
मार्टिन लूथर किंग दिवस पर, दुनिया भर से आए बच्चों ने किया यूएन मुख्यालय का दौरा
दिवंगत नागरिक अधिकार नेता और नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता, मार्टिन लूथर किंग (जूनियर) के सम्मान में अनेक देशों के बच्चों ने सोमवार को, संयुक्त राष्ट्र का दौरा किया और यूएन महासभा अध्यक्ष से मुलाक़ात की. मार्टिन लूथर किंग (MLK) (जूनियर) दिवस 16 जनवरी को मनाया जाता है और इस दिन, संयुक्त राज्य अमेरिका में संघीय अवकाश होता है.
यूएन महासभा अध्यक्ष, कसाबा कोरोसी के कार्यालय में सोमवार को, छोटे बच्चे से लेकर उच्च विद्यालय के किशोर तक एकत्मार थे - संयुक्त राष्ट्र की सील पर लहराते संयुक्त राष्ट्र और हंगेरियन झंडे खींचते, बालकनी के बाहर क्षितिज को देखने के लिये दौड़ते बच्चे.
इस बीच, माता-पिता उन्हें कुछ भी छूने से रोकने की कोशिश कर रहे थे, और पास ही रखी एक काँच की मेज़ से उन्हें दूर रखने की पुरज़ोर कोशिशों में लगे थे, जो आमतौर पर देशों और सरकारों के प्रमुखों के साथ बैठक के लिए प्रयोग होती है.
इन बच्चों में से एक ने महासभा अध्यक्ष से पूछा, "जब हमारे बच्चे होंगे, क्या तब तक भी क्या यह दुनिया होगी?"
कसाबा कोरोसी ने जवाब दिया, "महासभा का काम इसी बात की गारंटी सुनिश्चित करने की कोशिश करता है." वह कभी-कभी अपने भाषणों में, अब अपनी वयस्क हो चुकी बेटी का उल्लेख करते हुए बताते हैं कि किस तरह उनकी बेटी उन्हें विश्व में एक स्थाई परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करती है.

अगली पीढ़ी को प्रेरणा
समूह के लिये अगला पड़ाव, संयुक्त राष्ट्र का दौरा था, जिसका नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र टूर गाइड, जॉनाथन मिशाल ने किया, जो सप्ताह में दो बार संयुक्त राष्ट्र में बच्चों को दौरों पर ले जाते हैं.
जॉनाथन मिशाल ने लकड़ी के पेड़ पर टांगे किए विश्व झंडों के सामने बहुभाषी बच्चों के इस समूह को बैठाते हुए, वैश्विक सहयोग के लिये संयुक्त राष्ट्र के महत्व को समझाया: "यह दुनिया में एक ऐसा स्थान है जहाँ युद्धरत देश साथ मिलकर बैठते हैं, और नीचे जाकर कॉफी पर चर्चा करते हैं कि वे असहमत क्यों हैं.
इसके बाद समूह ने महासभा का दौरा किया. वहाँ उन्होंने सदस्य देशों की सीटों पर बैठकर व पोडियम पर तस्वीरें खिंचवाईं, जहाँ से दुनियाभर के नेता और आमंत्रित अतिथि विश्व को सम्बोधित करते हैं.
जॉनाथन मिशाल ने महासभा को सम्बोधित करने वाली युवा हस्तियों - मलाला यूसुफ़ज़ई और ग्रेटा थनबर्ग का ज़िक्र करते हुए, संयुक्त राष्ट्र में युवाओं की भागेदारी के महत्व पर ज़ोर दिया.
मार्टिन लूथर किंग (MLK) का सपना
Dr. King's vision aligns with @UN ideals of human rights, economic and social justice, and peace around the world. As we look to crisis management and transformation – the work of the General Assembly is inspired by his courage and conviction. #MLKDay https://t.co/NlvGzb9nPX
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इस व्यवस्था के बारे में, उन बच्चों को तो पहले से जानकारी थी जिनके माता-पिता संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करते हैं, और अरबी, फ्रेंच, अंग्रेजी, हिब्रू, हंगेरियन, इंडोनेशियाई, मंदारिन, रोमानियाई व स्पेनिश बोलने वाली अन्तरराष्ट्रीय प्रणालियों में बड़े हुए हैं.
इस परिवेश में सहज रूप से घुल-मिल गए बच्चों ने, स्थानीय स्तर पर विश्व मामलों में सुधार के लिए सुझाव दिए - "मेरे माता-पिता हमेशा मेरी बात नहीं सुनते" से लेकर - वास्तविक महासभा में सुधार के सुझाव.
जॉनाथन मिशाल ने मार्टिन लूथर किंग (MLK) दिवस की भावना जारी रखते हुए, बच्चों से भेदभाव के मुद्दे पर भी चर्चा की.
मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने 1967 में संयुक्त राष्ट्र का दौरा किया था. यहाँ उन्होंने, संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी और नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता, राल्फ बंच के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका में नागरिक अधिकारों की स्थिति पर चर्चा की थी.
यूएन महासभा अध्यक्ष ने MLK दिवस के लिये एक ट्वीट सन्देश में कहा कि डॉक्टर मार्टिन लूथर किंग का दृष्टिकोण, मानव अधिकारों, आर्थिक और सामाजिक न्याय, एवं दुनिया भर में शान्ति के संयुक्त राष्ट्र के आदर्शों के साथ मेल खाता है: “अब जबकि हम संकट प्रबन्धन व बदलाव की ओर अग्रसर हैं, ऐसे में, उनके साहस और दृढ़ विश्वास से महासभा के काम में प्रेरणा मिलती है.”
इससे पहले दिन में, कसाबा कोरोसी ने, विकासशील देशों के छह युवा महिलाओं और पुरुषों के समूह, ‘यूथ फ़ैलो’ का स्वागत किया था, जो सितम्बर तक उनके कार्यालय में काम करेंगे.