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बग़दाद धमाके के दो दशक बाद, बढ़ते जोखिमों के बीच, मानवतावादियों की रक्षा के प्रयास

इराक़ की राजधानी बग़दाद में 20 वर्ष पहले एक आत्मघाती बम हमले में अपनी जान गँवाने वाले यूएन कर्मचारियों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई.
UN Photo/Loey Felipe
इराक़ की राजधानी बग़दाद में 20 वर्ष पहले एक आत्मघाती बम हमले में अपनी जान गँवाने वाले यूएन कर्मचारियों को श्रृद्धांजलि अर्पित की गई.

बग़दाद धमाके के दो दशक बाद, बढ़ते जोखिमों के बीच, मानवतावादियों की रक्षा के प्रयास

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र ने 20 वर्ष पहले इराक़ की राजधानी बग़दाद स्थित यूएन मुख्यालय में एक आत्मघाती बम हमले में अपनी जान गँवाने वाले कर्मचारियों को शुक्रवार को श्रृद्धासुमन अर्पित किए हैं. कैनाल होटल में बम विस्फोट की इस घटना को संगठन के इतिहास के एक काले अध्याय के रूप में देखा जाता है.

‘विश्व मानवतावादी दिवस’ की पूर्वसंध्या पर शुक्रवार को न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में अपना सर्वोच्च बलिदान करने वाले कर्मचारियों को श्रृद्धांजलि दी गई. 

वर्ष 2003 में बग़दाद के कैनाल होटल में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरे एक ट्रक को इराक़ के यूएन मुख्यालय तक ले जाकर धमाका कर दिया.

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इस बम धमाके में जान गँवाने वाले कर्मचारियों में तत्कालीन यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त सर्गियो वीयेरा डीमैलो और देश में मिशन प्रमुख भी थे. 

हमले में 150 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें अधिकाँश स्थानीय व अन्तरराष्ट्रीय मानवीय राहतकर्मी थे, जो पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाए जाने के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में जुटे थे.

वर्ष 2009 के बाद से, इस घटना के पीड़ितों की स्मृति में यह दिवस हर वर्ष 19 अगस्त को मनाया जाता है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विश्व मानवतावादी दिवस पर अपने सन्देश में ध्यान दिलाया कि इस त्रासदी के बाद मानवीय सहायताकर्मियों के कामकाज के तौर-तरीक़ों में बदलाव आया. 

उनके अनुसार, मानवतावादियों का विश्व भर में सम्मान है, मगर उन्हें ऐसे लोगों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है, जोकि उन्हें नुक़सान पहुँचाने की मंशा रखते हैं.

संकट और जोखिम

इस वर्ष, संयुक्त राष्ट्र और साझेदार संगठन का लक्ष्य हिंसक टकरावों और अन्य संकटों में फँसे 25 करोड़ लोगों तक पहुँचना है.

कैनाल होटल में बम विस्फोट के समय मानवीय ज़रूरतमन्दों की संख्या की तुलना में यह आँकड़ा 10 गुना अधिक है, जबकि मानवीय सहायता धनराशि में कमी से जूझना पड़ रहा है.

महासचिव ने कहा कि संकट निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं और इन हालात में यह अस्वीकार्य है कि मानवतावादियों को लाखों ज़रूरतमन्दों की सहायता में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने आगाह किया कि मानवतावादियों के लिए जोखिम बढ़े हैं, जिनकी वजह बढ़ते भूराजनैतिक तनाव, अन्तरराष्ट्रीय मानव कल्याण और मानवाधिकार क़ानून के प्रति बेपरवाही, जानबूझकर किए जाने वाले हमले और दुस्सूचना अभियान हैं.

मानवतावादियों की रक्षा

पिछले वर्ष, 235 हमलों व हिंसा में 444 राहतकर्मी हिंसा का शिकार हुए, जिनमें 116 की मौत हुई, 143 घायल हुए और 185 का अपहरण कर लिया गया. इनमें से अधिकाँश ग़ैर-सरकारी संगठनों के साथ काम करने वाले स्थानीय कर्मचारी थे.

मानवीय सहायता मामलों के लिए यूएन प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने इस सप्ताह कहा कि विश्व मानवतावादी दिवस और कैनाल होटल में विस्फोट उनके और अन्य लोगों के लिए ऐसी मिश्रित भावनाओं का मौक़ा है, जिसे अभी तक भरा नहीं जा सका है.

अवर महासचिव ग्रिफ़िथ्स और यूएन में सुरक्षा मामलों के प्रमुख जाइल्स मिचॉड ने अपने एक लेख के ज़रिये ज़ोर देकर कहा कि विश्व भर में लोगों की रक्षा का दायित्व निभाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी होगी.

उन्होंने कहा कि कैनाल होटल में बम विस्फोट की घटना के बाद, यूएन कार्यालयों में सुरक्षा प्रबन्ध की तत्काल समीक्षा किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई और एक स्वतंत्र पैनल का गठन किया गया. 

इस आयोग ने सुरक्षा के लिए नए तौर-तरीक़ों की अहमियत को रेखांकित किया, ताकि बेहद जोखिम भरी परिस्थितियों में अभियान सम्बन्धी उद्देश्यों और कर्मचारियों की सुरक्षा के बीच सन्तुलन सुनिश्चित किया जा सके.

फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में बहुत से परिवारों को जीवित रहने के लिये मानवीय सहायता ज़रूरत है और क्षेत्र में सक्रिय यूएन सहायता एजेंसी UNRWA उन लोगों को खाद्य सामग्री के पैकेट मुहैया कराती है.
© UNRWA/Hussein Jaber
फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में बहुत से परिवारों को जीवित रहने के लिये मानवीय सहायता ज़रूरत है और क्षेत्र में सक्रिय यूएन सहायता एजेंसी UNRWA उन लोगों को खाद्य सामग्री के पैकेट मुहैया कराती है.

सहायता अभियानों के लिए सुरक्षा 

इस क्रम में, पैनल ने एक नई, पर्याप्त रूप से वित्त पोषित यूएन सुरक्षा प्रबन्धन व्यवस्था की अनुशन्सा की, जिसमें उच्चतम स्तर पर पेशेगत दायित्व, विशेषज्ञता और जवाबदेही का ध्यान रखा जाए. 

इसके परिणामस्वरूप, वर्ष 2005 में यूएन सुरक्षा व सलामती विभाग (UNDSS) का गठन किया गया, जिसमें यूएन में सुरक्षा मामलों के लिए सामूहिक रूप से प्रयास किए जाते हैं. 

यूएन अधिकारियों का कहना है कि मानवतावादियों के संकट प्रभावित आबादी तक सुरक्षित ढंग से पहुँचने के इन्तज़ाम किए जाने होंगे, और सुरक्षा उपायों को स्थानीय सन्दर्श व सम्वेदनशीलताओं के नज़रिये से तैयार करना होगा. 

इसके मद्देनज़र, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय समर्थन का आहवान किया है, ताकि मानवीय सहायताकर्मियों के लिए सम्मान, संरक्षण व समर्थन हेतु युद्धरत पक्षों को शिक्षित किया जा सके. 

इसका अर्थ है, हिंसक टकरावों के दौरान स्पष्टतापूर्वक और बिना किसी लाग-लपेट के, आम नागरिकों, ग़ैर-लड़ाकों और मानवीय सहायताकर्मियों पर प्रत्यक्ष या अंधाधुंध हमलों का अन्त होना और अन्तरराष्ट्रीय मानव कल्याण क़ानून के हनन मामलों को रोका जाना. 

इसके तहत, दुस्सूचना और भ्रामक जानकारी के प्रसार को भी रोका जाना होगा, जिनकी वजह से मानवीय सहायता अभियानों के दौरान राहतकर्मियों पर हमलों का जोखिम बढ़ जाता है.