बच्चों में एड्स, 2030 तक समाप्ति के लिये, एक नया गठबन्धन

2 अगस्त 2022

दुनिया भर में, एचआईवी संक्रमण के साथ जीवन जीने वाले वयस्कों की तीन चौथाई संख्या को किसी ना किसी तरह का उपचार हासिल है, मगर इस तरह का उपचार हासिल करने वाले बच्चों की संख्या केवल 52 प्रतिशत है. इस गम्भीर विषमता की स्थिति को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र की अनेक एजेंसियों ने नए संक्रमण मामलों की रोकथाम और एचआईवी से संक्रमित सभी बच्चों को 2030 तक जीवनरक्षक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये, एक वैश्विक गठबन्धन गठित किया.

बच्चों में 2030 तक एड्स की रोकथाम के लिये वैश्विक गठबन्धन में अनेक यूएन एजेंसियाँ, सिविल सोसायटी संगठन, सरकारें और अन्तरराष्ट्रीय साझीदार शामिल हैं. 

इसके गठन की घोषणा अन्तरराष्ट्रीय अन्तरराष्ट्रीय एड्स सम्मेलन में की गई है जो मंगलवार को कैनेडा के माँट्रियाल शहर में सम्पन्न हुआ है.
स्वस्थ जागरूक पीढ़ी

दक्षिण अफ़्रीका के निकट एक भूमिबद्ध देश - लेसोथो (Lesotho) की एक कार्यकर्ता लिम्फ़ो न्तेको ने ख़ुद को एचआईवी संक्रमण होने से लेकर, महिलाओं के नेतृत्व वाले एक कार्यक्रम – मदर्स2मदर्स Mothers2Mothers की शुरुआत तक की अपनी यात्रा के बारे में बताया. 

ये कार्यक्रम गर्भावधि के दौरान एचआईवी के संक्रमण फैलाव की रोकथाम के लिये चलाया जा रहा है.

लिम्फ़ो न्तेको को जब एचआईवी संक्रमण होने के बारे में मालूम हुआ तो वो गर्भवती थीं और उन्होंने एचआईवी का मुक़ाबला करने में सामुदायिक नेतृत्व की महत्ता को भी रेखांकित किया.

उन्होंने सम्मेलन में आए प्रतिभागियों से कहा, “सफल होने के लिये, हमें युवजन की एक स्वस्थ व जागरूक पीढ़ी की दरकार है जो एचआईवी के बारे में, और ख़ुद को व अपने बच्चों को एचआईवी से सुरक्षित रखने के लिये सेवाओं और समर्थन की ज़रूरत के बारे में खुलकर बात कर सकें.”

उन्होंने बताया, “मदर्स2मदर्स ने माताओं से एचआईवी संक्रमण उनके बच्चों में स्थानान्तरित होने से रोकने में कामयाबी हासिल की है और ऐसा उनके रिकॉर्ड में दर्ज व्यक्तियों के साथ लगातार आठवें वर्ष हुआ है. इससे ये नज़र आता है कि  जब हम महिलाओं और समुदायों को उनकी वास्तविकताओं के लिये उपयुक्त समाधान तलाश करने देते हैं, तो क्या सम्भव है.”

लिम्फ़ो न्तेको ने जिस सामुदायिक नेतृत्व की बात की है, उसे अब एक अन्तरराष्ट्रीय गठबन्धन के संसाधनों का समर्थन प्राप्त होगा.

कार्रवाई के लिये चार स्तम्भ

इस गठबन्धन में शामिल हितधारियों ने सामूहिक कार्रवाई के लिये चार स्तम्भों की पहचान की है:

  1. एचआईवी के साथ जीवन जीने वाली और स्तनपान कराने वाली महिलाओं व किशोर वय की लड़कियों को उपचार की उपलब्धा में व्याप्त अन्तर को समाप्त करें, और उपचार जारी रखना सम्भव बनाएँ.
  2. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं व किशोर वय की लड़कियों में एचआईवी संक्रमण के नए मामले होने से रोकें और नए मामलों का समय पर पता लगाएँ.
  3. एचआईवी के संक्रमण के जोखिम के दायरे में और इस संक्रमण के साथ जीवन जीन वाले शिशुओं, बच्चों व किशोर-किशोरियों में टैस्टिंग को बढ़ावा दें, उपचार का भरपूर लाभ आसान बनाएँ और व्यापक स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराएँ.
  4. लैंगिक समानता के मुद्दे का हल निकालें और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं तक पहुँच को बाधित करने वाले ढाँचागत कारकों के भी हल निकालें.

इस गठबन्धन की सम्भावित सफलता, इसकी एकजुट व एकरूप प्रकृति पर निर्भर करती है. 

यूएन एड्स संगठन (UNAIDS) की कार्यकारी निदेशिका विनी ब्यानयीमा का तर्क है कि नई संवर्धित दवाएँ, नए राजनैतिक संकल्प, और समुदायों की संकल्पित सक्रियताओं को साथ लाकर, हम बच्चों में एड्स का ख़ात्मा करने वाली पीढ़ी बन सकते हैं. हम इसमें सफलता हासिल कर सकते हैं – मगर हम ऐसा एकजुट होकर ही कर सकते हैं. 

यूएन एड्स ने कहा है कि समाज के सभी स्तरों पर सहयोग व सहकारिता के ज़रिये ही, ऐसे प्रभावकारी समाधान हासिल किये जा सकते हैं जो एचआईवी संक्रमण का आगे फैलाव रोक सकें.

गठबन्धन का उद्देश्य समाधानों को स्थानीय बनाकर, और वैश्विक स्तर पर संकल्प व संसाधनों को सक्रिय करके, नवाचार को बढ़ावा देना, और इस अति महत्वपूर्ण मुद्दे का समाधान निकालने के लिये तकनीकी निपुणता को बढ़ावा देना है.

 

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