यूएन उप प्रमुख की ट्यूनीशिया यात्रा के दौरान, एसडीजी और शिक्षा की महत्ता रेखांकित

संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद टिकाऊ विकास पर ज़िम्बाब्वे में छठे अफ्रीकी क्षेत्रीय फ़ोरम में उदघाटन सम्बोधन करते हुए.
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संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद टिकाऊ विकास पर ज़िम्बाब्वे में छठे अफ्रीकी क्षेत्रीय फ़ोरम में उदघाटन सम्बोधन करते हुए.

यूएन उप प्रमुख की ट्यूनीशिया यात्रा के दौरान, एसडीजी और शिक्षा की महत्ता रेखांकित

एसडीजी

संयुक्त राष्ट्र की उप प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने रविवार को ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति काइस सईद के साथ मुलाक़ात के दौरान, टिकाऊ विकास लक्ष्यों की निरन्तर प्रासंगिकता को रेखांकित किया है.

यूएन उप महासचिव आमिना जे मोहम्मद ट्यूनीशिया में आठवें अफ़्रीकी विकास पर टोक्यो अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन (TICAD8) में शिरकत करने के लिये ट्यूनीशिया में मौजूद थीं, जो रविवार को सम्पन्न हुआ.

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इस सम्मेलन का आयोजन, जापान 1993 से ही, “अफ़्रीकी लोगों की ख़ातिर अफ़्रीकी विकास” नामक सिद्धान्त के अन्तर्गत करता आ रहा है.

इस सम्मेलन के सह आयोजक संयुक्त राष्ट्र, यूएन विकास कार्यक्रम (UNDP), विश्व बैंक, और अफ़्रीकी संघ आयोग हैं.

एक नव युग

ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति काइस सईद ने आमिना जे मोहम्मद की आमद का स्वागत करते हुए, दुनिया में एक नए युग की बात की, जिसके लिये उन्होंने कोविड-19 और यूक्रेन में युद्ध का सन्दर्भ दिया, मगर ट्यूनीशिया में भी एक नए संविधान का हवाला दिया, जिसके तहत, उनकी नज़र में, सभी के लिये वृहद जवाबदेही निर्धारित की जाएगी.

ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति ने ये भी रेखांकित किया कि संयुक्त राष्ट्र, राष्ट्रों की एकता के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो साझा चुनौतियों का सामना करने के लिये, एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि टोक्यो सम्मेलन ने अफ़्रीका के लिये पहले ही अहम नतीजे दिये हैं, और सम्मेलन के इस नवीनतम संस्करण में हुए समझौतों को लागू करने पर, और भी अच्छे नतीजे मिलेंगे.

एसडीजी निरन्तर प्रासंगिक

यूएन प्रमुख आमिना जे मोहम्मद ने ध्यान दिलाते हुए कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्य, इस नए दौर में भी एक बहुत ही प्रासंगिक ढाँचा बने हुए हैं, और टोक्यो सम्मेलन में भी एक महत्वपूर्ण अनुस्मरण कराया है.

17 टिकाऊ विकास लक्ष्यों का मक़सद, एक ज़्यादा न्यायसंगत और समान दुनिया बनाना है, जिनमें अत्यन्त गम्भीर निर्धनता कमी करना, लैंगिक समानता हासिल करना, और आर्थिक वृद्धि में जान फूँकना शामिल है.

साथ ही, जलवायु परिवर्तन का सामना करना और प्राकृतिक वातावरण का संरक्षण भी शामिल हैं.

ध्यान रहे कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों को विश्व नेताओं ने 2015 में अपनाया था, और उनकी प्राप्ति के लिये 2030 की समय सीमा निर्धारित की है.

यूएन उप प्रमुख ने कहा कि अनेक देशों में, सरकारों ने अभी बेहतर सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता में सफलता प्राप्त नहीं की है, विशेष रूप से महिलाओं व लड़कियों के लिये.

उन्होंने ये भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र, ऐसे देशों को समर्थन देना जारी रखेगा, और लोगों में उम्मीद भरना भी जारी रखेगा.

उन्होंनें कहा कि हाल में, अनेक स्थानों पर सामाजिक तानाबाना और एक देश या सरकार की अवधारणा कमज़ोर पड़ी है.

उन्होंने इस पर सहमति व्यक्त की दुनिया भर के लोगों के लिये बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिये, ज़्यादा कुशल व समावेशी संस्थानों के निर्माण के लिये, एक नए मॉडल और लोकतंत्र की सराहना ज़रूरी है.

शिक्षा में बदलाव सम्मेलन

इथियोपिया में विकलांगता वाली लड़की, एक लक्षित शिक्षा केन्द्र में, शिक्षा हासिल करते हुए.
© Save the Children/Dereje
इथियोपिया में विकलांगता वाली लड़की, एक लक्षित शिक्षा केन्द्र में, शिक्षा हासिल करते हुए.

आमिना जे मोहम्मद ने राष्ट्रपती काइस सईद को, यूएन महासभा द्वारा सितम्बर में यूएन मुख्यालय में आयोजित होन वाले तीन दिवसीय शिक्षा में बदलाव सम्मेलन में शिरकत करने के लिये, यूएन प्रमुख का निमंत्रण याद दिलाया.

तीन दिन का यह अति महत्वपूर्ण सम्मेलन, 16 सितम्बर को शुरू होगा, जिसका मक़सद शिक्षा के लिए एक नया दृष्टिकोण पेश करना है जिसमें तमाम उम्र व पृष्ठभूमि के शिक्षार्थियों को, उनके जीवन को ख़ुशहाल बनाने वाली निपुणताओं, ज्ञान, और मूल्यों से सुसज्जित करना है.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति काइस सईद, एक प्रोफ़ेसर होने के नाते, ट्यूनीशिया में शिक्षा में पूर्ण बदलाव कर सकते हैं.

यूएनडीपी के प्रशासक अख़ाम स्टाइनर ने भी बैठक में शिरकत की, और उन्होंने कहा कि लोगों व उनके संस्थानों के बीच, एक नई सामाजिक सम्विदा की आवश्यकता है.