अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस: बुज़ुर्गों की असाधारण सहनशीलता रेखांकित

भारत में वृद्ध महिलाएँ, अक्सर, अपने भरण-पोषण व सामाजिक बेहतरी के लिये, अपने परिवारों पर निर्भर करती हैं.
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भारत में वृद्ध महिलाएँ, अक्सर, अपने भरण-पोषण व सामाजिक बेहतरी के लिये, अपने परिवारों पर निर्भर करती हैं.

अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस: बुज़ुर्गों की असाधारण सहनशीलता रेखांकित

मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार को, अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस के अवसर पर, तेज़ी से बदलती दुनिया में एक अरब से भी ज़्यादा वृद्ध महिलाओं और पुरुषों की सहनशीलता की तरफ़, ध्यान आकर्षित किया है.

यूएन प्रमुख ने इस दिवस पर अपने वीडियो सन्देश में कहा है, “पिछले कुछ वर्षों के दौरान नाटकीय परिवर्तन हुए हैं – और वृद्ध जन ख़ुद को अक्सर संकटों के बीच में पाते हैं.”

उन्होंने कहा कि वृद्ध जन अनेक तरह की चुनौतियों के लिये नाज़ुक हालात में हैं, जिनमें कोविड-19 महामारी, बद से बदतर होता जलवायु संकट, विस्तारित संघर्ष व लड़ाइयाँ, और बढ़ती निर्धनता शामिल हैं.

“फिर भी इन जोखिमों के मद्देनज़र, वृद्ध जन ने हमें उनकी असाधारण सहनशीलता के साथ प्रेरित किया है.”

सहनक्षमता का सदुपयोग

वर्ष 2030 तक, दुनिया भर में लगभग एक अरब 40 करोड़ लोग, कम से कम 60 वर्ष की आयु के होंगे.

यूएन प्रमुख ने कहा, “समाजों और वैश्विक समुदाय के रूप में हमारा कार्य लम्बी उम्र की चुनौतियों के समाधान निकालना – और क्षमताओं का सदुयोपग करना है.”

उन्होंने हर किसी से, तमाम उम्र के लोगों के सामाजिक, आर्थिक, और राजनैतिक समावेश को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया.

उन्होंने याद दिलाया कि ये संकल्प टिकाऊ विकास लक्ष्यों (SDGs) में निहित है और जीवन पर्यन्त सीखना, मज़बूत सामाजिक संरक्षण, अच्छी गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल की उपलब्धता, डिजिटल खाई को पाटना, अन्तर-पीढ़ी समर्थन, गरिमा और सम्मान, बेहद ज़रूरी हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस के अवसर पर देशों को, बुज़ुर्गों की क्षमताओं की तरफ़ ध्यान आकर्षित करने के चलन को प्रोत्साहन देने पर ज़ोर दिया है.
UNFPA Vietnam

ज्ञान का झरना

यूएन प्रमुख ने कहा, “वृद्धजन ज्ञान और अनुभव के विशाल स्रोत हैं.” उन्होंने वृद्धजन की सक्रियता, सम्पूर्ण भागेदारी, और अनिवार्य योगदान सुनिश्चित करने के लिये, लगातार प्रयासों की ज़रूरत को भी रेखांकित किया.

उन्होंने कहा कि हम ऐसा करके, ज़्यादा समावेशी और आयु-मित्र समाजों व ज़्यादा सहनशील दुनिया का निर्माण करेंगे.

महिलाएँ अग्रिम मोर्चे पर

इस वर्ष के इस दिवस की थीम है – एक बदलती दुनिया में, वृद्ध जन की सहनशीलता. इसके तहत, न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में वृद्ध महिलाओं पर ध्यान केन्द्रित किया गया है.

वैसे तो राजनीति, सिविल सोसायटी, संस्कृति और पूरे समाज में ही सार्थक योगदान जारी है, मगर उनके योगदान और अनुभव, ज़्यादातर अदृश्य रहते हैं और उनकी अनदेखी की जाती है, जो जीवन के दौरान लैंगिक वंचितावस्थाओं से सीमित होते हैं.

समाधान

अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस, वैश्विक चुनौतियों पर पार पाने और सहनशीलता व साहस के साथ, समाधानों  योगदान करने में महिलाओं की सक्रिया भूमिका को रेखांकित करने का एक ठोस अवसर है.

वृद्ध महिलाओं के अहम योगदान को पहचान देने और उनकी आवाज़ों, नज़रियों और ज़रूरतों के समावेश को प्रोत्साहन देना, सार्थक नीतियों के निर्माण के लिये अति महत्वपूर्ण है.

इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ये दिवस कार्रवाई करने और वृद्ध महिलाओं की आवाज़ों, और उनकी सहनशीलता व समाज में उनके योगदान को अपनाने का एक अवसर है.