मध्य पूर्व: ‘इसराइली-फ़लस्तीनी संघर्ष, उबाल बिन्दु के निकट’

फ़लस्तीनी क्षेत्र - पश्चिमी तट में रामल्लाह के निकट एक इसराइली अवरोधक दीवार के निकट से गुज़रते हुए कुछ महिलाएँ. (फ़ाइल फ़ोटो)
IRIN/Shabtai Gold
फ़लस्तीनी क्षेत्र - पश्चिमी तट में रामल्लाह के निकट एक इसराइली अवरोधक दीवार के निकट से गुज़रते हुए कुछ महिलाएँ. (फ़ाइल फ़ोटो)

मध्य पूर्व: ‘इसराइली-फ़लस्तीनी संघर्ष, उबाल बिन्दु के निकट’

शांति और सुरक्षा

मध्य पूर्व के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत टोर वैनेसलैंड ने सोमवार को सुरक्षा परिषद में कहा है कि इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के बीच संघर्ष एक बार फिर उबाल के बिन्दु पर पहुँच रहा है. उन्होंने अवरुद्ध पड़ी शान्ति प्रक्रिया के माहौल में, हिंसा में उछाल की चेतावनी भी दी है.

विशेष दूत टोर वैनेसलैंड ने दो राष्ट्रों के समाधान के लिए, और ज़्यादा मज़बूत अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता का आहवान किया है और आगे बढ़ने के लिए कुछ सम्भावित रास्तों का ख़ाका भी पेश किया है.

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उन्होंने बताया कि इसराइल के क़ब्ज़े वाले फ़लस्तीनी क्षेत्र - पश्चिमी तट और इसराइल में हाल के महीनों के दौरान, उच्च स्तर की हिंसा के कारण भारी तकलीफ़ें देखने को मिली हैं.

इनमें दोनों तरफ़ के आम लोगों के विरुद्ध हमले भी शामिल हैं जिनमें हथियारों का बढ़ा हुआ प्रयोग और फ़लस्तीनी इलाक़ों में यहूदी निवासियों द्वारा की गई हिंसा भी शामिल हैं.

हिंसा में उछाल

विशेष दूत ने कहा, “दशकों तक जारी हिंसा, अवैध यहूदी बस्तियों के विसातर, अवरुद्ध पड़ी वार्ता और इसराइली क़ब्ज़े के विस्तार ने, संघर्ष एक बार फिर उबाल बिन्दु पर पहुँच रहा है.”

गत सप्ताह येरूशेलम में हुए धमाकों में दो इसराइली व्यक्तियों की मौत हो गई और अनेक अन्य घायल हो गए. विशेष दूत ने इस हमले की निन्दा की.

उससे कुछ दिन पहले फ़लस्तीनी इलाक़ों में यहूदी निवासियों ने हैब्रॉन शहर में फ़लस्तीनियों के विरुद्ध हिंसक हमले किए. विशेष दूत ने उन हमलों की भी निन्दा की.

टोर वैनेसलैंड ने कहा, “क़ाबिज़ फ़लस्तीनी इलाक़े में हिंसा में उछाल, ऐसे समय में हो रहा है जब शान्ति प्रक्रिया अवरुद्ध पड़ी है और फ़लस्तीनी इलाक़ों पर इसराइली क़ब्ज़ा अपनी जड़ें मज़बूत कर रहा है, साथ ही फ़लस्तीनी प्राधिकरण के सामने आर्थिक और संस्थागत चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं.”

“वैश्विक रुझानों और दानदाताओं के घटते समर्थन ने भी इन चुनौतियों को और जटिल बना दिया है...”

भड़काव का जोखिम

उससे भी ज़्यादा, फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में नाज़ुक शान्ति में, हाल ही में उस समय व्यवधान उत्पन्न हुआ जब फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने इसराइल की तरफ़ चार रॉकेट दागे, जिस पर इसराइल के रक्षा बलों ने हवाई हमले किए.

विशेष दूत ने कहा, “एक बार फिर, हमें याद करने की आवश्यकता है कि मिश्रित चरमपंथी गतिविधि, अपंग बना देने वाली नाकेबन्दी, एक वैध फ़लस्तीनी सरकार की अनुपस्थिति और हताशा ने, भड़काव का ज़ोरदार जोखिम उत्पन्न कर दिया है.”

टोर वैनेसलैंड और उनकी टीम, फ़लस्तीनी और इसराइल अधिकारियों के साथ-साथ अन्तरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय पक्षों के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं.

यूएन समर्थन

संयुक्त राष्ट्र ने साझीदारों के साथ मिलकर, ग़ाज़ा में मई 2022 के दौरान और उससे पहले के महीनों में, युद्धविराम लागू कराने के लिये मध्यस्थता की.

स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के वास्ते उपाय किए गए, जिनमें आवागमन में सुधार और ग़ाज़ा के भीतर पहुँचने और वहाँ से बाहर जाने के हालात बेहतर बनाए गए, लोगों व सामान दोनों के लिए.