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योग दिवस: एकता की भावना को अपनाने व सदभावनापूर्व जगत बनाने का आहवान

भक्ति सेन्टर के किशोर चन्द्र, एक योग आसन की मुद्रा में.
UN News/Sachin Gaur
भक्ति सेन्टर के किशोर चन्द्र, एक योग आसन की मुद्रा में.

योग दिवस: एकता की भावना को अपनाने व सदभावनापूर्व जगत बनाने का आहवान

एसडीजी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार, 21 जून, को ‘अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस’ पर अपने सन्देश में कहा है कि योग शरीर और मस्तिष्क, मानवता और प्रकृति, और दुनिया भर में मौजूद करोड़ों लोगों को, एकता के धागे में पिरोता है.

यूएन मुख्यालय में आयोजित योग सत्र का प्रसारण यहाँ उपलब्ध है.

संयुक्त राष्ट्र ने 11 दिसम्बर 2014 में महासभा द्वारा पारित प्रस्ताव संख्या 69/131 के ज़रिये हर वर्ष 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी.

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल और प्रोत्साहन के तहत ये निर्णय लिया गया था और वह बुधवार को यूएन मुख्यालय में 9वें अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर योग सत्र का नेतृत्व करेंगे.  

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने इस दिवस पर एकता की भावना को अपनाने, और लोगों, ग्रह व स्वयं के लिए, एक बेहतर, अधिक सदभावपूर्ण दुनिया बनाने का संकल्प लेने का आहवान किया है.

इस वर्ष, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन द्वारा, यूएन सचिवालय के साथ साझेदारी में न्यूयॉर्क मुख्यालय के नॉर्थ लॉन में 9वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस को आयोजित किया जा रहा है.

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस 2023 की थीम है: वसुधैव कुटुम्बकम (सम्पूर्ण विश्व एक परिवार है) के लिए योग.



योग एक ऐसी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक व्यायाम प्रक्रिया है जो भारत में शुरू हुई थी और अब दुनिया भर में विभिन्न रूपों में लोकप्रिय व प्रचलित है.

योग शब्द का मूल संस्कृत भाषा में है जिसका अर्थ होता है – शामिल या एकत्र होना. इसका भावार्थ शरीर और चेतना को एक करने से है.

इस अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर मानव स्वास्थ्य व कल्याण और बेहतर जीवन में इस प्राचीन पद्धति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया जाता है.