वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

जी20: सर्वसम्मति से पारित 'नई दिल्ली घोषणा-पत्र', 'कारगर नेतृत्व का उदाहरण'

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार को नई दिल्ली में जी20 समूह की बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात की.
G20 India
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार को नई दिल्ली में जी20 समूह की बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात की.

जी20: सर्वसम्मति से पारित 'नई दिल्ली घोषणा-पत्र', 'कारगर नेतृत्व का उदाहरण'

आर्थिक विकास

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की राजधानी नई दिल्ली में शनिवार को जी20 समूह के नेताओं द्वारा, 'नई दिल्ली घोषणा-पत्र' को सर्वसहमति से पारित किए जाने का स्वागत किया है, और उसे वैश्विक विभाजनों के दौर में प्रभावशाली नेतृत्व का एक उदाहरण क़रार दिया है.

विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता, जी20 समूह की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली में एकत्र हुए हैं, जहाँ 9-10 सितम्बर को यह बैठक हो रही है, और जिसकी थीम है: एक पृथ्वी, एक कुटम्ब, एक भविष्य.

शनिवार दोपहर इस घोषणापत्र को सर्वसहमति से पारित कर दिया गया, जिसमें जलवायु परिवर्तन से लेकर हरित प्रगति, लैंगिक समानता और आतंकवाद के मुक़ाबले समेत अन्य अहम मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित किया गया है. 

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने विशेष रूप से इस घोषणापत्र की भाषा का स्वागत किया है, जिसमें टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर प्रगति की रफ़्तार में तेज़ी लाने पर बल दिया गया है.

Tweet URL

“हमें इस [घोषणापत्र] में व्यक्त किए गए संकल्पों को पढ़कर विशेष रूप से प्रसन्नता हुई है कि यदि हमें इन लक्ष्यों को उनकी समयसीमा 2030 तक हासिल करने के नज़दीक पहुँचना है, तो हमें किस तरह इन लक्ष्यों में फिर से स्फूर्ति और फिर से निवेश करना है.”

यूएन प्रवक्ता ने ज़ोर देकर कहा कि लम्बी वार्ताओं के बाद इस घोषणापत्र को सर्वमत से पारित किया गया है, विशेष रूप से वैश्विक ध्रुवीकरण के इस युग में. 

महासचिव गुटेरेश के अनुसार यह जी20 समूह के अध्यक्ष देश भारत द्वारा किए गए प्रयासों को रेखांकित करता है.

भारत की भूमिका

“यह वैश्विक दक्षिण और विकासशील देशों के नेता के तौर पर भारत की भूमिका को भी परिलक्षित करता है. यह राजनैतिक और भौगोलिक दृष्टि से, पुलों का निर्माण करने वाले [देश] के तौर पर भारत की क्षमताओं को रेखांकित करता है.” 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जी20 समूह शिखर बैठक से पहले नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया कि वह यहाँ एक सरल, लेकिन ज़रूरी अपील के साथ आए हैं: मानवता के समक्ष मौजूद विशालतम चुनौतियों को सुलझाने के लिए एक साथ आना होगा.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जलवायु कार्रवाई और टिकाऊ विकास के मुद्दों पर वैश्विक नेतृत्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.

जलवायु कार्रवाई पर ज़ोर

इससे पहले, यूएन महासचिव ने शनिवार को जी20 शिखर बैठक के दौरान जलवायु और पर्यावरणीय मुद्दों पर केन्द्रित एक सत्र को सम्बोधित किया. 

उन्होंने विश्व नेताओं से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती लाने और जलवायु न्याय को समर्थन प्रदान करने के इरादे से और अधिक महत्वाकाँक्षा दर्शाने का आहवान किया.

यूएन महासचिव जी20 समूह की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ उनकी आगवानी भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव प्रकाश गुप्ता ने की.
UN India/Ruhani Kaur
यूएन महासचिव जी20 समूह की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ उनकी आगवानी भारत के विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव प्रकाश गुप्ता ने की.

ग़ौरतलब है कि जी20 समूह के सदस्य फ़िलहाल कुल 80 फ़ीसदी वैश्विक उत्सर्जनों के लिए ज़िम्मेदार हैं.

शिखर वार्ता के दौरान, जी20 के सदस्यों ने अफ़्रीकी संघ को अपने नवीनतम सदस्य के रूप में समूह में जगह दी, जिसका यूएन ने स्वागत किया है.

अफ़्रीकी संघ, नया सदस्य

यूएन प्रवक्ता ने बताया कि यह वैश्विक मंच पर अफ़्रीका के बढ़ते प्रभाव और अहमियत को परिलक्षित करता है. 

उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब मौजूदा अन्तरराष्ट्रीय बहुपक्षीय तंत्र का निर्माण हुआ, तो अफ़्रीका के अधिकाँश हिस्से पर औपनिवेशवादी शासन था, और उनके पास अपनी आवाज़ को सुनाने का कोई अवसर नहीं था.

यूएन प्रवक्ता के अनुसार जी20 समूह में अफ़्रीकी संघ को सदस्यता मिलना, उस असन्तुलन को दूर करने की दिशा में एक और क़दम है.