म्याँमार: 11 बच्चों की मौत के लिये ज़िम्मेदार हमले की कड़ी निन्दा

20 सितम्बर 2022

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने म्याँमार में, सरकारी सैनिकों द्वारा, विद्रोहियों का गढ़ समझे जाने वाले उत्तरी इलाक़े में एक स्कूल को निशाना बनाकर किये गए हमलों की कड़ी निन्दा की है. इन हमलों में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है, जिनमें 11 बच्चे हैं.

यूएन महासचिव ने अपने प्रवक्ता के ज़रिये जारी एक वक्तव्य में, स्कूल पर किये गए इस हमले में हताहत हुए लोगों के परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.

समाचारों के अनुसार, देश में सत्तारूढ़ सैनिक शासन – जुण्टा के आदेश पर, शुक्रवार को सैनिकों ने हैलीकॉप्टरों पर से, उत्तरी क्षेत्र सगाइंग में, लैत यैत कोन इलाक़े में एक स्कूल पर गोलियाँ चलाईं.

सेना ने कथित रूप में कहा है कि उसने विद्रोहियों पर हमला शुरू किया था और सेना के दावों के अनुसार वो विद्रोही स्कूल में छुपे हुए थे.

फ़रवरी 2021 का तख़्तापलट

ध्यान रहे कि म्याँमार में लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को, फ़रवरी 2021 में सेना द्वारा तख़्तापलट के ज़रिये हटा दिये जाने के बाद, वहाँ अशान्ति रही है. इस दौरान विपक्ष को हिंसक दमन किया गया है और मानवता के विरुद्ध अपराध और युद्धापराधों को अंजाम दिया गया है. इस आशय की जानकारी मानवाधिकार परिषद को सितम्बर 2022 के शुरू में दी गई थी.

सैन्य सत्ता का विरोध करने के लिये, देश भर में विपक्षी आन्दोलनों में तेज़ी आई है जिनमें से कुछ सशस्त्र आन्दोलन भी हैं. सरकारी सैनिकों ने इन आन्दोलनों पर और भी ज़्यादा शक्ति का प्रयोग किया है.

स्कूलों की रक्षा हो

यूएन प्रमुख ने कहा है, यहाँ तक कि संघर्षों और लड़ाई-झगड़ों में भी, स्कूल ऐसे स्थान बने रहने चाहियें जहाँ बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिये सुरक्षित स्थान उपलब्ध हो सकें.

अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून का उल्लंघन करते हुए, स्कूलों और अस्पतालों पर होने वाले हमले, संघर्षों के दौरान बच्चों के ख़िलाफ़ होने वाले छह अति गम्भीर उल्लंघनों में से एक हैं, जिनकी सुरक्षा परिषद ने कड़ी निन्दा की है.

एंतोनियो गुटेरेश ने दोहराते हुए कहा कि अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के अन्तर्गत, लड़ाकों को, बच्चों सहित नागरिक आबादी या सिविल ठिकानों के ख़िलाफ़ सीधे हमले करने से बचना होगा.

जवाबदेही बहुत अहम

वक्तव्य में कहा गया है, म्याँमार में तमाम अन्तरराष्ट्रीय अपराधों के लिये ज़िम्मेदारों की, जवाबदेही निर्धारित की जानी होगी.

यूएन बाल कोष – UNICEF ने सोमवार को ट्वीट सन्देश में कहा था कि उसी स्कूल के कम से कम 15 बच्चे लापता भी हैं.

सन्देश में कहा गया था, यूनीसेफ़ उन बच्चों की तत्काल और सुरक्षित रिहाई का आहवान करता है. स्कूल सुरक्षित स्थान होने चाहियें. बच्चों पर कभी भी हमले नहीं होने चाहियें.

 

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