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पारस्परिक समझ को बढ़ावा देने में, ‘दक्षिणपूर्व एशिया की अहम भूमिका’

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आसियान समूह के साथ शिखर बैठक को सम्बोधित कर रहे हैं.
UN Indonesia/Lufty Ferdiansyah
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश, इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आसियान समूह के साथ शिखर बैठक को सम्बोधित कर रहे हैं.

पारस्परिक समझ को बढ़ावा देने में, ‘दक्षिणपूर्व एशिया की अहम भूमिका’

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सचेत किया है कि उभरते भूराजनैतिक तनावों के दौर में, दक्षिणपूर्व एशिया, पारस्परिक समझ के पुलों का निर्माण करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने गुरूवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्रों के समूह, आसियान और संयुक्त राष्ट्र के बीच शिखर बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी साझेदारी, पहले के समय की तुलना में कहीं अधिक अहम है. 

उनके अनुसार, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय एक परीक्षा से गुज़र रहा है – जलवायु आपात स्थिति से लेकर, जीवन-व्यापन की बढ़ती क़ीमतों, हिंसक टकरावों बढ़ती निर्धनता, भूख और विषमताओं तक.

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महासचिव गुटेरेश ने आगाह किया कि एक बहुध्रुवीय जगत आकार ले रहा है, जिसमें दरार बढ़ती जा रही है, जिसके मद्देनज़र, आसियान समूह की पुल-निर्माण भूमिका की आवश्यकता है.

साथ ही, समता, एकजुटता और सार्वभौमिकता पर आधारित मज़बूत बहुपक्षीय संस्थाओं की भी ज़रूरत है.

उन्होंने बहुपक्षीय समाधानों को अपना स्फूर्त समर्थन प्रदान करने के लिए आसियान समूह के 10 राष्ट्रों का आभार प्रकट किया.

आसियान देशों से पाँच हज़ार शान्तिरक्षकों को यूएन अभियानों में तैनात किया गया है और क्षेत्र के लिए वर्ष 2045 के दृष्टिगत, एक सामुदायिक दूरदृष्टि योजना को आकार दिया जा रहा है.

महासचिव गुटेरेश के अनुसार, आसियान समूह सम्वाद के लिए प्रतिबद्ध है और हिंसक टकरावों की रोकथाम में उसका अनुभव, स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है.

यूएन प्रमुख ने कोरियाई प्रायद्वीप से लेकर दक्षिणी चीन सागर तक, सभी मुद्दों पर अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप सृजनात्मक कूटनैतिक प्रयासों के लिए सदस्य देशों की प्रशंसा की.

म्याँमार में धूमिल हुई आशाएँ

यूएन प्रमुख ने म्याँमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद उपजे संकट का उल्लेख किया, जहाँ फ़रवरी 2021 में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार को सत्ता से बेदख़ल कर दिया गया था. 

राष्ट्रीय नेता आंग सान सू ची और अन्य बड़े नेता अब भी जेल में बन्द हैं.

यूएन प्रमुख ने कहा, “बर्बर हिंसा, बद से बदतर होती निर्धनता, और व्यवस्थागत दमन से लोकतंत्र की वापसी की आशाएँ चकनाचूर हो रही हैं.”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मौजूदा हालात इस तरह से जारी नहीं रह सकते हैं.

“10 लाख से अधिक रोहिंज्या बांग्लादेश में हैं, विश्व के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर में. और यह दुखद है कि उनकी सुरक्षित, स्वैच्छिक और गरिमामय वापसी के लिए परिस्थितियाँ अभी तक नज़र में नहीं हैं. और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है.”

महासचिव गुटेरेश ने आसियान समूह के सैद्धान्तिक रुख़ की सराहना करते हुए, म्याँमार में पीड़ा का अन्त करने के लिए एकजुट रणनीति अपनाए जाने की पुकार लगाई है.

“म्याँमार में सैन्य प्रशासन से मेरा स्पष्ट आग्रह है: हिरासत में रखे गए सभी नेताओं व राजनैतिक बन्दियों को रिहा करें; लोकतांत्रिक शासन की पूर्ण बहाली के लिए दरवाज़ों को खोलें.”

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जकार्ता में आसियान समूह के साथ शिखर बैठक के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से मुलाक़ात की.
UN Indonesia/Lufty Ferdiansyah
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने जकार्ता में आसियान समूह के साथ शिखर बैठक के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से मुलाक़ात की.

जलवायु संकट

यूएन प्रमुख ने आगाह किया कि मानव-जनित जलवायु संकट, पृथ्वी पर एक प्रहार है. उन्होंने ध्यान ध्यान दिलाया कि आसियान देश, विश्व में जैवविविधता में सबसे धनी देशों में हैं, मगर प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से सम्वेनशील हैं. 

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बदतरीन प्रभावों को सीमित करने और 2015 पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को साकार करने के लिए अब भी समय है.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि सतत, न्यायसंगत, समावेशी और समतापूर्ण ढंग से, ऊर्जा स्रोतों में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने में, आसियान की एक अनूठी भूमिका है.

उन्होंने कहा कि अधिक महत्वाकाँक्षा के साथ, पहले से कहीं अधिक समर्थन की भी दरकार होगी, और विकसित देशों को, विकासशील देशों के साथ किए गए अपने संकल्पों का सम्मान करना होगा.

यूएन प्रमुख ने कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों को साकार करने के लिए दक्षिणपूर्व एशिया में विशाल स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है, और प्रति वर्ष 500 अरब डॉलर का एसडीजी पैकेज अहम होगा.

उन्होंने राजधानी जकार्ता में इसके बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि सर्वजन के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण के इरादे से सभी मोर्चों पर सहयोग किया जाना होगा.