शान्ति के वास्ते, भूखों तक भोजन पहुँचाने में: सेवा के दौरान सर्वोच्च बलिदान करने वालों को श्रद्धांजलि

22 जून 2022

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने बुधवार को यूएन मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में, संगठन के उन 485 कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृति को सम्मानित किया, जिन्होंने वर्ष 2021 के दौरान, अपना कर्तव्य यानि लाइन ऑफ़ ड्यूटी निभाते हुए, अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान कर दिया. संगठन की स्थापना के बाद, किसी एक वर्ष में अपने जीवन का बलिदान करने वाले यूएन कर्मचारियों की यह सबसे बड़ी संख्या है.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने दुनिया भर के लिये आयोजित स्मृति कार्यक्रम में शामिल होते हुए, इन कर्मचारियों के परिजन और प्रियजन को सान्त्वना देते हुए कहा, “हम दुख की इस घड़ी में एक साथ और एकजुट हैं. हमारे हृदय आपके साथ हैं.”

असीम कष्ट

उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष 2021 के दौरान, कोविड-19 ने असीम कष्ट और मौतें देना जारी रखा.

यूएन प्रमुख ने उन सभी सहयोगियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी 2021 के दौरान सेवा करते हुए मौत हो गई, चाहे दुर्भावनापूर्ण कृत्यों में, प्राकृतिक आपदाओं में या फिर बीमारियों के कारण. 

यूएन प्रमुख ने कहा, “वो सब हमारे संयुक्त राष्ट्र परिवार की शानदार विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं.”

उनके बारे में

यूएन प्रमुख ने बताया कि ये सर्वोच्च बलिदान करने वालों में, 104 देशों के नागरिक थे, जिनमें से 70 सैन्यकर्मी, एक पुलिस अधिकारी और 414 सिविल कर्मचारी थे.

उनकी विशेषज्ञता और पृष्ठभूमि भी उतनी ही विविधतापूर्ण थी, जितना कि पूरे यूएन सचिवालय, एजेंसियों, कोषों, और कार्यक्रमों में उनका कामकाज.

उन्होंने कहा, “अक्सर अपने घरों से दूर, बिना किसी धूमधाम के, उन्होंने अपना जीवन, अन्य लोगों की मदद करने में समर्पित कर दिया.”

अक्सर अपने घरों से दूर, बिना किसी धूमधाम के, उन्होंने अपना जीवन, अन्य लोगों की मदद करने में समर्पित कर दिया -- यूएन प्रमुख

विशाल लक्ष्यों के लिये महत्वाकांक्षी

यूएन प्रमुख ने कहा, “कुटिलता के सामने झुके बिना, उन्होंने एक ख़ास छाप छोड़ने के लिये काम किया – बाधाएँ चाहे कितनी ही बड़ी क्यों ना हों; चाहे फल कितनी भी दूर क्यों ना हों, यहाँ तक कि चुनौती कितनी ही कठिन क्यों ना रही हो.”

उन्होंने भुला दिये गए स्थानों पर शान्ति क़ायम करने के लिये काम किया; भूखों तक भोजन पहुँचाने में मदद की; अपने घरों से विस्थापित हुए लोगों को आश्रय दिया; अपने ग्रह के संरक्षण में मदद की; जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराई; और बच्चों को एक बेहतर भविष्य देने की ख़ातिर कठिन परिश्रम किया.

यूएन प्रमुख ने कहा, “संक्षिप्त में, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के सपने और मूल्यों का मान रखा. हम उनके दिवंगत होने पर शोक सन्तप्त हैं और उनकी समृतियाँ हमारी बहुमूल्य धरोहर हैं.”

एक बनकर काम करें

यूएन प्रमुख ने, इन दिवंगत कर्मचारियों के जीवन और सेवाओं के सम्मान में कुछ लम्हों का मौन रखने के बाद, एक ऐसी दुनिया के बारे में बात की जो उथल-पुथल का सामना कर रही है – जो संघर्षों से त्रस्त है, संकटों की चपेट में है और आपदाओं से घिरी हुई है.

एंतोनियो गुटेरेश ने एकल अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के रूप में काम करने और एकजुटता में शामिल होने की उम्मीद में, याद दिलाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र “उस समुदाय का माध्यम व अभिव्यक्ति है”.

उन्होंने कहा, “ये वही सहयोगी थे जिनका हम आज सम्मान कर रहे हैं जिन्होंने उस वादे को साकार किया और उस आशा में जान फूँकी.”

समर्पण और सहायता

यूएन महासचिव ने इन कर्मचारियों के परिवारों को संगठन का समर्थन जारी रखने और संगठन के स्टाफ़ की सुरक्षा, देखभाल और कल्याण को बेहतर बनाने के उपायों की समीक्षा करने का संकल्प व्यक्त किया.

उन्होंने कहा, “हम उसी समर्पण व साहस के साथ अपना काम जारी रखने का वादा करते हैं जो उनके काम को परिभाषित करते हैं.”

यूएन प्रमुख ने कहा, “हमारे सहयोगियों ने अपने जीवनों का बलिदान कर दिया, मगर अन्य लोगों की सेवा करने का उनका जज़्बा जीवित है – आज और हर दिन.”

उन्होंने शुभकामना के अन्दाज़ में कहा कि उनकी स्मृति, हम सभी के लिये एक आशीर्वाद और एक प्रेरणा बने.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, संगठन की सेवा के दौरान ही अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान करने वाले कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देते हुए.
UN Photo/Mark Garten
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, संगठन की सेवा के दौरान ही अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान करने वाले कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देते हुए.

 

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