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महामारी समझौते के बारे में झूठ प्रसार से, भविष्य की पीढ़ियों के लिए जोखिम

मेडागास्कर के फोर्ट-डौफिन में छात्र मास्क पहने हुए हैं और युवा भित्तिचित्र दीवार के उद्घाटन और यू-रिपोर्ट के शुभारंभ का जश्न मना रहे हैं।
© UNICEF/Rindra Ramasomanana मैडागास्कर के एक स्कूल में कुछ बच्चे.

महामारी समझौते के बारे में झूठ प्रसार से, भविष्य की पीढ़ियों के लिए जोखिम

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने एक नए वैश्विक महामारी समझौते के सम्बन्ध में झूठे दावों और कपोल-कथाओं (Conspiracy theories) के लगातार फैलाव पर, बुधवार को चिन्ता व्यक्त की है. ग़ौरतलब है कि सदस्य देशों के बीच इस समय, इस समझौते पर विचार और बातचीत जारी है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ने आगाह करते हुए कहा है कि जिस तरह, दूस्सूचना और झूठी जानकारी फैलाव ने, कोविड-19 महामारी का सामना करने के लिए वैश्विक कार्रवाई को कमज़ोर किया, उसी तरह, ये दुर्भावनापूर्ण कार्य, दुनिया को भविष्य में होने वाली महामारियों से सुरक्षित रखने के प्रयासों को कमज़ोर कर रहे हैं.

संगठन के महानिदेशक ने तुलनात्मक अन्दाज़ में कहा कि तम्बाकू उद्योग ने भी, तम्बाकू नियंत्रण पर WHO के फ़्रेमवर्क कन्वेंशन के बारे में हुई बातचीत को, इसी तरह पटरी से उतारने की कोशिश की थी.

उन्होंने कहा, “बिल्कुल वैसा ही इस समय हो रहा है. निहित स्वार्थों वाले गुट ये झूठे दावे फैला रहे हैं कि ये समझौता, WHO द्वारा ताक़त हथियाने का एक हथकंडा है, और ये कि – ये समझौता नवाचार व शोध को बाधित करेगा. दोनों ही तरह के दावे बिल्कुल झूठ हैं.”

“मुझे इसे बिल्कुल सरल और स्पष्ट रूप में रखना होगा: जो लोग इस ऐतिहासिक समझौते के बारे में झूठ फैला रहे हैं, वो भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहे हैं.”

WHO इस समझौते का पक्ष ही नहीं है

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुखिया ने ज़ोर देकर ये भी कहा कि ये समझौता देशों, और केवल देशों के दरम्यान ही है.

उन्होंने कहा, “WHO इस समझौते का कोई पक्ष नहीं होगा.” 

उन्होंने कहा कि अगर दो कम्पनियों के दरम्यान कोई कारोबारी समझौता होता है और यह समझौता तैयार करने में वकीलों की मदद ली जाती है तो, इससे उन वकीलों को, उस समझौते पर कोई नियंत्रण हासिल नहीं हो जाता है, और ना ही वो वकील, उस समझौते का कोई पक्ष बन जाते हैं.

“बिल्कुल यही बात इस समय है.”

महामारी समझौते का उद्देश्य, एक असरदार कार्रवाई करने के लिए, देशों के बीच एकजुटता व समता को बढ़ावा देना है. दस्तावेज़ पर बातचीत, अन्तरसरकारी वार्ता संस्था (INB) के स्तर पर होती हैं, जिसकी स्थापना WHO के सदस्यों ने, विश्व स्वास्थ्य ऐसेम्बली में की थी.

विश्व स्वास्थ्य संगठन INB को सचिवालय सेवाएँ मुहैया कराता है, जिसमें बैठकों और विशेषज्ञों, यूएन एजेंसियों व अन्य हितधारकों की शिरकत को आसान बनाया जाता है.

ताप लहरों का स्वास्थ्य प्रणालियों पर बोझ

डॉक्टर टैड्रॉस ने ज़ोर देकर कहा कि अल नीनो रुझान और जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न अत्यधिक गर्मी के कारण, पहले से मौजूद बीमारियों में इज़ाफ़ा हो रहा है और स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव बढ़ रहा है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के सहयोग से, स्वास्थ्य पर अत्यधिक गर्मी के प्रभावों को कम करने की तैयारियों के तहत स्वास्थ्य कार्रवाई योजनाएँ तैयार करने में, देशों की मदद कर रही है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने अपनी नियमित प्रैस वार्ता के दौरान, सभी से कोविड-19 के ख़िलाफ़ अपनी चौकसी कम नहीं होने देने का आग्रह भी किया, क्योंकि दुनिया भर से, कोविड-19 महामारी के संक्रमण और उससे मौतें होने की ख़बरें लगातार आ रही हैं.