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यूक्रेन युद्ध: खाद्य वस्तुओं व उर्वरक निर्यात पर अहम पहल को जारी रखने पर ज़ोर

काला सागर अनाज निर्यात पहल में संंयुक्त निरीक्षण टीम का दौरा.
© UNODC/Duncan Moore
काला सागर अनाज निर्यात पहल में संंयुक्त निरीक्षण टीम का दौरा.

यूक्रेन युद्ध: खाद्य वस्तुओं व उर्वरक निर्यात पर अहम पहल को जारी रखने पर ज़ोर

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को ‘काला सागर अनाज निर्यात पहल’ के तहत निरीक्षणों की धीमी होती रफ़्तार पर निराशा प्रकट की है. यूएन की मध्यस्थता में हुई इस पहल के ज़रिये यूक्रेनी बन्दरगाहों से लाखों टन अनाज व उर्वरक का निर्यात कर पाना सम्भव हुआ है. 

रूस का कहना है कि अगले 60 दिनों तक वो इस समझौते और मॉस्को से खाद्य वस्तुओं व उर्वरक निर्यात के लिए पूरक सहमति पत्र (MoU) का हिस्सा रहेगा, मगर इस पहल की अवधि 17 जुलाई को समाप्त हो रही है. 

यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद विश्व भर में खाद्य वस्तुओं की क़ीमतों में भीषण बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी. 

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इसके बाद यूएन और तुर्कीये की मध्यस्थता में पिछले साल जुलाई में हुई इस पहल से, अनाज निर्यात के लिए जहाज़ों को सुरक्षित मार्ग दिए जाने की गारंटी प्रदान की गई.

इस्ताम्बूल में स्थित एक संयुक्त समन्वय केन्द्र (JCC) के ज़रिये इसका संचालन किया जाता है, जिसमें रूस, यूक्रेन, तुर्कीये और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि हैं.

यूएन के शीर्षतम अधिकारी के प्रवक्ता द्वारा जारी किए वक्तव्य के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर महीने में 42 लाख मीट्रिक टन का अनाज निर्यात किया गया.

मगर, यह आँकड़ा मई 2023 में घटकर केवल 13 लाख टन रह गया, जोकि अब तक का सबसे निचला स्तर है.

महासचिव गुटेरेश ने ओडेसा के पास स्थित युज़ूनी/पिवडेन्नेइबन्दरगाह को बाहर रखे जाने पर निराशा प्रकट की है, जहाँ 2 मई के बाद से अब तक कोई जहाज़ नहीं पहुँचा है.

यूएन प्रमुख ने सभी पक्षों से अभियान संचालन में तेज़ी लाने और इस महत्वपूर्ण समझौते को जारी रखने के लिए हरसम्भव प्रयास किए जाने का आग्रह किया है, जिसकी अवधि 17 जुलाई को समाप्त हो रही है. 

ज़रूरतमन्दों पर असर

अनाज निर्यात पहल के लड़खड़ाने की वजह से यूक्रेनी बन्दरगाहों से जाने वाले और वहाँ पहुँचने वाले जहाज़ों में कमी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक बाज़ारों में अति-आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति में गिरावट आई है. 

संयुक्त समन्वय केन्द्र ने पाँच दिन पहले अपने नवीनतम अपडेट में बताया कि कुल तीन करोड़ 20 लाख अनाज और खाद्य वस्तुओं का निर्यात किया गया, जिसमें सवा छह लाख टन वो अनाज भी है, जिसे विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा संचालित जहाज़ों में रवाना किया गया.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि अनाज निर्यात पहल और रूस के साथ सहमति पत्र को समर्थन प्रदान करने के लिए यूएन पूर्ण रूप से संकल्पित है.

काला सागर अनाज निर्यात पहल के तहत, पहला वाणिज्यिक जहाज़, सामग्री लेकर रवाना होते हुए.
© UNOCHA/Levent Kulu

इसके ज़रिये, यूक्रेन और रूसी महासंघ से विश्व भर में सुरक्षित व पूर्वानुमेय ढंग से खाद्य वस्तुओं और उर्वरकों का निर्यात किया जाएगा.

यह इसलिए भी अहम है चूँकि दोनों देशों में जल्द ही फ़सलों की नई पैदावार होगी.

महत्वपूर्ण पहल

यूक्रेन युद्ध से वैश्विक बाज़ारों में उत्पन्न हुई अनाजों की क़िल्लत और बढ़ती क़ीमतों के बीच, इस समझौते के तहत हुए अनाज निर्यात ने, अनेक देशों और वैश्विक अनाज बाज़ारों में ख़ासी राहत पहुँचाई है.

यूक्रेन पर फ़रवरी 2022 में रूसी सेनाओं का आक्रमण शुरू होने के बाद, काला सागर अनाज समझौता एक ऐसा क्षेत्र रहा है जिसमें रूस और यूक्रेन की सरकारों के दरम्यान कोई सहमति बन सकी.

दुनिया भर में खाद्य पदार्थों और उर्वरकों की आसमान छूती क़ीमतों के बीच, इस समझौते का वजूद में आना बहुत लाभदायक रहा है.

ग़ौरतलब है कि रूस और यूक्रेन, वैश्विक बाज़ारों को इन उत्पादों का निर्यात करने वाले प्रमुख देश हैं, और यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से, इस सामान के निर्यात में बहुत कमी आ गई थी.