संकट प्रभावित महिलाओं व लड़कियों की मदद के लिये, 1.2 अरब डॉलर की अपील

संयुक्त राष्ट्र की प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी - UNFPA, केनया में महिला जननांग विकृति (FGM), को ख़त्म करने के लिये भी सहायता करती है.
© UNFPA/Georgina Goodwin
संयुक्त राष्ट्र की प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी - UNFPA, केनया में महिला जननांग विकृति (FGM), को ख़त्म करने के लिये भी सहायता करती है.

संकट प्रभावित महिलाओं व लड़कियों की मदद के लिये, 1.2 अरब डॉलर की अपील

महिलाएं

संयुक्त राष्ट्र की यौन व प्रजनन स्वास्थ्य एजेंसी – UNFPA ने, दुनिया भर में बढ़ती मानवीय ज़रूरतों के मद्देनज़र, महिलाओं, लड़कियों और सघर्ष व अशान्ति से प्रभावित 65 देशों में युवजन की सहायता करने के लिये, मंगलवार को 1.2 अरब डॉलर की धनराशि जुटाने के लिये, सहायता अपील जारी की है.

यूएन जनसंख्या कल्याण एजेंसी की ये अब तक की सबसे बड़ी सहायता अपील है, जिसमें 28 करोड़ 90 लाख डॉलर अफ़ग़ानिस्तान के लिये, सात करोड़ डॉलर यूक्रेन के लिये, 6 करोड़ डॉलर 20 लाख सोमालिया के लिये, और दो करोड़ डॉलर 30 लाख हेती के लिये होंगे.

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यूएन जनसंख्या एजेंसी ने दुनिया में अनेक तरह के, और आपस में गुँथे हुए संकट जारी रहने के हालात में, लोगों की ज़िन्दगियाँ बचाने और महिलाओं व लड़कियों के अधिकारों व ज़रूरतों की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिये, सटीक व लचीली मानवीय सहायता राशि की उपलब्धता की पुकार लगाई है.

बढ़ते संकट, विनाशकारी प्रभाव

गत वर्ष के दौरान वैश्विक ज़रूरतों में झटका देने वाली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, और जबरन विस्थापित लोगों की संख्या 10 करोड़ से भी ऊपर हो गई है, जोकि इतिहास में पहली बार है.

जानलेवा सूखों के हालात ने पाकिस्तान से लेकर हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका तक तबाही मचाई हुई है, जबकि यूक्रेन में युद्ध ने वैश्विक विस्थापन संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी है, और अफ़ग़ानिस्तान, हेती, सोमालिया व यमन में खाद्य असुरक्षा को और बदतर बना दिया है.

इस बीच काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य, इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्र, हेती और अन्य देशों में, अशान्ति व अस्थिरता लगातार जारी हैं.

सहायता से आशा की बहाली

यूएनएफ़पीए का कहना है कि संकटों ने महिलाओं व लड़कियों के स्वास्थ्य और अधिकारों पर विनाशकारी प्रभाव छोड़े हैं.

एजेंसी ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से ये सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि महिलाओं व लड़कियों को जिन जीवनरक्षक सेवाओं की ज़रूरत है, उन्हें मानवीय सहायता प्रतिक्रिया के केन्द्र में रखा जाए.

एजेंसी ने कहा है, “हमें जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराना, आशा की बहाली और आगे बढ़ना जारी रखना होगा.”

“हम अपने साझीदारों के मज़बूत वित्तीय और राजनैतिक समर्थन पर निर्भर करते हैं, क्योंकि महिलाएँ व लड़कियाँ हम पर निर्भर करती हैं.”

सहायता का दायरा बढ़े

यूएनएफ़पीए और उसके साझीदार संगठन, इस धनराशि के ज़रिये, महिलाओं व लड़कियों और आपात स्थितियों में युवजन की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये, एकीकृत प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएँ मुहैया करा सकेंगी.

इन सेवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और आपातकालीन प्रसूति देखभाल के साथ-साथ, परिवार नियोजन और लिंग आधारित हिंसा की रोकथाम व उसका सामना करने, चिकित्सा व मनोवैज्ञानिक सहायता की सेवाएँ शामिल हैं.

यूएनएफ़पीए और उसके साझीदार संगठनों ने वर्ष 2022 के दौरान, तीन करोड़ से ज़्यादा महिलाओं, लड़कियों और युवजन को जीवनरक्षक सहायता मुहैया कराई.

गरिमा किटों में, महिलाओं के काम आने वाली अनेक चीज़ें शामिल होती हैं.
UNFPA
गरिमा किटों में, महिलाओं के काम आने वाली अनेक चीज़ें शामिल होती हैं.