पाकिस्तान: बाढ़ पीड़ितों के लिये सड़क व वायु मार्ग से मानवीय राहत

6 सितम्बर 2022

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने पाकिस्तान में मूसलाधार बारिश और भीषण बाढ़ की चपेट में आए पीड़ितों तक मानवीय राहत पहुँचाने के लिये, दुबई से विशाल स्तर पर हवाई अभियान शुरू किया है और सड़क मार्ग से भी राहत सामग्री की खेप रवाना की गई है. इसके ज़रिये दक्षिणी सिन्ध प्रान्त के सर्वाधिक प्रभावित लरकाना और सुक्कुर स्थानों में विस्थापितों तक अति-आवश्यक सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.

पाकिस्तान में बाढ़ के कारण तीन करोड़, 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए, एक हज़ार 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है और व्यापक पैमाने पर तबाही हुई है.

यूएन शरणार्थी एजेंसी द्वारा राहत वितरण के लिये 9 उड़ानों का प्रबन्ध किया गया है, जिनमें से पहली तीन उड़ानें सोमवार को पाकिस्तान पहुँची.

विमानों के ज़रिये 40 हज़ार बिस्तर, 15 हज़ार रसोई सामान के किटें और पाँच हज़ार से अधिक तिरपाल समेत अन्य सामान मुहैया कराए जाएंगे.

इसके अलावा छह अन्य उड़ानें बुधवार और गुरूवार को दुबई भेजे जाने का कार्यक्रम है.

यूएन एजेंसी ने 11 हज़ार परिवारों की मदद के लिये टैण्ट व अन्य सामान उज़बेकिस्तान से सड़क मार्ग से रवाना किये हैं.

वृहद संयुक्त राष्ट्र के व्यवस्थागत प्रयासों के तहत, यूएन एजेंसी पाकिस्तान सरकार के नेतृत्व में राहत प्रयासों को समर्थन प्रदान कर रही हैं और बाढ़ प्रभावित 50 हज़ार घर-परिवारों को सहायता मुहैया कराई जाएगी.

सड़क किनारे स्थापित किये गए अस्थाई शिविरों में रह रहे लोगों को अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

अधिकाँश अपने घरों के पास रहना चाहते हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे जल्द अपने घर लौट पाएंगे.

हालात बिगड़ने की आशंका

यूएन एजेंसी और साझीदार संगठनों ने त्वरित ढंग से मानवीय आवश्यकताओं का आकलन किया है, और जल्द ही ज़रूरतमन्दों के लिये अतिरिक्त शरण, राहत सामग्री और तकनीकी विशेषज्ञता मुहैया कराई जाएगी.

मगर, पाकिस्तान के मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी महीनों में और बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है, जिससे हालात और अधिक बिगड़ने की आशंका है.

इन परिस्थितियों में पहले से ही बाढ़ प्रभावित लोगों के चुनौतियाँ बढ़ेंगी और पाँच लाख से अधिक विस्थापितों के समक्ष विकट हालात पैदा होने की आशंका है.

यूएन एजेंसी ने स्थानीय समुदायों और शरणार्थियों के लिये सिन्ध, बलूचिस्तान, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा समेत अन्य प्रभावित इलाक़ों में राहत सामग्री वितरण की व्यवस्था की है.

पाकिस्तान में पिछले चार दशकों में लाखों अफ़ग़ान शरणार्थियों ने शरण ली है, और फ़िलहाल, देश में ऐसे 13 लाख लोग पंजीकृत हैं.

शरणार्थी संगठन ने ध्यान दिलाया है कि मौजूदा संकट के विशाल स्तर के मद्देनज़र अन्तरराष्ट्रीय समर्थन की दरकार होगी, ताकि इस विनाशकारी आपदा से उबरने और पुनर्बहाली प्रयास आगे बढ़ाए जा सकें.

अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय आवश्यकताएँ

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने पड़ोसी देश अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी, मध्य, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की चपेट में आए प्रान्तों में हालात पर चिन्ता जताई है.

इससे पहले जून महीने में पकतिका और ख़ोस्त प्रान्त में भूकम्प से जान माल की हानि हुई थी.

420,000 अफगान शरणार्थी पाकिस्तान के उन इलाकों में रहते हैं जो मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.
यूएनएचसीआर/हुमेरा करीम
420,000 अफगान शरणार्थी पाकिस्तान के उन इलाकों में रहते हैं जो मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

यूएन एजेंसी ने दोनों आपदाओं से उपजी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, प्रभावित समुदायों के लिये आपात सहायता का प्रबन्ध किया है, और आगामी महीनों में अतिरिक्त समर्थन प्रदान किये जाने की योजना है.

अफ़ग़ानिस्तान में हालात बेहद कठिन हैं, और देश में दो करोड़ 40 लाख लोग, यानि लगभग आधी आबादी मानवीय सहायता पर निर्भर है.

अन्तर-एजेंसी क्षेत्रीय शरणार्थी सहायता योजना (62 करोड़ डॉलर) और अफ़ग़ानिस्तान मानव कल्याण योजना (चार अरब 40 करोड़ डॉलर) के तहत राहत धनराशि की अपील जारी की गई थी, जिसमें अभी आधे से कम धनराशि का ही प्रबन्ध हो पाया है.

 

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