कैनेबिस, कोकीन, मेथमफ़ेटामीन का सेवन व उत्पादन सम्बन्धी रुझान, यूएन की नई रिपोर्ट

27 जून 2022

कुछ देशों में कैनेबिस (भांग) के इस्तेमाल को क़ानूनी स्वीकृति मिलने से दैनिक जीवन में मादक पदार्थों का सेवन और उससे स्वास्थ्य पर होने वाले असर के मामलों में तेज़ी आई है. मादक पदार्थों एवं अपराध पर यूएन कार्यालय (UNODC) ने सोमवार को अपनी एक नई रिपोर्ट में कोकीन के उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि और नए बाज़ारों में सिंथेटिक दवा के प्रवेश समेत अन्य कई रुझान उजागर किये हैं.

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में, 15 से 64 वर्ष आयु वर्ग में, 28 करोड़ 40 लाख लोगों ने मादक पदार्थों (ड्रग्स) का इस्तेमाल किया, जोकि एक दशक में 26 फ़ीसदी की वृद्धि को दर्शाता है.  

विश्व भर में, एक करोड़ 12 लाख लोग इंजेक्शन के ज़रिये ड्रग्स का सेवन करते हैं, जिनमें से क़रीब आधी आबादी हेपेटाइटिस सी, 14 लाख एचआईवी और 12 लाख दोनों से संक्रमित हैं.

‘विश्व ड्रग रिपोर्ट 2022’ में ग़ैरक़ानूनी ड्रग्स व्यापार के पर्यावरणीय दुष्प्रभावों, नए बाज़ारों में सिंथेटिक ड्रग्स की मात्रा बढ़ने और कोकीन उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी होने का भी विवरण दिया गया है.

उत्तर अमेरिका में कैनेबिस (भांग) के सेवन को क़ानूनी स्वीकृति मिलने से दैनिक जीवन में इसका सेवन बढ़ता हुआ प्रतीत होता है, विशेष रूप से युवा वयस्कों में.  

कर राजस्व (tax revenue) में वृद्धि के अलावा, इसके सेवन के कारण मानसिक रोग, आत्महत्या और अस्पताल में भर्ती कराये जाने के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है.

वर्ष 2020 में वैश्विक स्तर पर कोकीन का उत्पादन एक हज़ार 982 टन तक पहुँच गया, जोकि उससे पहले के साल की तुलना में 11 फ़ीसदी की वृद्धि को दर्शाता है.

प्रमुख रुझान

कोविड-19 महामारी के बावजूद, ज़ब्त की जाने वाली कोकीन की मात्रा भी रिकॉर्ड एक हज़ार 424 टन पर पहुँच गई.

मेथमफ़ेटामीन की तस्करी का नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार हुआ है और 117 देशों में वर्ष 2016 से 2020 के बीच यह ड्रग ज़ब्त की गई, जबकि 2006-2010 की अवधि में इन देशों की संख्या 84 थी.

अफ़्रीका और दक्षिण व मध्य अमेरिका में ड्रग पुनर्वास केन्द्र पर अधिकाँश लोगों का उपचार भांग (कैनेबिस) के लिये किया जा रहा है.

वहीं पूर्वी और दक्षिणी-पूर्वी योरोप व मध्य एशिया में मादक दवाओं के ग़लत इस्तेमाल करने की वजह से अधिकाँश लोगों को सहायता की ज़रूरत है.

अमेरिका और कैनेडा में, ग़ैर-चिकित्सा वजहों से इस्तेमाल और आवश्यकता से अधिक सेवन के कारण लगातार बड़ी संख्या में लोगों की मौतें हो रही हैं.

अमेरिका में एक अनुमान के अनुसार, पिछले वर्ष अधिक मात्रा में ख़ुराक लेने के एक लाख 7 हज़ार से अधिक मौतें हुईं, जबकि 2020 में यह संख्या 92 हज़ार थी.

हिंसक संघर्ष ग्रस्त क्षेत्रों में उत्पादन

इस वर्ष की रिपोर्ट बताती है कि हिंसक टकराव से प्रभावित इलाक़ों और कमज़ोर क़ानून व्यवस्था वाले इलाक़ों में अवैध ड्रग्स आधारित अर्थव्यवस्थाएं फलती-फूलती हैं.

इससे हिंसक संघर्ष के लम्बा खिंचने की आशंका भी बढ़ जाती है.

मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंसक टकराव के हालात, सिंथेटिक दवाओं के उत्पादन में चुम्बक के तौर पर काम करते हैं.

बड़े बाज़ारों के नज़दीक स्थित होने वाले हिंसाग्रस्त इलाक़ों में इसका असर अधिक होता है.

अतीत में, युद्धरत पक्षों ने कमाई और हिंसक संघर्ष के लिये धन का प्रबन्ध करने के लिये ड्रग्स उत्पादन का सहारा लिया है.

नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, हिंसक संघर्ष, ड्रग तस्करी के रास्तों में व्यवधान या बदलाव की वजह बन सकते हैं, जैसाकि पहले बाल्कन क्षेत्र और हाल के दिनों में यूक्रेन में हुआ है.

 

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