सोमालिया: ‘अकाल से बाल-बाल बचा है देश मगर...’

सोमालिया में एक महिला, अपने कुपोषित बच्चे के साथ.
© UNICEF/Mark Condren
सोमालिया में एक महिला, अपने कुपोषित बच्चे के साथ.

सोमालिया: ‘अकाल से बाल-बाल बचा है देश मगर...’

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) ने मंगलवार को कहा है कि सोमालिया में, फ़िलहाल तो पूर्ण स्तर वाले अकाल को टाल दिया गया है, मगर खाद्य अभाव व भुखमरी की आपदा, अभी दूर नहीं हुई है.

यूएन सहायता समन्वय कार्यालय ने सोमालिया में खाद्य असुरक्षा पर ताज़ा जानकारी मुहैया कराते हुए कहा है कि अकाल की स्थिति को टालना इसलिये सम्भव हो सका है क्योंकि मेज़बान समुदायों और राहत टीमों ने, बेहत ज़रूरमन्द लोगों की मदद की है.

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एजेंसी का कहना है कि मानवीय सहायता कार्यों के बावजूद, खाद्य असुरक्षा की स्थिति जस की तस बनी हुई है.

उससे भी चिन्ताजनक बात ये है कि इस समय और जून 2023 के दरम्यान ज़रूरतों में तीन गुना से भी ज़्यादा बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है, जिसमें ज़रूरतमन्द लोगों की संख्या दो लाख 14 हज़ार से बढ़कर, सात लाख, 27 हज़ार होने की सम्भावना है.

साथ ही, सूखा, हिंसा और विस्थापन के कारण, लोगों की ज़िन्दगियों और आजीविकाओं पर जोखिम बरक़रार है.

बच्चों की मौतें

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष  यूनीसेफ़ के प्रवक्ता जेम्स ऐल्डर ने कहा है कि छोटी उम्र के बच्चे और बेहद कमज़ोर हालात में रहने वाले लोग, पहले ही भुखमरी सम्बन्धी बीमारियों से दम तोड़ रहे हैं.

प्रवक्ता ने कहा कि मौत का शिकार हो रहे लोगों की सही संख्या दर्ज करना कठिन है.

सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली ने देश के इतिहास में सबसे गम्भीर और लम्बे समय तक चले सूखा के प्रभावों का सामना करने में, राष्ट्रीय और स्थानीय अधिकारियों के सहायता प्रयासों को रेखांकित किया है.

मगर सहायता लम्बे समय तक और बेहतर रूप में जारी रखनी होगी क्योंकि अगर सहायता जारी नहीं रखी गई और अभी तक के अनुमानों के अनुसार, अगर 2023 के दौरान अप्रैल से जून की अवधि में बारिश नहीं हुई तो, अकाल पड़ने की प्रबल सम्भावना है.

अब भी अत्यन्त गम्भीर

सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र के रैज़िडैंट कोऑर्डिनेटर (RCO) ऐडम अब्देलमौला का कहना है, “सोमाली क्षमताओं सहित, सामूहिक मानवीय सहायता कार्यक्रमों की बदौलत, खाद्य असुरक्षा और अति गम्भीर कुपोषण के हालात को, अकाल में तब्दील होने से रोका जा सका है.”

“अक्टूबर तक, मानवीय सहायता साझीदारों ने, लगभग 68 लाख लोगों तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने में सफलता हासिल की.”

ऐडम अब्देलमौला ने कहा, “अकाल की औपचारिक घोषणा के अभाव में भी, देश में स्थिति अत्यन्त गम्भीर और चिन्ताजनक है.”

सोमालिया में सूखा से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या इस वर्ष बढ़कर, दोगुनी हो गई है, जोकि जनवरी 2022 में 32 लाख थी, और अक्टूबर में बढ़कर 78 लाख हो गई. साथ ही ज़रूरतों की गम्भीरता के अनुपात में भी इज़ाफ़ा हुआ है.

सोमालिया में एक महिला, अपने दो छोटे बच्चों की मौत के बाद उनकी क़ब्र के पास बैठे हुए.
© UNICEF/Mark Condren
सोमालिया में एक महिला, अपने दो छोटे बच्चों की मौत के बाद उनकी क़ब्र के पास बैठे हुए.

विस्थापन में सूखा की तस्वीर

सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय का कहना है कि सूखा के कारण होने वाले विस्थापन में पाँच गुना वृद्धि हुई है और इसी अवधि में विस्थापित लोगों की संख्या लगभग 13 लाख हो गई है.

वर्ष 2022 के दौरान, सोमालिया के लगभग 76 लाख लोगों ज़रूरतें पूरी करने के लिये की गई, 2.27 अरब डॉलर की अपील के जवाब में, 13 दिसम्बर 2022 तक, लगभग एक अरब डॉलर की रक़म की कमी थी.

ऐडम अब्देलमौला ने तमाम दानदाताओं का शुक्रिया अदा करते हुए, सम्पूर्ण अपील राशि में कमी को पूरा करने के लिये, उदार हृदय से दान देने की भी अपील की, ताकि मानवीय सहायता अभियान जारी रखने के साथ-साथ उनका दायरा भी बढ़ाया जा सके.

उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर अकाल को टालने में सफल रहे हैं, मगर अस्थाई तौर पर. हमें ये सुनिश्चि करना होगा और हम कर सकते हैं, कि सोमालिया के लोगों के लिये ये एक सतत वास्तविकता बना जाए.”

सोमालिया में मौजूद सूखा, पिछले 40 वर्षों में सबसे लम्बी अवधि तक चला है.
© WFP/Gabrielle Menezes
सोमालिया में मौजूद सूखा, पिछले 40 वर्षों में सबसे लम्बी अवधि तक चला है.