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पारम्परिक व आधुनिक चिकित्सा का मिश्रण: तुर्कीये के एक चिकित्सक की कहानी

डॉक्टर कानत, आधुनिक व पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को मिलाकर, समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दे रहे हैं.
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डॉक्टर कानत, आधुनिक व पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों को मिलाकर, समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा दे रहे हैं.

पारम्परिक व आधुनिक चिकित्सा का मिश्रण: तुर्कीये के एक चिकित्सक की कहानी

स्वास्थ्य

तुर्कीये के इस्ताम्बूल शहर में एक ऐसे चिकित्सक की कहानीजिसने उपचार की खोज में, आधुनिक औषधि को पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ जोड़कर स्वास्थ्य देखभाल के अभूतपूर्व आयाम स्थापित किए हैं.

डॉक्टर कानत तायफुन का कहना है कि मरीज़ों की उचित देखभाल की उनकी लगन ने उन्हें यह पता लगाने के लिए प्रेरित किया कि पारम्परिक औषधि, किस तरह से आधुनिक औषधि की पूरक हो सकती है, जिससे सम्भवत: विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त हो सकते हैं.

पारम्परिक चिकित्सा, दरअसल विभिन्न संस्कृतियों में पीढ़ियों से अपनाए व आत्मसात किए गए ज्ञान, पद्धतियों व विश्वासों का एक पुलिन्दा है, जिसका उपयोग शारीरिक और मानसिक बीमारी की रोकथाम, निदान एवं उपचार के ज़रिए, सेहतमन्द रहने के लिए किया जाता रहा है.

पारम्परिक चिकित्सा की प्रभावशीलता के लिए आम तौर पर कम ही मज़बूत वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध हैं. विश्व स्तर पर कई लोग विशिष्ट उपचारों को प्रभावी मानते हैं, लेकिन कई मामलों में यह पूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान की बजाय, पारम्परिक उपयोग पर आधारित होता है. 

हालाँकि अब, पारम्परिक और आधुनिक चिकित्सा का एकीकरण, कई मोर्चों पर वैज्ञानिक अनुसंधान का विषय बनता जा रहा है.

डॉक्टर कानत तायफुन के अनुसार, चिकित्सा एकीकरण के सम्भावित लाभों का पता लगाने की उनकी कोशिशों को प्रोत्साहन तब मिला, जब तुर्कीये के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2014 में पारम्परिक एवं पूरक चिकित्सा पर एक क़ानून पेश किया. 

इस निर्णय ने पारम्परिक औषधि के 15 विविध उपसमूहों को प्रमाणित करने व देश की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में एकीकृत करने का मार्ग प्रशस्त किया.

बदलाव के प्रयास

इस अवसर का लाभ उठाते हुए, डॉक्टर कानत ने इन पारम्परिक उपचारों में से 13 में प्रमाणन प्राप्त किया, जिससे उनकी परिवर्तनकारी यात्रा की शुरूआत हुई. 

वह इस्ताम्बूल के मुख्य पारम्परिक व पूरक चिकित्सा क्लिनिक, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान अस्पताल में काम करते हैं. यहाँ वो रोगियों को एक्यूपंक्चर से लेकर संगीत चिकित्सा तक, उपचार की एक विविध श्रृँखला प्रदान करते हैं.

डॉक्टर कानत कहते हैं, "आधुनिक चिकित्सा तेज़ी से प्रयोगशाला और इमेजिंग के नतीजों पर निर्भर होती जा रही है. चिकित्सक रोगियों से दूर हो रहे हैं, और नई पीढ़ी, शारीरिक जाँच करना ज़रूरी नहीं समझती."

उनका कहना है कि रोगियों की देखभाल का उनका दृष्टिकोण, एकीकृत चिकित्सा की शक्ति का प्रमाण है. डॉक्टर कानत, चिकित्सा के अपने तौर-तरीक़ों को "पारम्परिक पद्धतियों के ज्ञान" के साथ "सर्वोत्तम पश्चिमी चिकित्सा" के तालमेल के रूप में वर्णित करते हैं. 

अपने मरीज़ों को सुनने, उनकी जाँच करने व उनके साथ समय निकालकर घनिष्ठता से बातचीत करने के लिए, वो पारम्परिक तरीक़ों का आधुनिक तकनीकों के साथ एकीकरण करते हैं.

डॉक्टर कानत बताते हैं, "समय की कमी के कारण, अधिकांश चिकित्सकों को अक्सर तसल्ली से शारीरिक जाँच करने का मौक़ा नहीं मिलता है. अपने क्लिनिक में, हम मरीज़ की बात सुनने, नोट्स लेने और उसकी हालत जानने व समझने पर ध्यान केन्द्रित करते हैं."

विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर ध्यान

डॉक्टर कानत का क्लिनिक, सभी तरह के मरीज़ों का स्वागत करता है, कुछ पुराने दर्द से परेशान हैं, तो कई अन्य ऑटोइम्यून विकारों से राहत चाहते हैं. उनके यहाँ मरीज़ों की बातों को सम्मानपूर्वक सुना जाता है, और इलाज के लिए व्यक्ति-विशेष उपायों की सुविधा मिलती है.

डॉक्टर कानत की कोशिशों की गूँज, उनके क्लिनिक की दीवारों से कहीं आगे तक पहुँच चुकी है. उन्होंने पारम्परिक औषधि की क्षमता पहचानते हुए, वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल पद्धतियों में पारम्परिक व पूरक चिकित्सा को एकीकृत करने पर एक रिपोर्ट तैयार करने में विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद भी की है.

डॉक्टर कानत के क्लीनिक और उनके रोगी-केन्द्रित दृष्टिकोण से, तुर्कीये के राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल कवरेज में पारम्परिक चिकित्सा के सम्भावित समावेश की चर्चा छिड़ गई है.

"क्लीनिक की लोकप्रियता, ज़्यादातर मुँह-ज़बानी ही फैली है. सकारात्मक परिणाम मिलने और देखभाल से सन्तुष्ट होने पर, मरीज़ अपने परिवार और दोस्तों को हमारे यहाँ आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.”

एक स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर के रूप में, डॉक्टर कानत प्राचीन पद्धतियों एवं आधुनिक विज्ञान के बीच का अन्तर पाटने में अपनी भूमिका स्पष्ट करते हैं. 

उनका कहना है कि करूणामय देखभाल और विविध उपचारों व दृष्टिकोणों के एकीकरण के ज़रिए, वह इस तालमेल की उपचार क्षमता को दर्शाने वाली एक अभूतपूर्व विरासत पीछे छोड़कर जाना चाहते हैं.