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2023 में, 23 करोड़ लोगों की मदद हेतु, रिकॉर्ड 51.5 अरब डॉलर की अपील

उत्तर-पूर्व नाइजीरिया में रण के निवासी, बाढ़ वाली मुख्य सड़क से गुज़रते हुए, जो अब वाहन द्वारा दुर्गम है.
© UNOCHA/Christina Powell
उत्तर-पूर्व नाइजीरिया में रण के निवासी, बाढ़ वाली मुख्य सड़क से गुज़रते हुए, जो अब वाहन द्वारा दुर्गम है.

2023 में, 23 करोड़ लोगों की मदद हेतु, रिकॉर्ड 51.5 अरब डॉलर की अपील

मानवीय सहायता

संयुक्त राष्ट्र ने गुरुवार को कहा है कि अगले वर्ष क़रीब 70 देशों में, दुनिया के सबसे कमज़ोर वर्ग के लगभग 23 करोड़ लोगों की मदद के लिये, रिकॉर्ड 51.5 अरब डॉलर की आवश्यकता होगी.

संयुक्त राष्ट्र और सहयोगी संगठनों ने रेखांकित किया है कि नवीनतम अपील का आकार - वर्तमान वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है, जोकि यह दर्शाता है कि 2022 की अपेक्षा, ज़रूरतमन्द लोगों की कुल संख्या में 6 करोड़ 50 लाख की वृद्धि हुई है.

'चौंकाने वाली बढ़ोत्तरी'

संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष आपातकालीन राहत अधिकारी, मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा, "ज़रूरतों में “आश्चर्यजनक रूप से बढ़ोत्तरी" हुई है और चेतावनी दी कि इस वर्ष की आपातस्थिति, 2023 तक जारी रहने की बहुत अधिक सम्भावना है.

उन्होंने कहा, "आवश्यकताएँ बढ़ रही हैं क्योंकि हम पर यूक्रेन युद्ध, कोविड, और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से त्रस्त हैं. मुझे डर है कि 2023 में स्थितियाँ बदतर हो सकती है, और इसलिये हमारा कहना है...कि हम उम्मीद करते हैं कि 2023 एकजुटता का वर्ष होगा, ठीक वैसे ही, जैसे 2022 पीड़ा का वर्ष रहा है."

ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन ओवरव्यू रिपोर्ट 2023 को जारी किये जाने के अवसर पर मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने जिनीवा में कहा कि यह अपील, विकट हालात में रह रहे लोगों के लिये "जीवनरक्षा" के समान होगी.

सोमालिया में कुपोषण के लिये एक स्वास्थ्य केन्द्र में एक माँ और बच्चा.
© UNICEF/Sebastian Rich
सोमालिया में कुपोषण के लिये एक स्वास्थ्य केन्द्र में एक माँ और बच्चा.

जलवायु परिवर्तन, कोविड, यूक्रेन

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका तक कईं देश, घातक सूखे और बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. इसके अलावा, यूक्रेन में युद्ध ने "यूरोप के एक हिस्से को युद्ध के मैदान में बदल दिया था.”

दुनिया भर में अब 10 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हैं. और इससे इतर, विश्व के निर्धनतम लोग अभी वैश्विक महामारी के असर से उबर नहीं पाए हैं.

यूएन के अनुसार 2023 के लिये मानवीय राहत दृष्टिकोण इतना हताश करने वाला है, चूँकि मानवीय राहत की मांग पहले ही बहुत अधिक थी.

अकाल का बढ़ता ख़तरा

मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने समझाया कि इस साल के अन्त तक, 53 देशों में लगभग "22 करोड़ 20 लाख लोग, गहन खाद्य असुरक्षा का सामना करेंगे."

अकाल के ख़तरे को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि पाँच देश "पहले से ही अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, जहाँ हम पूरे विश्वास, लेकिन दुख के साथ कह सकते हैं कि लोगों की विस्थापन, खाद्य असुरक्षा, भोजन की कमी व भुखमरी के कारण मौत हो रही है - और इनमें अधिकतर बच्चे हैं.”

नाइजीरिया के पूर्वोत्तर प्रान्त - बोर्नो में विस्थापित महिलाएँ अपने बच्चों को साथ, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक स्थिति आकलन शिविर में.
© WFP/Arete/Siegfried Modola
नाइजीरिया के पूर्वोत्तर प्रान्त - बोर्नो में विस्थापित महिलाएँ अपने बच्चों को साथ, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के एक स्थिति आकलन शिविर में.

भुखमरी का जोखिम

वैश्विक मानव कल्याण आकलन के अनुसार, 2023 में, 37 देशों में 4 करोड़ 50 लाख लोगों पर भुखमरी का ख़तरा मंडरा रहा है.

बताया गया है कि कमज़ोर समुदायों को स्वास्थ्य सहित कई मोर्चों पर समस्याओं का सामना करना पड़ता है, क्योंकि जहाँ चिकित्सा सेवाएँ कोविड-19 से हुई क्षति से उबरने के लिये अभी भी संघर्ष कर रही हैं, वहीं इबोला और हैजा के प्रकोप समेत, mpox और अन्य बीमारियाँ उभर रही हैं.

मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से जोखिम और बढ़ रहा है. उन्होंने चिन्ता ज़ाहिर की कि सदी के अन्त तक, अत्यधिक गर्मी से उतने ही लोगों की जान जाएगी, जितनी कि कैंसर के कारण होती है.

मानवीय राहत एजेंसियों की भूमिका

संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत प्रमुख ने कहा कि जलवायु आपात स्थिति से सबसे प्रभावित समुदायों की मदद करने के लिये, मानवतावादियों को अन्तरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं में एक बड़ी भूमिका निभानी होगी.

यह उन लोगों के लिये सहनसक्षमता निर्माण हेतु वित्त-पोषण सुनिश्चित किये जाने के लिये अहम है, जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है.

“मुझे लगता है कि 2023 में, मानवतावादी समुदाय को बहुत अधिक संगठित होने की आवश्यकता है और वास्तव में जलवायु कार्रवाई के वादों में अधिक पारदर्शिता लाने के बारे में मुखर होना होगा."

साथ ही, धनराशि वितरण के निर्णय त्वरित रूप से लेने होंगे एवं उन लोगों तक धनराशि की पहुँच सुनिश्चित करनी होगी, जिनके लिये यह आवंटित की गई है.

यमन में अपनी कक्षा में एक युवा लड़की, जहाँ ECW द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम के तहत, शिक्षकों और छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच में सुधार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
© Building Foundation for Development Yemen
यमन में अपनी कक्षा में एक युवा लड़की, जहाँ ECW द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम के तहत, शिक्षकों और छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच में सुधार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

'यथार्थवादी रहें'

मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रीय और निजी, दोनों दानदाताओं से अनुरोधित पूरी राशि प्राप्त करना "बहुत कठिन" होगा, क्योंकि वे उदार इरादों के बावजूद, बढ़ती मांगों को पूरा कर पाने में पहले ही असमर्थ हैं.

इस वर्ष, संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई वाली वैश्विक मानवीय अपील का केवल 47 प्रतिशत वित्त-पोषण ही प्राप्त हुआ है – जो कि पिछले वर्षों में जुटाई गई 60 से 65 प्रतिशत धनराशि के मद्देनज़र एक बड़ी गिरावट है.

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी ने बताया कि यूक्रेन में 1 करोड़ 36 लाख लोगों को सहायता दी गई, और अगले वर्ष, देश और व्यापक क्षेत्र के लिये कुल 5.7 अरब डॉलर का अनुरोध किया गया था.

उन्होंने कहा कि "जैसे-जैसे सर्दियाँ शुरू हो रही हैं, यह रास्ता आसान होता नहीं दिख रहा है."

तंज़ानिया में छोटे पैमाने के किसानों को, कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए खाद्य सुरक्षा बेहतर बनाने के वास्ते, सहायता दी जा रही है.
IFAD/Joanne Levitan
तंज़ानिया में छोटे पैमाने के किसानों को, कोविड-19 के प्रभाव को देखते हुए खाद्य सुरक्षा बेहतर बनाने के वास्ते, सहायता दी जा रही है.

किसान परिवारों के लिये भोजन

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2023 के लिये जारी की गई इस अपील के तहत, यूएन खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने चार करोड़ 80 लाख लोगों तक राहत पहुँचाने के लिये एक अरब 90 करोड़ की सहायता धनराशि की पुकार लगाई है.

इनमें से अधिकाँश ज़रूरतमंद गुज़र-बसर के लिये खेती-बाड़ी पर निर्भर है, जिन तक जीवनदायी और आजीविका सम्बन्धी सहायता पहुँचाई जानी आवश्यक है.  

खाद्य एवं कृषि संगठन के अनुसार, विश्व भर में खाद्य असुरक्षा गम्भीर रुप धारण कर रही है और प्रभावितों की कृषि उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ा है. इसके मद्देनज़र, विश्व की सर्वाधिक निर्बल आबादी के लिये पोषक आहार की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किया जाना अहम होगा.

राहत प्रयासों के अन्तर्गत, संगठन द्वारा हिंसक संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों समेत अन्य इलाक़ों में ज़रूरतमंदों तक नक़दी, फ़सल व सब्ज़ी बीज पैकेज और मवेशियों के लिये भोजन मुहैया कराया जाता है.

यूएन एजेंसी पशु स्वास्थ्य के लिये अभियानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में बेहतरी के प्रयासों को बढ़ावा देती है. इनमें सिंचाई प्रणाली, बाज़ार व्यवस्था भी है ताकि भविष्य में आपात स्थिति से निपटने के लिये सहनक्षमता विकास सुनिश्चित किया जा सके.