यूक्रेन के बन्दरगाहों से, अनाज से भरे तीन और जहाज़ों की रवानगी

5 अगस्त 2022

वैश्विक संकटों को कुछ आसान करने और ज़रूरी खाद्य वस्तुओं की आसमान छूती क़ीमतों को कुछ नीचे लाने के प्रयासों में, संयुक्त राष्ट्र की पहल के तहत, यूक्रेन के काला सागर बन्दरगाहों से, शुक्रवार को तीन और जहाज़ अनाज लेकर रवाना हो रहे हैं. इन जहाज़ों में लगभग 58 हज़ार टन मक्का लदी है. इससे संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों के सफल होने की उम्मीदों को मज़बूती मिलेगी.

काला सागर अनाज निर्यात समझौते के क्रियान्वयन के लिये गठित संयुक्त समन्वय केन्द्र (JCC) ने इन तीन जहाज़ों की रवानगी को स्वीकृति दे दी है.

ध्यान रहे कि इस समझौते पर संयुक्त राष्ट्र, यूक्रेन, रूस और तुर्कीये ने 22 जुलाई को इस्तान्बूल में हस्ताक्षर किये थे, जिसके तहत काला सागर से होकर यूक्रेन के अनाज निर्यात को सम्भव बनाया जाना है.

इस पहल के अन्तर्गत पहला व्यावसायिक जहाज़ बुधवार को रवाना हुआ था, जब लेबनान के त्रिपोली बन्दरगाह की मंज़िल के लिये रज़ोनी नामक जहाज़ को हरी झण्डी दी गई थी.

इस समझौते के तहत जेसीसी की मुख्य भूमिका, यूक्रेन के तीन बन्दरगाहों से अनाज और उर्वरकों से भरे व्यापारिक जहाज़ों की काला सागर से होकर, दुनिया भर के स्थानों के लिये, सुरक्षित रवानगी आसान बनाना है.

मंज़िल है तुर्कीये, ब्रिटेन और आयरलैण्ड

इस्तान्बूल स्थित जेसीसी में काला सागर अनाज निर्यात समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं.

उन्होंने एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि शुक्रवार को रवाना हुए तीन जहाज़ों में एक पोलरनेट नामक जहाज़ 12 हज़ार टन मक्का लेकर, तुर्कीये के करासू के लिये रवाना हुआ है.

एक अन्य रोजेन नामक जहाज़ में लगभग 13 हज़ार टन मक्का, इंगलैण्ड के लिये रवाना हो रहा है, जबकि तीसरे जहाज़ – नेवीस्टार में 33 हज़ार टन मक्का, आयरलैण्ड भेजी जा रही है.

यूक्रेन के लिये प्रथम जहाज़

जेसीसी ने कहा है कि उसने यूक्रेन के लिये भी एक जहाज़ की रवानगी को मंज़ूरी दी है जिसे निरीक्षण के बाद रवाना कर दिया जाएगा. यह इस समय इस्तान्बूल के पश्चिमोत्तर हिस्से में एक बन्दरगाह में मौजूद है.

यूक्रेनी बन्दरगाहों पर भीड़

जेसीसी ने स्वीकार किया है कि यूक्रेन के बन्दरगाहों पर, फ़रवरी से लेकर जितने व्यासायिक जहाज़ अटके पड़े हैं, उन्होंने वहाँ से उनके पूर्व निर्धारित गन्तव्य स्थानों के लिये रवाना करने की इजाज़त दिये जाने की ज़रूरत है.

जेसीसी के अनुसार उन जहाज़ों के वहाँ से रवाना हो जाने के बाद, बाहर से आने वाले अन्य जहाज़ों के लिये जगह बन जाएगी जिनमें काला सागर अनाज निर्यात पहल के तहत खाद्य सामग्री वैश्विक बाज़ारों के लिये ले जाने के वास्ते, और ज़्यादा जहाज़ यूक्रेन पहुँच सकेंगे.

जेसीसी ने ज़ोर देकर कहा है कि समझौते के प्रावधानों के अनुसार सभी भागीदार पक्ष अपने-अपने देशों के सैन्य अधिकारियों व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ, ताज़ा जानकारी की पड़ताल करते हैं ताकि व्यावसायिक जहाज़ों की सुरक्षित रवानगी सुनिश्चित की जा सके.

 

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