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यूएन प्रमुख वोल्कर टर्क की प्रथम इराक़ यात्रा सम्पन्न

वोल्कर टर्क ने, यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में, अगस्त 2023 में इराक़ की पहली यात्रा की है.
UN Human Rights
वोल्कर टर्क ने, यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त के रूप में, अगस्त 2023 में इराक़ की पहली यात्रा की है.

यूएन प्रमुख वोल्कर टर्क की प्रथम इराक़ यात्रा सम्पन्न

मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने इराक़ की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पूरी की है जिस दौरान उन्होंने अति महत्वपूर्ण मानवाधिकार चिन्ताओं, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और सुधारों की ज़रूरत को रेखांकित किया. उन्होंने देश के नेतृत्व से, वर्तमान में दरपेश चुनौतियों का मुक़ाबला करने में, इराक़ी लोगों के हितों से दिग्दर्शित होने का भी आहवान किया.

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने बुधवार को, इराक़ की अपनी चार दिन की यात्रा समाप्त करते हुए, देश के दक्षिणी इलाक़े में स्थित बसरा में, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आँखों देखा हाल बयान किया.

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सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों ने भी बसरा में प्रदूषण की समस्या को रेखांकित किया और स्वास्थ्य व पर्यावरणीय प्रभावों के बारे में पारदर्शिता का आहवान किया.

वोल्कर टर्क ने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का मुक़ाबला करने के लिए, सरकार के संकल्पों को भी रेखांकित किया और सरकार से, प्रभावित लोगों की सार्थक भागेदारी व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किए जाने का भी आग्रह किया.

मानवाधिकार चिन्ताएँ

यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने, इराक़ की ऐतिहासिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक सामूहिक प्रतिक्रिया की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया, जिनमें लोगों की जबरन गुमशुदगियाँ, उत्पीड़न, और सद्दाम हुसैन के शासनकाल में अन्य मानवाधिकार उल्लंघन शामिल हैं. 

साथ ही, वर्ष 2014 से 2017 के दरम्यान हुए मानवाधिकार उल्लंघन भी शामिल हैं, जब इराक़ के एक बड़े क्षेत्र में, चरमपंथी संगठन दाएश ने अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था.

उन्होंने कहा, “इस तरह के गम्भीर मानवाधिकार हनन को रोकने के लिए, दंडमुक्ति की समाप्ति ज़रूरी है, जिसका फ़ायदा अतीत में, मानवाधिकार हनन करने वाले उठाते रहे हैं.”

वोल्कर टर्क ने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने इराक़ सरकार और सिविल सोसायटी के साथ चर्चा की है.

महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता

यूएन मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) के अध्यक्ष वोल्कर टर्क ने महिला सशक्तिकरण की भूमिका और लैंगिक समता की महत्ता को भी रेखांकित किया. 

साथ ही सार्वभौमिक रूप से प्रयोग किए जा रहे इन शब्दों को प्रतिबन्धित करने के प्रयासों और इन मुद्दों पर काम करने वाली महिलाओं को धमकियाँ दिए जाने और उनका उत्पीड़न किए जाने पर चिन्ता भी व्यक्त की.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “देश के सामने दरपेश विशालकाय चुनौतियों को देखते हुए, इस तरह के मामलों का कोई तुक नहीं बनता. इन शब्दों का प्रयोग किसी भी संस्कृति, धर्म या परम्परा के विरुद्ध नहीं है.”

वोल्कर टर्क ने, इराक़ की विधायिका (संसद) में महिलाओं के लिए, 25 प्रतिशत स्थान आरक्षित किए जाने का स्वागत किया और निर्णय-निर्माण स्थानों पर, और ज़्यादा महिलाओं को शामिल किए जाने का आहवान किया.

उन्होंने साथ ही, महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा के ख़िलाफ़, क़ानून, नीति और समाज में और ज़्यादा सुरक्षा मुहैया कराए जाने का आहवान किया.

कैनाल होटल बमबारी की याद

यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने 20 वर्ष पहले राजधानी बग़दाद के कैनाल होटल में हुए एक आत्मघाती हमले का भी ज़िक्र किया जिसमें, संयुक्त राष्ट्र के 22 कर्मचारियों की मौत हो गई थी. मृतकों में तत्कालीन यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त सर्गियो वियेरा डी मैलो भी थे.

वोल्कर टर्क ने कहा, “ये ऐसे सहयोगी थे जो एक बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं में, इराक़ के लोगों की मदद करने और उन्हें सहारा देने की सदइच्छा के साथ, देश में काम करने के लिए पहुँचे थे. मैंने अपनी आँखों से देखा है कि आज भी वो आकांक्षाएँ, किस तरह ज़िन्दा हैं.”

यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने कहा, “मैं सत्ता और प्रभाव के पदों पर आसीन तमाम हस्तियों से, किसी भी अन्य चीज़ की परवाह किए बिना, इराक़ के हितों और मानवाधिकारों से प्रेरित होकर काम करने की पुकार लगाता हूँ.”

“साथ ही भ्रष्टाचार, भेदभाव, दंडमुक्ति, जलवायु परिवर्तन और दीर्घकालिक स्थिरता व शान्ति के रास्ते में बची बाधाओं का भी सामना करें.”