर्मीनिया के गॉरिस क़स्बे में धरातल पर रहकर, वहाँ पहुँचने वाले शरणार्थियों की मदद कर रही हैं. ये टीमें साथ ही, पिछले सप्ताह काराबाख़ से लोगों के पलायन के दौरान एक ईंधन भंडारण में हुए विस्फोट से ज़ख़्मी हुए लोगों को भी चिकित्सा सहायता मुहैया करा रही हैं.

गत सोमवार को हुए इस विस्फोट में 170 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 200 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे. कुछ घायल लोगों को बहुत गम्भीर ज़ख़्म पहुँचे हैं और उनकी हालत गम्भीर बताई गई है. ये ईंधन भंडार उस रास्ते पर स्थिति है जो आर्मीनिया पहुँचने वाले शरणार्थी ले रहे हैं.

‘हृदय विदारक’ दृश्य

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के विशेष दूत रॉब बटलर ने आर्मीनिया की राजधानी येरेवान के अस्पताल में इन लोगों के उपचार के लिए बनाए गए एक चिकित्सा केन्द्र का दौरा करने के बाद, घायलों की तकलीफ़ों को, ‘हृदय विदारक’ बताया.

स्वास्थ्य संगठन विशेषीकृत चिकित्सा सहायता मुहैया कराने के लिए अन्तरराष्ट्रीय समर्थन को भी सक्रिय कर रहा है. साथ ही, तात्कालिक और दीर्घकालीन पुनर्वास के उपायों का भी आकलन किया जा रहा है.

समन्वित यूएन प्रयास

विश्व स्वास्थ्य संगठन, विस्फोट से लगी आग के पीड़ितों को सहायता मुहैया कराने के साथ-साथ, शरणार्थियों को भी स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया करा रहा है, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक समर्थन भी हासिल है.

नवीनतम अनुमानों के अनुसार, लगभग एक लाख शरणार्थी, सीमा पार करके आर्मीनिया के भीतर पहुँच चुके हैं. 

ऑर्मीनिया के सीमावर्ती क़स्बे गॉरिस में शरणार्थी जन.
© WHO/Nazik Armenakyan

यूएन टीमें, स्थानीय अधिकारियों और साझीदारों के साथ काम करते हुए, धरातल पर शरणार्थियों को मदद मुहैया करा रही हैं.

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने गॉरिस में बच्चों के लिए एक सुरक्षित स्थान स्थापित किया है, जहाँ हर दिन लगभग 300 बच्चों और उनके अभिभावकों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

संयुक्त राष्ट्र आपात खाद्य सहायता एजेंसी - विश्व खाद्य कार्यक्रम -WFP, लोगों को ताज़ा पके हुए भोजन के साथ-साथ, भोजन के तैयारशुदा पैकेट और कार्ड मुहैया करा रही है.

उधर यूएन शरणार्थी एजेंसी – UNHCR, शरणार्थियों के पंजीकरण में सहायता के लिए, सरकार को तकनीकी उपकरण मुहैया करा रही है, जिनमें लैपटॉप वग़ैरा शामिल हैं.

शरणार्थी एजेंसी, शरणार्थियों के लिए बिस्तर वग़ैरा भी मुहैया करा रही है.