इबोला : परीक्षण के लिए उम्मीदवार वैक्सीन की ख़ुराकें, जल्द युगांडा भेजे जाने की योजना

युगाण्डा के कम्पाला शहर का एक दृश्य.
IMF/Esther Ruth Mbabazi
युगाण्डा के कम्पाला शहर का एक दृश्य.

इबोला : परीक्षण के लिए उम्मीदवार वैक्सीन की ख़ुराकें, जल्द युगांडा भेजे जाने की योजना

स्वास्थ्य

युगांडा, घातक इबोला वायरस बीमारी के प्रकोप से गुज़र रहा है, और अब तक 141 पुष्ट मामले और 22 सम्भावित मामले सामने आए हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को कहा कि अगले सप्ताह युगांडा में प्रस्तावित नैदानिक ​​परीक्षण के लिए तीन उम्मीदवार इबोला कि वैक्सीन के भेजे जाने कि उम्मीद है.

युगांडा में इस समय जानलेवा इबोला वायरस तेज़ी से फैल रहा है, और अब तक 141 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 22 सम्भावित मामले सामने आए हैं.

देश में अब तक 55 मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि 22 लोगों की मौत इस बीमारी से होने की आशंका है. 73 लोग अब तक इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं.

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20 सितम्बर को युगांडा में इबोला वायरस का प्रकोप घोषित किया गया था. उसके बाद से ही, स्थानीय अधिकारी और भागीदार संगठन, संयुक्त राष्ट्र एजेंसी द्वारा समन्वित एक वैश्विक प्रयास के तहत, परीक्षण में उपयोग के लिए टीकों के त्वरित विकास और वितरण में तेज़ी लाने के लिए प्रयासरत हैं.

डॉक्टर टैड्रॉस ने पत्रकारों को बताया कि WHO विशेषज्ञ समिति ने तीन सम्भावित टीकों का मूल्यांकन किया है और सहमति जताई है कि इन सभी टीकों को योजनाबद्ध तरीक़े से परीक्षण में शामिल किया जाना चाहिए.

विश्व स्वास्थ्य संगठन और युगांडा के स्वास्थ्य मंत्री ने समिति की सिफ़ारिश पर विचार करने के बाद इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है. हमें उम्मीद है कि वैक्सीन की पहली ख़ुराकें अगले सप्ताह युगांडा भेज दी जाएंगी.”

इस बीच, विशेषज्ञों के एक समूह ने परीक्षण के लिए दो खोजी चिकित्सा-विधान (investigational therapeutics) और साथ ही एक परीक्षण डिज़ाइन का भी चयन किया है, जिसे WHO और युगांडा के अधिकारियों की स्वीकृति के लिए भेजा गया है.

संकट का स्वास्थ्य पर प्रभाव

डॉक्टर टैड्रोस ने इंडोनेशिया के बाली से यह जानकारी प्रदान की, जहाँ वह जी20 समूह की शिखर बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुँचे थे.

उन्होंने कहा कि हिंसक संघर्ष, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक खाद्य व ऊर्जा संकट ने कोविड-19 महामारी को पीछे छोड़ते हुए अब हर जगह, नेताओं के लिए प्रमुख मुद्दों के रूप में जगह ले ली है, मगर इन सभी का स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है.

"भोजन और ऊर्जा का अभाव, या उनकी अधिक खपत, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए गम्भीर परिणाम की वजह हो सकते हैं."

"इन संकटों के प्रभावों के विरुद्ध स्वास्थ्य की रक्षा करना ज़रूरी है, लेकिन यह अर्थव्यवस्थाओं और समाजों की रक्षा करने में भी मददगार है."

जी20 नेताओं की प्रशंसा

महानिदेशक घेबरेयेसस ने जी20 समूह द्वारा की गई उस घोषणा का स्वागत किया, जिसमें स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मज़बूत समर्थन की बात कही गई है.

उन्होंने बताया, "जी20 नेताओं ने कहा है कि वे महामारी से एक स्वस्थ और सतत बहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं, और टिकाऊ विकास लक्ष्यों के तहत सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को प्राप्त करने और उसे बनाए रखने की दिशा में प्रयासरत हैं."

विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं ने भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेतृत्व और समन्वय के साथ वैश्विक स्वास्थ्य संचालन व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई.

उन्होंने एक नए वैश्विक महामारी कोष की स्थापना का भी स्वागत किया.

एक लक्ष्य की ओर

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख गुरुवार को फ़ुटबॉल विश्व कप के उदघाटन में भाग लेने के लिए क़तर की यात्रा करेंगे.

इस अवसर पर WHO प्रमुख, विशाल खेल आयोजनों में सर्वजन के स्वास्थ्य में बेहतरी लाने के लिए निहित सम्भावनाओं को भी रेखांकित करेंगे.

उन्होंने कहा, "विश्व कप, पृथ्वी पर सबसे महान कार्यक्रमों में से एक है जिसके लगभग पाँच अरब दर्शक हैं.”

विशाल आयोजन के मद्देनज़र, क़तर प्रशासन और अन्तरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल संघ (फ़ीफ़ा) ने कोविड-19 समेत अन्य बीमारी के प्रसार को कम करने के उपाय भी अपनाए हैं.

इस क्रम में, स्टेडियम और "प्रशंसक ज़ोन" में स्वस्थ भोजन विकल्पों को बढ़ावा दिया गया है और बैठने की सभी जगहों और स्टेडियम में तम्बाकू सेवन पर रोक है.