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नाइजीरिया: बाढ़ से लाखों लोग ख़तरे में, बुर्कीना फ़ासो में भी खाद्य अभाव

नाइजीरिया के ज़्यादातर प्रान्त बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
© UNICEF/Vlad Sokhin
नाइजीरिया के ज़्यादातर प्रान्त बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

नाइजीरिया: बाढ़ से लाखों लोग ख़तरे में, बुर्कीना फ़ासो में भी खाद्य अभाव

जलवायु और पर्यावरण

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने नाइजीरिया में आई भीषण बाढ़ और उससे हुई भारी तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है जिसमें 28 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

इस बाढ़ को देश में दशकों में सबसे ज़्यादा विनाशकारी माना जा रहा है, जिससे 13 लाख लोग विस्थापित भी हुए हैं और सैकड़ो लोगों की मौत हुई है.

यूएन महासचिव एंतोनियो की तरफ़ से शुक्रवार को जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि इस बाढ़ से बुनियादी ढाँचे और कृषि भूमि को भी भारी नुक़सान पहुँचा है, जिससे देश भर में जीवन-यापन की लागत बदतर हुई है.

यूएन प्रमुख ने नाइजीरिया सरकार और प्रभावित परिवारों के साथ गहरी हमदर्दी व्यक्त करते हुए, “इस चुनौतीपूर्ण समय में, नाइजीरिया सरकार को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन जारी रखने का संकल्प दोहराया है.”

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष – यूनीसेफ़ ने कहा है कि ज़रूरतमन्द लोगों में 60 प्रतिशत संख्या बच्चों की है, जो अब जल जनित बीमारियों, पानी में डूबकर मौत होने और कुपोषण के ज़्यादा जोखिम में हैं.

नाइजीरिया में भीषण बाढ़ के कारण, लगभग 15 लाख लोग गम्भीर जोखिम में हैं.
© UNICEF/Esiebo/Abraham Achirga
नाइजीरिया में भीषण बाढ़ के कारण, लगभग 15 लाख लोग गम्भीर जोखिम में हैं.

इस बाढ़ से देश के 36 प्रान्तों में से 34 प्रभावित हुए हैं, और अभी तक 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. दो लाख घर या तो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं या पूरी तरह तबाह हो गए हैं.

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अत्यन्त नाज़ुक स्थिति

नाइजीरिया में यूनीसेफ़ प्रतिनिधि क्रिश्टियन मुंडुआटे ने कहा है, “बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में बच्चे और किशोर वय की आबादी, सबसे ज़्यादा नाज़ुक स्थिति में हैं.”

उन्होंने कहा, “इस आबादी को विशेष रूप में जल जनित बीमारियों, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सदमों का जोखिम है."

"यूनीसेफ़ सर्वाधिक ज़रूरतमन्द लोगों को जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने के लिये, सरकार के साथ निकट सम्पर्क में काम कर रहा है.”

बच्चों की तत्काल ज़रूरतों में स्वास्थ्य, पानी, स्वच्छता, और साफ़-सफ़ाई के साथ-साथ आश्रय और भोजन भी शामिल हैं.

बुर्कीना फ़ासो में तेज़ी से बढ़ती मानवीय ज़रूरतें

संयुक्त राष्ट्र के आपात राहत मामलों के संयोजक मार्टिन ग्रिफ़िथ्स नाइजीरिया के पड़ोसी देश बुर्कीना फ़ासो का एक तथ्यान्वेशी दौरा शुक्रवार को पूरा किया है.

इसके बाद उन्होंने कहा है कि इस भूमिबद्ध पश्चिमी अफ़्रीकी देश के लिये, ये काफ़ी चुनौतीपूर्ण समय है.

मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा है, “मानवीय ज़रूरतें तेज़ी से बढ़ रही हैं. लगभग एक चौथाई आबादी, यानि क़रीब 49 लाख लोगों को, आपात सहायता की आवश्यकता है.

ये संख्या, इस वर्ष के शुरू की तुलना में 40 प्रतिशत ज़्यादा है.”

“बुर्कीना फ़ासो में विनाशकारी लड़ाई-झगड़े और जलवायु के झटकों के कारण, हर 10 में से एक व्यक्ति अपने घरों से विस्थापित हैं.”

पूरे सहेल क्षेत्र में अतिवादी सशस्त्र गुटों की गतिविधियों और अनेक इलाक़ों में नाकाबन्दी के कारण बढ़ती असुरक्षा के कारण बहुत से समुदाय अलग-थलग पड़ गए हैं, और उनके पास मानवीय सहायता का बहुत कम सामान ही बचा है.

मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने कहा कि ज़रूरतमन्द लोगों को, गरिमा और सम्मान के साथ, जीवन-रक्षक सहायता मुहैया कराने की ख़ातिर, अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है.

बुर्कीना फ़ासो की मदद के लिये जो साढ़े 80 करोड़ डॉलर की सहायता राशि की जो अपील की गई थी, उसका अभी केवल एक तिहाई हिस्सा ही प्राप्त हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के संयोजक मार्टिन ग्रिफ़िथ्स, बुर्कीना फ़ासो के एक उत्तरी इलाक़े का दौरा करने के दौरान.
OCHA
संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत मामलों के संयोजक मार्टिन ग्रिफ़िथ्स, बुर्कीना फ़ासो के एक उत्तरी इलाक़े का दौरा करने के दौरान.