वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिये बेहतर चौकसी व्यवस्था पर बल

फ़िलिपींस के एक सामुदायिक अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी निजी बचाव के लिये पोशाक पहन कर मरीज़ों की जाँच करते हैं.
UN Women/Louie Pacardo
फ़िलिपींस के एक सामुदायिक अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मी निजी बचाव के लिये पोशाक पहन कर मरीज़ों की जाँच करते हैं.

वैश्विक महामारी की रोकथाम के लिये बेहतर चौकसी व्यवस्था पर बल

स्वास्थ्य

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार, 27 दिसम्बर, को ‘अन्तरराष्ट्रीय वैश्विक महामारी तैयारी दिवस’ के अवसर पर उन रोगाणुओं की पहचान एवं निगरानी के लिये बेहतर चौकसी व्यवस्था की ज़रूरत को रेखांकित किया है, जिनसे वैश्विक महामारी फैलने का ख़तरा है.

यूएन महासचिव ने इस दिवस पर जारी अपने सन्देश मे कहा कि तीन वर्ष पहले इसी महीने, पहली बार कोविड-19 संक्रमण के वायरस का पता चला, जिसकी दुनिया ने बड़ी भारी क़ीमत चुकाई है.

“लाखों लोगों की जान गई और करोड़ों लोग बीमार पड़े. अर्थव्यवस्थाएँ ध्वस्त हो गईं, स्वास्थ्य सेवाएँ चरमरा गईं और खरबों डॉलर स्वाहा हो गए.”

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यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति पटरी से उतर गई. “विकासशील देशों को संकट से जूझने के लिए अक्सर अकेला छोड़ दिया गया.”

“उन्हें अपने निवासियों को बचाने के लिए आवश्यक, वैक्सीन, जाँच और उपचार साधनों से शर्मनाक ढंग से वंचित रखा गया.

कठोर सबक़ 

यूएन प्रमुख ने आगाह किया कोविड-19 मानव समुदाय के सम्मुख उत्पन्न अन्तिम वैश्विक या स्थानिक महामारी नहीं होगी.

“वैश्विक समुदाय के रूप में हमें कोविड-19 से कठोर सीख लेनी होगी और महामारी से निपटने की तैयारी, रोकथाम और समाधान में खुल कर निवेश करना होगा.”

उन्होंने रोगाणुओं की पहचान एवं निगरानी के लिये बेहतर चौकसी व्यवस्था की ज़रूरत को रेखांकित किया, जिनसे वैश्विक महामारी फैलने का ख़तरा है.

साथ ही, सर्वजन के लिये स्वास्थ्य सुविधा के साथ अधिक सशक्त स्वास्थ्य तंत्र की आवश्यकता होगी, और सुप्रशिक्षित, सभी साधनों से लैस और उपयुक्त वेतन पाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की भी.

“हमें वैक्सीन, उपचार, नैदानिक एवं जीवन रक्षक टैक्नॉलॉजी, सभी देशों के लिये, बराबरी के आधार पर सुलभ कराने की भी आवश्यकता है.”

वैश्विक लड़ाई

महासचिव गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा कि हमें ग़लत जानकारी एवं मिथ्या विज्ञान के अंधेरे को विज्ञान एवं तथ्य-परक सूचना के उजाले से मिटाना होगा. 

उन्होंने ध्यान दिलाया कि महामारी से कोई देश अकेले नहीं लड़ सकता, इसलिये सारी दुनिया को एकजुट होना होगा.

“कोविड-19 नीन्द से जगा देने वाली एक घंटी थी.”

महासचिव ने सभी देशों से आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करने के लिये, दुनिया को सभी साधनों से लैस एवं तैयार करने के प्रयासों में सहयोग करने का आग्रह किया है.