यमन: अन्तरिम युद्धविराम की अवधि दो महीने के लिये बढ़ने का स्वागत

2 जून 2022

यमन में सरकार और हूथी विद्रोहियों के बीच अन्तरिम युद्धविराम समझौते की अवधि और दो महीनों के लिये बढ़ा दी गई है. यमन के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैन्स ग्रुण्डबर्ग ने गुरुवार को इस घोषणा का स्वागत किया है.

उन्होंने एक वक्तव्य में कहा, "अन्तरिम द्धविराम को लागू करने और अब उसे आगे बढ़ाने के लिये सहमत होकर, सम्बद्ध पक्षों ने यमनी नागरिकों को कभी कभार ही नज़र आने वाली आशा की एक छोटी सी किरण दिखाई है कि इस विनाशकारी संघर्ष का अन्त सम्भव है."

अन्तरिम युद्धविराम की अवधि में विस्तार गुरूवार को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे से प्रभावी होगा, और यह उन्हीं शर्तों के तहत लागू किया जाएगा, जिनके आधार पर पहले 2 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से सहमति बनी थी.

वर्ष 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा समर्थित यमनी सरकारी बलों और हूथी लड़ाकों के बीच हिंसक संघर्ष शुरू हुआ, जिससे कुछ ही महीने पहले विद्रोहियों ने यमन की राजधानी सना को अपने नियंत्रण में लिया था.

विशेष दूत ने बताया कि पिछले दो महीनों में, यमन के लोगों ने अन्तरिम युद्धविराम के वास्तविक लाभ का अनुभव किया है.

वास्तविक प्रगति

हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या में गिरावट आई है, हुदायदाह बन्दरगाह के रास्ते ईंधन की आपूर्ति भी काफ़ी हद तक बढ़ी है.

साथ ही, क़रीब छह वर्षों के बाद सना के मुख्य हवाई अड्डे पर व्यावसायिक उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं.

इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में विभिन्न पक्षों के बीच कई सालों में पहली बार आमने-सामने मुलाक़ात हुई है ताकि ताइज़ और अन्य युद्धग्रस्त इलाक़ों में सड़कों को खोले जाने और देश भर में टकराव व तनाव में कमी लाने के लिये स्थापित प्रक्रियाओं को लागू किया जा सके.

हैन्स ग्रुण्डबर्ग ने कहा, "मैं इन कदमों को उठाये जाने और अन्तरिम युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के लिए इन पक्षों की सराहना करता हूँ.”

“यह अन्तरिम युद्धविराम, अब तक हुए युद्ध में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है और इसे पक्षों द्वारा ज़िम्मेदार और साहसिक निर्णय-निर्धारण  के ज़रिये प्राप्त किया गया है."

शान्ति प्रयास जारी रखने पर बल 

उन्होंने कहा कि इनके अतिरिक्त और भी कदम उठाये जाने की आवश्यकता होगी, विशेष रूप से सड़कें खोले जाने और व्यावसायिक उड़ान संचालन शुरू करने के लिये.

संयुक्त राष्ट्र के  दूत ने अन्तरिम युद्धविराम के सभी आयामों को पूरी तरह से मज़बूती प्रदान करने और हिंसक संघर्ष का एक स्थाई राजनैतिक समाधान ढूँढने की दिशा में पक्षों के साथ बातचीत व प्रयास जारी रखने की बात कही है.

उन्होंने सम्बद्ध पक्षों से सहयोग की आशा के साथ भरोसा जताया कि सभी यमनी नागरिकों के लिये एक शान्तिपूर्ण भविष्य प्रदान करने की दिशा में सार्थक क़दम उठाये जाएंगे.

हैन्स ग्रुण्डबर्ग ने अन्तरिम युद्धविराम के क्रियान्वयन और नवीनीकरण के लिये अन्तरराष्ट्रीय समर्थन के प्रति आभार प्रकट किया है.

उन्होंने सऊदी अरब, ओमान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों से प्राप्त समर्थन का विशेष रूप से उल्लेख किया.

उन्होंने सना हवाई अड्डे से अन्तरराष्ट्रीय व्यावसायिक उड़ानों को फिर से शुरू करने में मदद के लिये मिस्र और जॉर्डन की सराहना की.

घोषणा का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अप्रैल महीने से हुए घटनाक्रम का जायज़ा लेते हुए अन्तरिम युद्धविराम की अवधि बढ़ाये जाने का स्वागत किया है.

यूएन प्रमुख ने गुरूवार को जारी अपने एक वक्तव्य में क्षोभ व्यक्त किया कि यमन, विश्व में सबसे ख़राब मानवीय सकंट में से एक है.

इसके मद्देनज़र उन्होंने सभी पक्षों से बिना देरी के अन्तरिम युद्धविराम की शर्तों को पूर्ण रूप से लागू किये जाने का आग्रह किया है, ताकि सभी यमनी नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखा जा सके.

यमन में संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के प्रतिनिधि फ़िलिपे डुआमेल्ले ने भी अन्तरिम युद्धविराम की अवधि को आगे बढ़ाये को लड़के व लड़कियों के लिये एक सुखद ख़बर बताया है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे यमन में स्थाई शान्ति की ओर बढ़ा जा सकेगा, बच्चों के जीवन की रक्षा होगी और हिंसक संघर्ष में फँसे परिवारों के लिये पीड़ा का अन्त किया जा सकेगा.

 

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