अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर 'अहिंसा भाषण श्रृंखला' का आयोजन

हर वर्ष 2 अक्टूबर को, अहिंसा दिवस के अन्तर्गत शान्ति में अहिंसा की अहमियत को रेखांकित किया जाता है.
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हर वर्ष 2 अक्टूबर को, अहिंसा दिवस के अन्तर्गत शान्ति में अहिंसा की अहमियत को रेखांकित किया जाता है.

अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर 'अहिंसा भाषण श्रृंखला' का आयोजन

शांति और सुरक्षा

भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन की एक अग्रणी हस्ती - महात्मा गांधी के जन्म दिवस - 2 अक्टूबर को हर वर्ष, 'अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' मनाया जाता है. इस अवसर पर, न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, शुक्रवार, 30 सितम्बर को एक अहिंसा भाषण श्रृंखला का आयोजन किया गया है, जिसकी वीडियो कवरेज यहाँ देखी जा सकती है.

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, शुक्रवार, 30 सितम्बर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के सिलसिले में, मानवता की ख़ुशहाली में शिक्षा की भूमिका पर एक चर्चा का आयोजन किया गया.
न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में, शुक्रवार, 30 सितम्बर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के सिलसिले में, एक परिचर्चा का आयोजन किया गया.

इस ‘अहिंसा भाषण श्रृंखला’ का आयोजन, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन और यूनेस्को - शान्ति और टिकाऊ विकास के लिये महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान (UNESCO-MGIEP) ने किया है.

इस चर्चा की थीम है: मानवता की ख़ुशहाली में शिक्षा की भूमिका.

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून 2007 को एक प्रस्ताव – A/RES/61/271 पारित करके, अहिंसा का सन्देश प्रसार करने के लिये, ये दिवस मनाए जाने की प्रावधान किया था.

तब से हर वर्ष 2 अक्टूबर को, अहिंसा दिवस के अन्तर्गत शान्ति में अहिंसा की अहमियत को रेखांकित किया जाता है.

यूएन महासभा के प्रस्ताव में “अहिंसा के सिद्धान्त की सार्वभौमिक प्रासंगिकता” और “शान्ति, सहिष्णुता, समझ और अहिंसा की संस्कृति क़ायम करने” की इच्छा की भी सम्पुष्टि की गई है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में, 140 देशों ने इस प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया था.