यूक्रेन : 'सबसे चुनौतीपूर्ण' सर्दियों में, सात लाख लोगों की सहायता के लिये प्रयास

प्रवासन के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (IOM) और यूक्रेन में मिशन, विस्थापित और युद्ध प्रभावित लोगों को ठंड के मौसम से निपटने में मदद करने के प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है.
IOM / Iryna Tymchyshyn
प्रवासन के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन (IOM) और यूक्रेन में मिशन, विस्थापित और युद्ध प्रभावित लोगों को ठंड के मौसम से निपटने में मदद करने के प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है.

यूक्रेन : 'सबसे चुनौतीपूर्ण' सर्दियों में, सात लाख लोगों की सहायता के लिये प्रयास

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी (IOM) ने यूक्रेन में भीषण सर्दी के मौसम के दौरान विस्थापित और युद्ध प्रभावित लोगों तक मानवीय सहायता पहुँचाने के प्रयासों को तेज़ किया है. देश में शून्य से नीचे पहुँचे तापमान के और अधिक लुढ़कने की आशंका है, और लाखों नागरिक कड़ाके की सर्दी में कठिन हालात में जीवन गुज़ार रहे हैं.

मानवीय राहत अभियान के लिये यूएन एजेंसी को योरोपीय संघ से वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है, ताकि यूक्रेन के लिए अभी तक के “सबसे चुनौतीपूर्ण मौसम" में सात लाख से अधिक ज़रूरतमन्दों तक विभिन्न प्रकार की सहायता पहुँचाई जा सके.

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यूक्रेन में IOM के मिशन प्रमुख अन्ह न्गुयेन ने बताया कि, "युद्ध प्रभावित और विस्थापित लोगों को नई और लगातार बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि युद्ध अभी भी जारी है और सर्दियाँ अपने चरम पर हैं.”

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन कड़ाके की सर्दी में राहत पहुँचाने के लिये प्रयासों में जुटा है. इस क्रम में, विस्थापित लोगों के लिये बनाए आश्रय स्थलों की मरम्मत की गई है, वहाँ पानी की आपूर्ति, अपशिष्ट प्रबंधन व निवाच बनाए रखने के लिये ताप व्यवस्था में सुधार किया गया है.

साथ ही, क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत, और कम्बल, गद्दे व अन्य आवश्यक घरेलू सामान का प्रबन्ध किया गया है.

प्रवासन संगठन ने बताया कि योरोपीय संघ से प्राप्त सहायता धनराशि का उपयोग, महत्वपूर्ण वस्तुओं को पहले से जुटाने और उनके भंडारण के लिये किया जाएगा.

इससे, यूक्रेन में युद्ध प्रभावित लोगों तक बुनियादी वस्तुओं की पहुँच सुनिश्चित की जा सके, और ज़मीनी स्तर पर ज़रूरतों को पूरा करने में जुटे साझेदार संगठनों को भी समर्थन प्रदान किया जा सके.

यूएन एजेंसी के मिशन प्रमुख न्गुयेन ने बताया कि, "हमारी मुख्य प्राथमिकता गर्म, सुरक्षित और सम्मानजनक परिस्थितियों का प्रबन्ध करना है ताकि अगले कुछ महीने गुज़ारने में लोगों की मदद की जा सके."

अत्यावश्यक ज़रूरतें

बताया गया है कि सचल दस्ते, 375 आश्रय स्थलों और सामाजिक संस्थानों में तापीय व्यवस्था को बेहतर बनाने, रिस रही छतों और टूटी हुई खिड़कियों को बदलने समेत अन्य कार्यों को पूरा करेंगे.

यूएन प्रवासन एजेंसी ने पाँच हज़ार 800 निजी घरों का नवीनीकरण करने की बात कही है, और स्वयं मरम्मत करने के लिये भी आपातकालीन आश्रय किट वितरित की जाएंगी.

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी उन नगर पालिकाओं को समर्थन प्रदान करेगी जोकि फिर से हाल ही में यूक्रेन सरकार के नियंत्रण में आई हैं, जिसमें निर्माण कार्य के लिये ज़रूरी सामग्री, जैनरेटर व अन्य सामान हैं.

बुनियादी ढाँचे को क्षति

मानवीय मामलों में संयोजन के लिये यूएन कार्यालय (OCHA) के अनुसार, देश की 40 प्रतिशत आबादी यानि क़रीब एक करोड़ 80 लाख यूक्रेनी नागरिकों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है.

यूक्रेन में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर लगातार हो रहे हमलों ने प्रभावित लोगों के लिए युद्ध के विनाशकारी प्रभाव को और भयावह बना दिया है.

यूएन एजेंसी का नवीनतम सर्वेक्षण दर्शाता है कि हमलों ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड को नुक़सान पहुँचाया है, और देश में बिजली आपूर्ति और तापन व्यवस्था व प्रणालियों पर कईं हमलों के बावजूद, यूक्रेनी नागरिक अभी वहीं पर ही सर्दी बिताने की सोच रहे हैं.

सर्वेक्षण में केवल सात प्रतिशत ने कहा है कि वे किसी अन्य स्थान पर जाकर शरण लेने पर विचार कर रहे हैं.

इस बीच, गुज़र-बसर के लिये निजी संसाधन कम होते जा रहे हैं, क्योंकि लगभग 43 प्रतिशत यूक्रेनी परिवारों की जमा पूँजी पूरी तरह समाप्त हो गई है.