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अंकारा, हाते, तुर्किये में भूकम्प से बचे लोगों की तलाश करता एक बचाव कुत्ता.

भूकम्प प्रभावित तुर्कीये में, लोगों की पीड़ा को ‘शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल’

© UNOCHA/Barbaros Kayan
अंकारा, हाते, तुर्किये में भूकम्प से बचे लोगों की तलाश करता एक बचाव कुत्ता.

भूकम्प प्रभावित तुर्कीये में, लोगों की पीड़ा को ‘शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल’

मानवीय सहायता

तुर्कीये में संयुक्त राष्ट्र के रेज़ीडेंट कोऑर्डिनेटर अलवारो रोड्रिग्ज़ का कहना है कि 6 फ़रवरी को, तुर्कीये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकम्प से प्रभावित हुए स्थानीय लोगों की पीड़ा को बयान करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने भूकम्प प्रभावित तुर्कीये के लिए, 16 फरवरी को एक अरब डॉलर की सहायता अपील जारी की थी, जिसके ज़रिए इस विनाशकारी आपदा का सामना कर रहे, 52 लाख से अधिक लोगों तक सहायता पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है.

इनमें वे 19 लाख लोग भी हैं जो इस आपदा में बेघर हुए हैं और अब टैंट शिविरों व अस्थाई आश्रय स्थलों में रहने के लिए मजबूर हैं.

अलवारो रोड्रिग्ज़ ने हाल ही में भूकम्प प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के बाद, यूएन न्यूज़ के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं.

“6 फ़रवरी 2023 का दिन, मेरे कार्यकाल के कुछ ऐसे दिनों में से एक होगा, जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा.

उस दिन, नौ घंटे के अन्तराल में दो भूकम्प आए जिससे 11 प्रान्त प्रभावित हुए. 27 फ़रवरी तक, तुर्कीये में मृतक संख्या साढ़े 43 हज़ार से ज़्यादा हो गई है.

सीरिया में भी मौतें हुई हैं. लेकिन, ये आँकड़े केवल एक संख्या नहीं है. इनमें माता, पिता, बेटियाँ और बेटे हैं.

इस भयावह आपदा के पाँच दिन बाद, 11 फ़रवरी को जब मैंने पहली बार संयुक्त राष्ट्र में आपात राहत के शीर्ष अधिकारी मार्टिन ग्रिफ़िथ्स के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, तो हमने जो देखा वो व्यथित कर देने वाला था.

जो कभी घर हुआ करते थे, परिवारों के लिए एक शरणगाह थे, जो कभी यादों से भरे थे, वो अब खंडहर हो गए थे.

अलवारो रोड्रिग्ज़, यूएन के रेज़ीडेंट कोऑर्डिनेटर (RC), तुर्की के लिए (बाएं) भूकम्प से विस्थापित लोगों के लिए काहरमनमारास शहर के एक शिविर में डॉक्टर्स वर्ल्डवाइड तुर्किये (येरीउज़ु डॉकटोरलारी) के एक कर्मचारी द्वारा जानकारी दी गई है.
© UNOCHA/Alioune Ndiaye

ग़ुस्सा, हताशा, उदासी

लोगों की पीड़ा को समझाने के लिए शब्द पर्याप्त नहीं हैं. जब हम वहाँ गए तो हमने माता-पिता, बेटे-बेटियों को असीम दुख व पीड़ा में देखा.

वे राहत दलों पर लगातार नज़र बनाए हुए थे और अपने प्रियजन की तलाश करने के प्रयास कर रहे थे.

और फिर पाँचवें दिन तक, किसी के जीवित बचने की सम्भावना बहुत कम रह गई थी. लोगों में बस ग़ुस्सा, हताशा थी और वे बहुत दुखी थे.

23 फ़रवरी को, मैं प्रभावित इलाकों का फिर से जायज़ा लेने गया और काहरमनमारास शहर में स्थापित किए गए एक टैंट शिविरों के इलाक़े में अधिकारियों और राहतकर्मियों से बातचीत की.

यहाँ पाँच हज़ार से अधिक लोगों ने शरण ली हुई है. मैंने डॉक्टर्स वर्ल्डवाइड तुर्कीये (Yeryüzü Doktorları) के टैंट का दौरा किया, जो इन आश्रय स्थलों में चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करते हैं.

जब हम काहरमनमारास शहर के ठीक बाहर तुर्कोग्लु पहुँचे और जब हमने बच्चों को खेलते देखा, तो मेरे ज़ेहन में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए बहुत सारी परस्पर विरोधी भावनाएँ उमड़ीं.

ऐसा लगा मानो जान-माल का कोई नुक़सान ही ना हुआ हो. और वहीं कुछ मील की दूरी पर, नौ घंटों के भीतर हजारों लोगों की जान चली गई.

हम भाग्यशाली थे कि हमें ब्रिटिश सरकार द्वारा संचालित एक आपातकालीन चिकित्सा सुविधा केन्द्र का दौरा करने का मौक़ा मिला. वे अद्भुत सेवा कर रहे हैं.

Malatya, Türkiye भूकम्प से प्रभावित शहरों में से एक था.
© UNOCHA/Karina Sonmez

तुर्कीये राष्ट्र, तुर्कीये की जनता और तुर्कीये सरकार, अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर, पहले दिन से ही सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं.

हम, संयुक्त राष्ट्र के रूप में, पहले दिन से ही ज़मीनी स्तर पर सहायता प्रयासों के लिए मौजूद थे. हमने भी तुर्कीये में इस भयानक आपदा में अपने यूएन परिवार के पाँच सदस्य खोए हैं.

औचक अपील

संयुक्त राष्ट्र ने भूकम्प के 52 लाख पीड़ितों तक, तीन महीनों तक राहत पहुँचाने के लिए, एक अरब डॉलर की मानवीय सहायता अपील जारी की है.

इन संसाधनों के ज़रिये सहायता संगठनों के लिए, सरकार के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा, संरक्षण, शिक्षा, जल और आश्रय समेत अन्य क्षेत्रों में अपने अभियान में तेज़ी लाने मदद मिलेगी.

औचक अपील के अनुरूप, संयुक्त राष्ट्र आपदा समीक्षा दल शहरी इलाक़ों में तलाश एवं बचाव अभियान में समन्वय और ज़रूरतों के आकलन में सहायता करने के लिए दक्षिण-पूर्वी तुर्कीये में सक्रिय हैं.

राजधानी अंकारा में एक सम्पर्क टीम, तुर्कीये प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है. लेकिन, 24 फ़रवरी तक, एक अरब डॉलर की औचक अपील में से केवल सात प्रतिशत का ही प्रबन्ध हो पाया है.

तुर्कीये विश्व में शरणार्थियों का सबसे बड़ा मेज़बान देश है, और पिछले कई वर्षों से देश ने अपने पड़ोसी सीरिया के लोगों के लिए उदारता दिखाई है.

अब यह समय, तुर्कीये के लोगों को समर्थन प्रदान करने का है, ठीक वैसे ही जैसे वो सहायता आकांक्षी लोगों के लिए एकजुटता से खड़े रहे.

हमें जीवनरक्षक सहायता धनराशि प्रदान करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर क़दम बढ़ाने की आवश्यकता है.”