दक्षिण सूडान में लाइबेरिया के शान्तिरक्षक सम्मानित

12 जुलाई 2022

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन )UNMISS) में एक यूएन पुलिस (UNPOL) अधिकारी के रूप में सेवारत ऐलफ़्रेडा डेनीस स्टीवार्ट कहती हैं, “मुझे लाइबेरिया में गृह युद्ध बहुत अच्छी तरह से याद है.”

मेरे माता-पिता ने - अपने स्तर पर अनेक तरह के बलिदान करते हुए – मुझे हाई स्कूल की शिक्षा के लिये ऐसे समय में दाख़िल किया जब मेरे देश में भारी तबाही मची हुई थी. उसके बाद तो मैंने वित्तीय मदद करने के लिये, कई तरह के कामकाज करने शुरू किये.

ऐलफ़्रेडा ने अपने बालों को लपेटा और अपने समुदाय में ही छोटे बच्चों को पढ़ाना-लिखाना शुरू कर दिया, वो अक्सर देर रात घर लौटती थीं, इस डर के बीच कि कहीं उनके साथ भी बलात्कार ना हो जाए, क्योंकि उस समय लाइबेरिया में यौन हिंसा उफान पर थी.

सपनों का बिखरना

लाइबेरिया की ही एक अन्य यूएन पुलिस अधिकारी रैशेल ब्रिग्स को भी दुनिया के सबसे युवा देश – दक्षिण सूडान में तैनाती मिली. उनकी भी कुछ इसी तरह की आपबीती है.

वो बताती हैं, मेरे बहुत सारे सपने थे, मगर मेरे देश में युद्ध ने वो सब बिखेर दिये. मैं 1990 में अपनी माँ से बिछड़ गई और आज तक, मुझे ये नहीं मालूम है कि वो जीवित भी हैं या नहीं. मैं अब भी उन्हें तलाश कर रही हूँ, मगर मेरी ज़िन्दगी आगे बढ़ चुकी है.

यूएन पुलिस अधिकारी अलफ़्रेडा टोज़ेय के लिये, मारे गए लोगों, नष्ट सम्पत्तियों और अत्यधिक भुखमरी की यादें, आज भी उनके दिमाग़ में घूमती हैं.

दुनिया के सबसे युवा देश - दक्षिण सूडान में टिकाऊ शान्ति स्थापित करने में प्रयासों के लिये, लाइबेरिया के नौ शान्तिरक्षकों को, संयुक्त राष्ट्र मैडल से सम्मानित किया गया है.
UNMISS
दुनिया के सबसे युवा देश - दक्षिण सूडान में टिकाऊ शान्ति स्थापित करने में प्रयासों के लिये, लाइबेरिया के नौ शान्तिरक्षकों को, संयुक्त राष्ट्र मैडल से सम्मानित किया गया है.

वो याद करते हुए बताती हैं, जब मैं बड़ी हो रही थी तो लाइबेरिया में अन्तहीन तबाही नज़र आती थी. मेरे माता-पिता के पास हमे खिलाने के लिये पर्याप्त भोजन उपलब्ध नहीं था, और मैं जंगलों और मैदानों में जाकर वहाँ से लकड़ियाँ बीनती थी और उनका कोयला बनाकर उन्हें बाज़ार में बेचती थी. मैं सड़क किनारे, रोटियाँ भी बेचती थीं. मगर उस सबके बावजूद, भरपेट भोजन का प्रबन्ध नहीं हो पाता था.

मगर लाइबेरिया में सितम्बर 2003 में, पूर्व यूएन मिशन (UNMIL) की तैनाती के बाद, उन सबकी ज़िन्दगियाँ बदल गईं. लाइबेरिया में संयुक्त राष्ट्र का मिशन, दूसरे गृह युद्ध के बाद वजूद में आए युद्धविराम समझौते के क्रियान्वयन की निगरानी करना था.

उम्मीद की मशाल

लेकिन धरातल पर मौजूद यूएन शान्तिरक्षकों ने, एक समस्याग्रस्त देश में ना केवल शान्ति क़ायम करने में मदद की; बल्कि वो लाइबेरियाई लोगों के लिये उम्मीद की एक मशाल बन गए, विशेषकर महिलाओं के लिये, जिन की तरफ़ लोग उम्मीद भरी नज़रों से देख सकते थे और एक बेहतर भविष्य को आकार देने में योगदान कर सकते थे.

ऐल्फ़्रेडा, रैशेल, और अल्फ़्रेडा ने लाइबेरिया में यूएन मिशन का पुलिस प्रशिक्षण हासिल किया और उन्होंने देश की राष्ट्रीय पुलिस में शामिल होने वाली कुछ प्रथम महिलाओं में जगह पाई.

ये महिलाएँ अब लाइबेरिया से यूएन शान्तिरक्षक मिशन में तैनात होने वाली कुछ पहली पुलिस अधिकारी हैं. ये महिलाएँ दक्षिण सूडान के, जोंगलेई प्रान्त में विशेष तौर पर बोर इलाक़े में तैनात हैं जो उनके दिलों में ख़ास जगह बनाए हुए है.

अगर ये हम कर सकते हैं तो आप भी

दुनिया के सबसे युवा देश - दक्षिण सूडान में टिकाऊ शान्ति स्थापित करने में प्रयासों के लिये, लाइबेरिया के नौ शान्तिरक्षकों को, संयुक्त राष्ट्र मैडल से सम्मानित किया गया है.
UNMISS
दुनिया के सबसे युवा देश - दक्षिण सूडान में टिकाऊ शान्ति स्थापित करने में प्रयासों के लिये, लाइबेरिया के नौ शान्तिरक्षकों को, संयुक्त राष्ट्र मैडल से सम्मानित किया गया है.

ऐल्फ़्रेडा कहती हैं, जब मेरी तैनाती बोर में हुई और मैंने समुदायों के बीच गश्त लगानी शुरू की, तो मैं तुरन्त समझ गई कि वो किस दौर से गुज़र रहे हैं क्योंकि मैं और लाइबेरिया के तमाम लोग, इसी तरह की तकलीफ़ से गुज़र चुके हैं.

इस परिस्थिति ने मुझे दक्षिण सूडान के लोगों के साथ एक नाता स्थापित करने में मदद की और अन्ततः अपने तनाव कम करने में भी.

जब वो मेरी आपबीती सुनते हैं, तो उन्हें लगता है कि उन्हें एक बहन मिल गई है. मैं हमेशा उनसे कहती हूँ – देखें, लाइबेरिया कहाँ था और अब देखें कि वहाँ कितनी शान्ति है. अगर हम ये कर सकते हैं, तो आप भी कर सकते हैं.

रैशेल के लिये, दक्षिण सूडान के समुदायों के साथ हमदर्दी रखना, डरावना और सन्तोषजनक, दोनों ही तरह का अनुभव रहा है. बोर में मेरी पहली गश्त के बाद मैं मिशन में अपने आवास पर वापिस लौटी और रोई.

वो दक्षिण सूडान में इतिहास को दोहराते हुए देखने जैसा था. मगर मैं जानती थी कि मैं कुछ बदलाव अवश्य ला सकती हूँ और वहाँ रहने वाले समुदायों में उम्मीद भर सकती हूँ. मैं उन्हें मेरे बचपन के बारे में बताती हूँ, और मैं एक बात पर बार-बार ज़ोर देती हूँ – अतीत को भूल जाएँ और अपने बच्चों के लिये बेहतर भविष्य बनाने की ख़ातिर एकजुट हो जाएँ.

इन 9 लाइबेरियाई असाधारण पुलिस अधिकारियों का ऐतिहासिक पदक समारोह, ख़ास लम्हों से भरपूर था.

आनन्द और जोश से ओतप्रोत से भरपूर इस समारोह में UNMISS की पुलिस कमाण्डर क्रिस्टीन फ़ॉस्सेन, और दक्षिण सूडान के लिये विशेष उप प्रतिनिधि और रैज़िडैण्ट कोऑर्डिनेटर सारा बेयसोलो न्यान्ति ने भी शिरकत की, जो ख़ुद भी लाइबेरिया से हैं.

 

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