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WMO: विश्व तापमान अभूतपूर्व स्तर पर, और भी बढ़ोत्तरी की सम्भावना

सूर्यास्त के समय पानी पर एक जलचर की सिल्हूट है।
Unsplash/Rafael Garcin मई और जून 2023 में वैश्विक समुद्री सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर था.

WMO: विश्व तापमान अभूतपूर्व स्तर पर, और भी बढ़ोत्तरी की सम्भावना

जलवायु और पर्यावरण

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा है कि इस वर्ष मई, जून और के महीनों के दौरानवैश्विक समुद्री सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया, जबकि भीषण गर्मी का 'अल नीनो' दौर अभी आरम्भ ही हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी ने ख़ासतौर से इसलिए ख़तरे की घंटी महसूस की है क्योंकि उत्तरी अटलांटिक में समुद्री सहत के तापमानों में असाधारण उछाल देखा गया है.

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WMO में जलवायु निगरानी के प्रमुख ओमर बद्दूर का कहना है, “जुलाई के प्रथम सप्ताह को रिकॉर्ड पर अभी तक का सबसे गर्म दौर या गर्म सप्ताह कहा जा सकता है,” जिस दौरान 7 जुलाई को वैश्विक औसत तापमान 17.24 के पास रहा. 

असाधारण अब 'नव सामान्य'

WMO के विशेषज्ञों ने कहा है कि उत्तरी अटलांटिक में, जून में दैनिक तापमान, सामान्य स्थिति की तुलना में, नाटकीय रूप से उच्च रहा है, जबकि अंटार्कटिक समुद्र में हिम स्तर, उपग्रह पर्यवेक्षण शुरू किए जाने के बाद से, अपने निम्नतम स्तर पर पहुँच गए.

इस वर्ष जून के दौरान स्तर औसत से 17 प्रतिशत नीचे रहे जिसने जून 2022 के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. यह स्थिति अंटार्कटिक में समुद्री हिम के विस्तार में नाटकीय गिरावट को दिखाती है, जोकि लगभग 26 लाख वर्ग किलोमीटर के बराबर समुद्री हिम का नुक़सान है.

यूएन मौसम संगठन के विश्व जलवायु शोध कार्यक्रम के मुखिया माइकल स्पैरो ने ध्यान दिलाया कि अंटार्कटिक के आसपास समुद्री हिम में ये कमी होते देखना, बिल्कुल अभूतपूर्व अनुभव है.

उन्होंने कहा, “अंटार्कटिक क्षेत्र को आमतौर पर एक स्थिर इलाक़ा माना जाता है; ये आर्कटिक की तुलना में अधिक ठंडा है. हम आर्कटिक में तो समुद्री हिम में इतनी बड़ी गिरावटों को देखने के अभ्यस्त हो गए हैं, मगर अंटार्कटिक में नहीं.”

यूएन मौसम एजेंसी में जलवायु निगरानी के प्रमुख डॉक्टर ओमर बद्दूर ने कहा कि पृथ्वी पर और महासागरों में रिकॉर्ड उच्च स्तर की तापमान वृद्धि के, पारिस्थितिक तंत्रों और पर्यावरण पर व्यापक विनाशकारी असर पड़ने की सम्भावना है.

संगठन का कहना है कि पृथ्वी की प्रणाली में, रिकॉर्ड तोड़ तापमान वृद्धि, मानव- जनित जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप हो रही है.

डॉक्टर ओमर बद्दूर का कहना है कि विभिन्न केन्द्रों से एकत्र किए गए पुनर्विश्लेषण आँकड़े, एक-दूसरे से मेल खाते हैं. अलबत्ता, पृथ्वी पर विशिष्ट दैनिक वैश्विक तापमान की चरम घटनाओं के वास्तविक निरीक्षण के आधार पर इस बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी.

उन्होंने कहा कि इसके लिए सम्पूर्ण गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया की आवश्यकता होती है, जैसा WMO अपनी वैश्विक जलवायु रिपोर्ट के लिए करता है. बहरहाल, ये प्रारम्भिक रिकॉर्ड जलवायु परिवर्तन और बढ़ती ‘अल नीनो’ घटनाक्रम के कारण बदलते वैश्विक जलवायु रुझान की और अधिक पुष्टि करते हैं.

एक समुद्री गर्म लहर

यूएन मौसम विज्ञान एजेंसी ने आगाह करते हुए कहा है कि समुद्री गर्म लहर, मछली वितरण और महासागरीय पारिस्थितिकी को प्रभावित करेगी, जिसके जलवायु पर भी गम्भीर प्रभाव होंगे. 

WMO के अनुसार, यह केवल पानी की सतह के तापमान की बात नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण महासागर ही गरम हो रहा है और गर्मी को सोख़ रहा है जो सैकड़ों वर्षों तक वहाँ मौजूद रहेगी. 

दक्षिण कोरिया के चुंगचेओंगनाम-डो के जिगोक-म्योन में बड़े-बड़े बर्फ के टुकड़ों के बीच एक संकरे चैनल में लंगर डाले खड़ी कई नावों का हवाई दृश्य।
WMO/Hwang Seonyoung

‘अल नीनो’ प्रभाव

WMO ने गत सप्ताह ही अल नीनो के आरम्भ की घोषणा की थी जो प्रशन्त महासागर में गर्मी वृद्धि को दर्शाता है. मौसम रुझान और मानव गतिविधियों से जनित ग्रीनहाउस गैस प्रभाव के के कारण, अगले पाँच वर्षों में से किसी एक वर्ष के रिकॉर्ड स्तर पर सबसे अधिक गर्म रहने की अपेक्षा है.

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की एक निकट सहयोगी एजेंसी - योरोपीय संघ की जलवायु परिवर्तन सेवा की एक रिपोर्ट में दिखाया गया है कि जून 2023, 1991-2020 के औसत तापमान से लगभग आधा डिग्री सेल्सियस ऊपर रहा.

आयरलैंड, ब्रिटेन और बाल्टिक सागर के आसपास, चरम मौसम घटनाएँ दर्ज की गई हैं.

मौसम विज्ञान एजेंसी में जलवायु निगरानी के प्रमुख डॉक्टर ओमर बद्दूर के अनुसार, सर्वाधिक गर्म वर्ष 2023 के बाद होने की आंशका है, जब अल नीनो में तेज़ी आने की अपेक्षा है. अगर अल नीनो की मज़बूती, पूर्वानुमानों के अनुसार ही बढ़ती रही तो, 2024 के, एक रिकॉर्ड वर्ष रहने की सम्भावना है.