इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में 60 लाख लोगों की घेराबन्दी, एक 'स्वास्थ्य संकट'

इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में एक ग्रेनेड की चपेट में आने से घायल 10 वर्षीय बच्चे का उपचार किया जा रहा है.
© UNICEF/Christine Nesbitt
इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में एक ग्रेनेड की चपेट में आने से घायल 10 वर्षीय बच्चे का उपचार किया जा रहा है.

इथियोपिया: टीगरे क्षेत्र में 60 लाख लोगों की घेराबन्दी, एक 'स्वास्थ्य संकट'

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय व मीडिया से इथियोपिया में संकटपूर्ण परिस्थितियों पर पर्याप्त ध्यान दिये जाने का आग्रह किया है. इथियोपिया के सरकारी सुरक्षा बलों और टीगरे में अलगाववादी लड़ाकों के बीच लड़ाई फिर शुरू होने के कारण मानवीय हालात बद से बदतर हो रहे हैं.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी प्रमुख ने बुधवार को जिनीवा में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी ऐसे हालात नहीं हैं, जहाँ लगभग दो वर्षों से 60 लाख लोगों की घेराबन्दी की गई है.

उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में जनसंहार को रोकने के लिये बहुत कम समय ही बचा है.

Tweet URL

इससे पहले, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी सोमवार को आगाह किया था कि इथियोपिया के टीगरे क्षेत्र में लड़ाई, नियंत्रण से बाहर होती जा रही है, और सामाजिक ताने-बाने की धज्जियाँ उड़ रही हैं.

नवम्बर 2020 में, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रशासन में तनातनी व तनाव बढ़ने के बाद, सरकारी सुरक्षा बलों और टीगरे में अलगाववादी लड़ाकों के बीच लड़ाई शुरू हुई.

हिंसा के कारण लाखों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं.

बताया गया है की ऐरीट्रिया के सैन्य बलों ने इथियोपियाई सुरक्षा बलों के साथ हाथ मिलाया है और अब वे टीगरे की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने बताया कि, “हाँ, मैं टीगरे से हूँ, और हाँ, यह निजी रूप से मुझे प्रभावित करता है.”

“मेरे अधिकाँश परिजन सर्वाधिक प्रभावित इलाक़ों में हैं, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक.”

महानिदेशक घेबरेयेसस ने कहा कि यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे दुनिया का ध्यान उन संकटों की ओर आकृष्ट करें, जिनसे लोगों के स्वास्थ्य के लिये ख़तरा पैदा हो रहा है.

“यह 60 लाख लोगों के लिये एक स्वास्थ्य संकट है, और दुनिया वहाँ पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है.”

‘टकराव को रोकना होगा’

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख ने महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के शब्दों को दोहराते हुए कहा कि इथियोपिया में हालात बेक़ाबू होते जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि टीगरे में शत्रुता का अब अन्त करना होगा और, इसके लिये इथियोपिया से ऐरीट्रियाई सशस्त्र सेना की तत्काल वापसी भी ज़रूरी है.

डॉक्टर टैड्रॉस के अनुसार युद्ध के औज़ार के तौर पर बैंकिंग, ईंधन, भोजन, बिजली व स्वास्थ्य देखभाल का इस्तेमाल किया जा रहा है, मीडिया कवरेज की अनुमति नहीं है, और अंधेरे में आम नागरिकों पर क़हर बरपाया जा रहा है.

“तपेदिक, एचआईवी, डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप और अन्य – इन बीमारियों के लिये कोई सेवा नहीं है. इनका अन्यत्र उपचार किया जा सकता है, मगर टीगरे में ये मौत की सज़ा दिये जाने के समान है.”

उन्होंने क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास धन है, वे भी भूख की मार झेलने के लिये मजबूर हैं.

कोविड-19, अब भी आपात स्थिति

यूएन एजेंसी के प्रमुख ने अपनी नियमित पत्रकार वार्ता के दौरान, कोविड-19 पर भी चर्चा की, जोकि अब भी अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति है.

उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी की शुरुआत के बाद से अब तक वैश्विक हालात में बेहतरी आ चुकी है, मगर वायरस में निरन्तर बदलाव आ रहे हैं, और अनेक जोखिम व अनिश्चितताएँ बरक़रार हैं.

महानिदेशक घेबरेयेसस ने आगाह किया कि वैश्विक महामारी ने पहले भी हैरान किया है, और फिर से ऐसा हो सकता है.

इसके मद्देनज़र, संगठन प्रमुख ने निगरानी प्रयासों को मज़बूती प्रदान करने, परीक्षणों, उपचार व टीकों की उपलब्धता बढ़ाने पर बल दिया है, विशेष रूप से अधिक जोखिम झेल रहे समुदायों के लिये.

साथ ही, सभी देशों को अपनी राष्ट्रीय तैयारी व प्रतिक्रिया योजनाओं में आवश्यकता अनुरूप संशोधन करना होगा.

मंकीपॉक्स संक्रमण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुखिया के अनुसार, गुरूवार को संगठन की आपात समिति की एक बैठक होनी है, जिसमें मंकीपॉक्स बीमारी के प्रकोप पर चर्चा होगी, और अनुशन्सा प्रस्तुत की जाएगी.

डॉक्टर टैड्रॉस ने बताया कि विश्व भर में संक्रमण मामलों में लगातार आठ हफ़्तों से कमी दर्ज की गई है. मगर, कोविड-19 की तरह, जोखिम व अनिश्चितता बरक़रार है और कुछ देशों में अब भी वायरस फैल रहा है.