ILO: शिष्ट एवं उपयुक्त कामकाज के लक्ष्य को, जी20 समूह का समर्थन
भारत में जी20 समूह की आगामी शिखर बैठक से ठीक पहले, संस्कृति मंत्रियों ने एक निष्कर्ष दस्तावेज़ पारित करके, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों में शिष्ट एवं उपयुक्त कामकाज के लिए अपना समर्थन दोहराया है. इसमें अन्तरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन, कौशल प्रशिक्षण, प्रभावी सामाजिक सुरक्षा और आपसी सम्वाद की बहाली समेत अन्य पहलुओं पर ध्यान दिया गया है.
भारत में अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने, संस्कृति और टिकाऊ विकास पर जी20 समूह के संस्कृति मंत्रियों के ‘निष्कर्ष दस्तावेज़’ का स्वागत करते हुए, वर्तमान व भविष्य की सांस्कृतिक नीतियों में सभ्य कामकाज के लक्ष्यों को एकीकृत करने का आहवान किया.
भारत में ILO कार्यालय के उप निदेशक, सातोशी सासाकी ने बैठक को सम्बोधित करते हुए, सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में शिष्ट एवं उपयुक्त कामकाज और समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाली नीतियों के लिए मंत्रियों के समर्थन की सराहना की.
समापन निष्कर्ष दस्तावेज़ में जिन उपायों पर प्रकाश डाला गया, उनमें अन्तरराष्ट्रीय श्रम मानकों के अनुरूप मज़बूत सहयोग और सम्वाद, पर्याप्त पारिश्रमिक प्रणालियों का विकास एवं क्षेत्र में उपयुक्त तथा व्यापक सामाजिक सुरक्षा, और औपचारिक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के लिए समर्थन शामिल है.
सातोशी सासाकी ने कहा, "आईएलओ, नैतिक, क़ानूनी और तकनीकी विचारों को आगे बढ़ाने की दिशा में मज़बूत सहयोग के आहवान का दृढ़ता से समर्थन करता है, जिससे संस्कृति को अधिक न्यायपूर्ण डिजिटल वातावरण, बौद्धिक सम्पदा की सुरक्षा, पारदर्शिता व उपयोग के लिए सहमति के अधिकार जैसे मुद्दों को सम्बोधित किया जा सके."
"आईएलओ, वर्तमान व भावी सांस्कृतिक नीतियों में शिष्ट एवं उपयुक्त कामकाज लक्ष्यों के एकीकरण को सुनिश्चित करने के लिए, जी20 सदस्य देशों एवं संस्कृति मंत्रियों को सहयोग देने के लिए तत्पर है."
उन्होंने कहा, "आइए, हम उचित पारिश्रमिक, पर्याप्त और व्यापक सामाजिक सुरक्षा कवरेज को बढ़ावा देने के लिए एकजुट हों, और डिजिटल वातावरण के न्यायपूर्ण बदलाव के प्रयास करें, ताकि यह क्षेत्र अधिक समावेशी एवं समृद्ध विश्व की दिशा में योगदान दे सके."
बैठक के ‘परिणाम दस्तावेज़’ में ख़ासतौर पर महिलाओं, युवजन, हाशिए पर धकेले कमज़ोर वर्गों के लिए, कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और आजीवन सीखने के अवसरों में अधिक निवेश का भी आहवान किया गया है.
यह परिणाम दस्तावेज़, 26 अगस्त 2023 को भारत के वाराणसी शहर में हुई मंत्रियों की बैठक के समापन पर जारी किया गया. वर्तमान में भारत, जी20 समूह का अध्यक्ष देश है.
संस्कृति मंत्रियों की इस बैठक के निष्कर्ष को, 9-10 सितम्बर 2023 के बीच नई दिल्ली में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल किया जाएगा.