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मध्य अफ़्रीका: अनेक संकटों के बीच, अहम मोड़ के निकट

मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में, एक महिला बामबारी पुल पार करते हुए.
© UNOCHA/Siegfried Modola
मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में, एक महिला बामबारी पुल पार करते हुए.

मध्य अफ़्रीका: अनेक संकटों के बीच, अहम मोड़ के निकट

शान्ति और सुरक्षा

मध्य अफ़्रीका क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी अब्दू अबैरी ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि क्षेत्र के देशों ने स्थिरता व सहयोग को आगे बढ़ाने में ख़ासी प्रगति की है, मगर इसके बावजूद क्षेत्र के सामने अनेक संकट मौजूद हैं, और आने वाले कुछ महीने, एक महत्वपूर्ण मोड़साबित होने वाले हैं.

मध्य अफ़्रीका क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के विशेष प्रतिनिधि अब्दू अबैरी ने सुरक्षा परिषद में कहा, “मध्य अफ़्रीका ख़ुद के सामने दरपेश चुनौतियों की तुलना में, कहीं ज़्यादा अवसरों और संसाधनों से समृद्ध है”, मगर आने वाले कुछ महीने, इस क्षेत्र के लिए, एक “अहम मोड़” साबित होंगे.

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उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में, अति महत्वपूर्ण राजनैतिक व चुनावी प्रक्रिया, इस वर्ष के अन्त तक अवश्य पूरी होनी चाहिए.

विशेष प्रतिनिधि अब्दू अबैरी ने कहा, “हम सुरक्षा परिषद के बहुमूल्य समर्थन से ये सुनिश्चित करेंगे कि हिंसा के चक्रों से हर क़ीमत पर बचा जाए, जिनमें विशेष रूप से नफ़रत भरी बोली – आग में घी का काम करती है, और जो अतीत में भी चुनावों को प्रभावित करती रही है.”

अब्दू अबैरी संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय कार्यालय UNOCA के भी प्रमुख हैं. उन्होंने कहा, “इस उप-क्षेत्र की शान्ति व स्थिरता दाँव पर है.”

उन्होंने मध्य अफ़्रीका क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर यूएन महासचिव की नवीनतम रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि क्षेत्र के देश, इसे एक समृद्धि वाला इलाक़ा बनाने के अपने प्रयासों में प्रगति दर्ज कर रहे हैं.

सूडान संकट का विनाशकारी प्रभाव

उन्होंने कहा कि चिन्ताएँ बरक़रार हैं, जिनमें समुद्री डकैती, सूडान युद्ध और यूक्रेन में युद्ध के गहन प्रभाव शामिल हैं.

सूडान में जारी युद्ध ने चाड और मध्य अफ़्रीका गणराज्य के लिए, विनाशकारी मानवीय परिणाम उत्पन्न कर दिए हैं.

सूडान में मध्य अप्रैल में दो सैन्य धड़ों के दरम्यान युद्ध भड़कने के बाद से, सुरक्षा की ख़ातिर पलायन करने वाले आम लोगों की संख्या बहुत बढ़ी है, जिनमें से बहुत से लोग पड़ोसी देशों में पहुँचे हैं.

पड़ोसी देश चाड को ही लगभग एक लाख शरणार्थियों की देखभाल करने के लिए, अगले छह महीनों के दौरान, लगभग 12 करोड़ 98 लाख डॉलर की राशि की आवश्यकता होगी.

विशेष प्रतिनिधि ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि सूडान टकराव के त्वरित और शान्तिपूर्ण समाधान अभाव में, ना केवल सूडान के लिए प्रभाव विनाशकारी होंगे, बल्कि आसपास के सभी देशों के लिए गम्भीर परिणाम होंगे.

यूक्रेन युद्ध के प्रभाव

मध्य अफ़्रीका क्षेत्र, यूक्रेन में युद्ध के प्रभावों के नुक़सान भी उठा रहा है, जोकि बुनियादी खाद्य सामग्री और ईंधन की बढ़ती क़ीमतों और महंगाई में नज़र आ रही है. कभी-कभी तो ईंधन की भारी क़िल्लत भी होती है.

विशेष प्रतिनिधि ने कहा, “वैसे तो अनेक देशों ने, उपभोक्ताओं पर इन प्रभावों के असर कम करने के लिए उपाय किए हैं, मगर हमें अवगत रहना होगा कि सामाजिक-आर्थिक स्थिति में आगे किसी तरह की गिरावट होने से, एक ऐसा सामाजिक मोर्चा वजूद में आ सकता है, जो देशों की स्थिरता के लिए हानिकारक होगा.”