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FGM: सियेरा लियोन - महिला जननांग विकृति एक यातना - दण्डमुक्ति पर रोक की पुकार

एक दस वर्षीय लड़की अपने परिवार को FGM/C प्रैक्टिशनर के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना का पता चलने के बाद घर से भाग गई। वह अब पोर्ट लोको, सिएरा लियोन में यूनिसेफ के एक सुरक्षित घर में रहती है और स्कूल जा रही है.
यूनिसेफ/ओलिवियर एसेलिन
एक दस वर्षीय लड़की अपने परिवार को FGM/C प्रैक्टिशनर के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना का पता चलने के बाद घर से भाग गई। वह अब पोर्ट लोको, सिएरा लियोन में यूनिसेफ के एक सुरक्षित घर में रहती है और स्कूल जा रही है.

FGM: सियेरा लियोन - महिला जननांग विकृति एक यातना - दण्डमुक्ति पर रोक की पुकार

महिलाएँ

संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने सियेरा लियोन में महिला जननांग विकृति (FGM) को रोकने और दोषियों को दण्डित करने के लिए कड़े क़दम उठाने का आहवान किया है.

बोन्थे जिले में इस क्रूर प्रथा के कारण एक 21 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद, आपराधिक कार्रवाई के दौरान, तीन विशेष मानवाधिकार विशेषज्ञों ने एक बयान जारी करके, महिला जननांग विकृति की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि "महिलाओं और लड़कियों को यातना पहुँचाने का ये एक भयानक तरीक़ा है.

उन्होंने कहा, "यह पीड़ितों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, जिसमें उनकी शारीरिक अखण्डता और उनके उत्पीड़न और कठोर व्यवहार के ख़िलाफ अपने अधिकार, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य शामिल हैं."

दीर्घस्थाई प्रथा

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विशेषज्ञों ने कहा कि भेदभाव वाले रिवाज़ सामाजिक मानकों और सत्ता के विन्यास में निहित है और हर किसी से समुदाय में उनके दर्जे और स्थान से पूरी तरह जुड़े हुए हैं.

"महिला जननांग विकृति लिंग समान प्रकृति के अन्य हानिकारक प्रचलन की तरह, असमानता की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है.”

तीनों मानवाधिकार विशेषज्ञों ने ज़ोर देकर कहा कि महिलाओं और लड़कियों की भलाई के लिये सामाजिक-सांस्कृतिक व धार्मिक रीति-रिवाज़ों के बदले में, महिला जननांग विकृति को ना तो सामान्य किया जा सकता है; और न ही इसे औचित्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

विशेष रैपोर्टेयर ने कहा, "इसे लिंग आधारित हिंसा की व्यापक प्रवृत्ति के अनुरूप समझा जाना चाहिये, और इसमें किसी को दण्ड मुक्ति नहीं होनी चाहिये."

न्यायिक न्याय की आवश्यकता

ख़बरों के अनुसार, मौत का शिकार होने वाली छात्रा को महिला जननांग विकृति की प्रथा को अंजाम देने के लिये विवश करने के दोषियों में से एक के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई में ढीलापन या बाधा, दरअसल लड़कियों और महिलाओं को संरक्षण मुहैया कराने में एक व्यवस्थागत नाकामी का उदाहरण है.

उन्होंने कहा, "क़ानूनों और नीतियों को, महिला ख़तना मामले में, स्पष्ट जवाबदेही ढाँचे और अनुशासनात्मक रोकथाम मुहैया कराने की आवश्यकता है."

महिलाओं का समर्थन

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने सियेरा लियोन सरकार से कानूनी प्रतिबन्धों का एक विस्तृत ब्यौरा स्थापित करने का आग्रह किया, जिसमें स्थानीय चिकित्सकों के साथ समझौता ज्ञापन को मज़बूत करना और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के लिये, महिला जननांग विकृति के प्रदर्शन को स्पष्ट रूप से प्रतिबन्धित करने के लिये, बाल अधिकार अधिनियम में संशोधन करना शामिल है.

इसी बीच, उन्होंने निरापद मातृत्व पर एक विधेयक का समर्थन करने के अपने इरादे की राष्ट्रपति की घोषणा का स्वागत किया, जो महिलाओं और लड़कियों के लिये यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार करने में मदद करेगा.

विशेषज्ञों ने कहा, "सियेरा लियोन की सरकार मानवाधिकारों को आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस और सार्थक कदम उठा रही है, जिसमें मौत की सज़ा को हाल ही में समाप्त करना भी शामिल है."

महिला जननांग विकृति पर सरकार की प्रतिक्रिया इस बात की साक्षी होगी कि क्या ऐसी प्रतिबद्धता, महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देगी.

मानवाधिकार विशेषज्ञ

इस वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने वाले विशेषज्ञ रीम अलसलेम - महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा, इसके कारणों और परिणामों पर विशेष रैपोर्टेयर हैं; मॉरिस टिडबॉल-बिन्ज़ - न्यायेतर, संक्षिप्त विवरण या एकपक्षीय कार्यान्वयन पर विशेष रैपोर्टेयर; और त्लालेंग मोफोकेंग - शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के उच्चतम अधिकारों पर विशेष रैपोर्टेयर हैं.

जिनीवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, किसी विशिष्ट मानवाधिकार विषय या देश की स्थिति की जाँच और रिपोर्ट करने के लिये, मानवाधिकार विशेषज्ञों की नियुक्ति करती है. ये पद मानद होते हैं और इन विशेषज्ञों को इस काम के लिये संयुक्त राष्ट्र से कोई वेतन नहीं दिया जाता है.