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महिला फ़ुटबॉल विश्व कप: लैंगिक समानता के लिए UN Women और फ़ीफ़ा की साझा मुहिम

2023 महिला फ़ुटबॉल विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में आयोजित हो रहा है.
FIFA
2023 महिला फ़ुटबॉल विश्व कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में आयोजित हो रहा है.

महिला फ़ुटबॉल विश्व कप: लैंगिक समानता के लिए UN Women और फ़ीफ़ा की साझा मुहिम

महिलाएँ

महिला सशक्तिकरण के लिए प्रयासरत यूएन संस्था (UN Women) और अन्तरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल महासंघ (FIFA), इस वर्ष महिला विश्व कप फ़ुटबॉल के दौरान महिला खिलाड़ियों के कौशल व उपलब्धियों को रेखांकित करने, फ़ुटबॉल जगत में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और दुर्व्यवहार व भेदभाव की रोकथाम करने के लिए एक साथ मिलकर प्रयास करेंगे. 

महिला फ़ुटबॉल विश्व कप 2023, इस वर्ष 20 जुलाई से 20 अगस्त तक ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में आयोजित होना है. इस महिला विश्व कप में 32 देश हिस्सा ले रहे हैं, और टूर्नामेंट को दो अरब से अधिक लोगों द्वारा देखे जाने की सम्भावना है.

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किसी महिला खेलकूद आयोजन के लिए यह इतिहास में दर्शकों की सबसे बड़ी संख्या है, जोकि ना केवल उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने का एक अवसर है, बल्कि महिला फ़ुटबॉल की बेहतरी व लैंगिक समानता की दिशा में प्रयासों का भी.

यूएन एजेंसी के अनुसार, विश्व भर में महिला फ़ुटबॉल खिलाड़ियों को कम संख्या में ही पेशेवर अवसर मिल पाते हैं, उन्हें मिलने वाले वेतन में अन्तर होता है, खेलकूद प्रसारण की व्यवस्था भी कम होती है और उन्हें असमान परिस्थितियाँ में खेलना पड़ता है. 

जब महिला खिलाड़ियों को सफलता मिलती है, तो उन्हें अक्सर ऑनलाइन व ऑफ़लाइन, दुर्व्यवहार व द्वेष से भी जूझना पड़ सकता है.

फ़ीफ़ा ने इन चुनौतियों से निपटने और फ़ुटबॉल में लैंगिक अन्तर को पाटने के लिए, 2023 में महिला विश्व कप के लिए पुरस्कार धनराशि बढ़ाकर 15 करोड़ डॉलर कर दी है, जोकि 2019 की तुलना में तीन गुना है.

यह लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए फ़ुटबॉल महासंघ की योजना का हिस्सा है. ‘फ़ुटबॉल दुनिया को जोड़ता है’ नामक एक मुहिम के ज़रिये इस टूर्नामेंट के दौरान लैंगिक समानता के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया जाएगा. 

यूएन एजेंसी की कार्यकारी निदेशक सीमा बहाउस ने कहा, “इस विश्व कप में भाग ले रही महिलाएँ, इस ग्रह पर हर लड़की के लिए एक रोल मॉडल है.”

“यह टूर्नामेंट ध्यान दिलाता है कि ऐसी बड़ी संख्या में लड़कियाँ व महिलाएँ हैं, जिन्हें खेलकूद की दुनिया से बाहर रखा जाता है, और जो हिस्सा लेती भी हैं, उन्हें अक्सर भेदभावपूर्ण बर्ताव और कुछ मामलों में दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है.”

अहम साझेदारी

कार्यकारी निदेशक बहाउस ने कहा कि फ़ीफ़ा के साथ साझेदारी, मौजूदा हालात में बेहतरी लाने के लिए एक गम्भीर संकल्प और महत्वाकाँक्षा को परिलक्षित करता है.

यूएन वीमैन और फ़ीफ़ा अपनी साझेदारी के तहत, दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना ध्यान केन्द्रित करेंगे:

पहला, लैंगिक समानता के लिए एकजुटता, ताकि एक बुनियादी मानवाधिकार के रूप में लैंगिक समानता को साकार किया जाए, जोकि एक शान्तिपूर्ण व सतत विश्व के लिए अति-महत्वपूर्ण है.

दूसरा, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के अन्त के लिए एकजुटता, जोकि महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध होने वाली हिंसा की रोकथाम करने की पुकार है.

इस क्रम में, टीम की कप्तान अपनी बाँह में एक पट्टा बाँधेगीं, डिजिटल एलआईडी बोर्ड लगाए जाएंगे, पिच पर बड़े आकार के झंडे लगाए जाएंगे, और स्टेडियम में विशालकाय स्क्रीन का भी प्रबन्ध होगा.

लैंगिक समानता के लिए एकजुटता के सन्देश को 30 जुलाई से 3 अगस्त तक, और महिलाओँ के विरुद्ध हिंसा के अन्त के सन्देश को 16 अगस्त को, सेमीफ़ाइनल मैच के दौरान प्रसारित किया जाएगा.