वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

मानव तस्करी से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की अपील

वेनेज़ुएला की इस महिला को त्रिनिदाद में एक शानदार रोज़गार का वादा देकर झाँसे में फाँसा गया, मगर उसके वहाँ पहुँचने के मिनटों बाद ही, एक वैन में बिठाकर किसी अज्ञात स्थान पर पहुँचा दिया गया.
IOM Port of Spain
वेनेज़ुएला की इस महिला को त्रिनिदाद में एक शानदार रोज़गार का वादा देकर झाँसे में फाँसा गया, मगर उसके वहाँ पहुँचने के मिनटों बाद ही, एक वैन में बिठाकर किसी अज्ञात स्थान पर पहुँचा दिया गया.

मानव तस्करी से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई की अपील

क़ानून और अपराध रोकथाम

संयुक्त राष्ट्र ने मानव तस्करी के ख़िलाफ विश्व दिवस पर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वैश्विक संकटोंटकरावों और जलवायु परिवर्तन के कारण तस्करी के जोखिम बढ़ रहे हैं. क़ानूनी दर्जे के बिना रहने वाले प्रवासियोंनिर्धनता में जीने वाले और रोज़गार के अभाव में रह रहे लोग, अक्सर मानव तस्करी के मुख्य शिकार होते हैं.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने रविवार को इस विश्व दिवस मौक़े पर अपने सन्देश में, मानव तस्करी को, "मौलिक मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का "घोर उल्लंघन" क़रार दिया. 

उन्होंने कहा कि ये अपराध अत्यधिक निर्बल हालात वाले लोगों को अपना शिकार बनाता है और टकरावों व अस्थिरता के दौरों में फलता-फूलता है, आज के दौर में और भी अधिक लोग इसका निशाना बन रहे हैं.

यूएन प्रमुख ने कहा कि अभी तक सामने आए मामलों में पीड़ितों में अधिक संख्या, महिलाओं और बच्चों की है, जिनमें से अनेक को क्रूर हिंसा, जबरन मज़दूरी और भयानक यौन शोषण व दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा है. 

उन्होंने ध्यान दिलाया कि तस्कर, दंडमुक्ति के साथ अपने काम को अंजाम देते हैं और इस समस्या पर बहुत कम ध्यान दिया जा रहा है. 

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“हमें इनसानों को उपभोग की चीज़ में तब्दील करने वाले इन अपराधियों को न्याय के कटघरे तक पहुँचाने के लिए, क़ानून प्रवर्तन को मज़बूत करना होगा. और हमें, पीड़ितों को अपनी ज़िन्दगियाँ फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए और ज़्यादा प्रयास करने होंगे.

तस्करी विरोधी प्रयासों में तेज़ी की पुकार

यूएन ड्रग्स एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) द्वारा प्रकाशित, ‘मानव तस्करी पर वैश्विक रिपोर्ट-2022’ के अनुसार, मानव तस्करी के 50 प्रतिशत से अधिक मामलों की जानकारी, पीड़ित या उनके परिवार सामने लाते हैं.  

प्रशासनिक व क़ानूनी एजेंसियों को तस्करी के भुक्तभोगियों की पहचान व संरक्षण करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जो पिछले वर्षों की तुलना में, एक चिन्ताजनक रुझान है.

रिपोर्ट दर्शाती है कि लगभग 60 प्रतिशत पीड़ित महिलाएँ और लड़कियाँ हैं जोकि यौन शोषण के पता लगाए गए पीड़ितों का 60 प्रतिशत हिस्सा हैं, उन्हें तस्करों के हाथों अक्सर यौन शोषण व उच्च स्तर की हिंसा का सामना करने की अधिक सम्भावना है. दूसरी ओर, पुरुषों और लड़कों को जबरन मज़दूरी व आपराधिक गतिविधियों में शामिल करने के लिए, उनका शोषण बढ़ रहा है.

UNODC के नेतृत्व में मानव तस्करी के ख़िलाफ विश्व दिवस 2023 के अभियान का उद्देश्य, व्यथित करने वाले मौजूदा घटनाक्रमों और रुझानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. 

साथ ही सरकारों, क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों, सार्वजनिक सेवाओं और सिविल सोसायटी से रोकथाम उपायों को मज़बूत करने, पीड़ितों की पहचान करने और उन्हें सहायता देने, व दंडमुक्ति को ख़त्म करने के लिए कहना भी है.

आसानी से नज़र आने योग्य एक अपराध

विश्व भर में मानव तस्करी के लाखों पीड़ितों पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है, भले ही इनमें से बहुत से जन, हर दिन बीच मौजूद होते हों – सड़कों पर, निर्माण स्थलों पर, या फिर कारख़ानों और सार्वजनिक स्थानों पर.

मादक पदार्थों एवं अपराध पर यूएन कार्यालय (UNODC) के मुताबिक़, इस अपराध की विशिष्टता ये है कि बहुत से पीड़ित, मदद के लिए कोई सहारा नहीं ले सकते. पीड़ित जन, जिस देश में अपने लिए एक बेहतर जीवन की आशा के साथ पहुँचते हैं, वहाँ अपनी कोई क़ानूनी हैसियत नहीं होने के कारण, ये पीड़ित जन, तस्करों के झूठे वादों की बेड़ियों में जकड़ जाते हैं. 

यूएन ड्रग्स एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) की कार्यकारी निदेशक ग़ादा वॉली ने अपने वीडियो सन्देश में कहा, “मानव तस्करी एक ऐसा अपराध है जो ना केवल परछाइयों में, बल्कि सबकी नज़रों के सामने भी छुपा रहता है. 

उन्होंने तस्करी से पीड़ित हर एक व्यक्ति तक पहुँचने के प्रयासों को तेज़ करने का आहवान किया है, जिसमें पीड़ितों की पहचान करना, मामलों की जाँच करना और इनके लिए ज़िम्मेदार अपराधियों पर मुक़दमा चलाना शामिल है.

 ग़ादा वॉली ने कहा कि समाज के, स्वास्थ्य व सामाजिक सेवाओं से लेकर क़ानून प्रवर्तन सहित सभी क्षेत्रों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने से, यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

यूएन ड्रग्स व अपराध निरोधक एजेंसी की कार्यकारी निदेशक ने कहा कि आम जनता भी, ऐसी गतिविधियों व सेवाओं के बारे में जानकारी देकर मदद कर सकती है जो, तस्करी के पीड़ितों का शोषण करती हों.

साथ ही, जागरूकता बढ़ाने और ज़रूरतमन्द लोगों के लिए सहायता सक्रिय करने व सहायता मुहैया कराने में, सिविल सोसायटी की आवाज़ भी बहुत अहम है.