माली: काफ़िले पर घातक हमला, शान्तिरक्षकों के लिये जोखिमों की मिसाल

1 जून 2022

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने, माली के उत्तरी हिस्से में बुधवार को किदाल नामक क़स्बे के निकट यूएन शान्तिरक्षकों के एक काफ़िले पर हुए एक घातक हमले की कड़ी निन्दा की है.

यूएन शान्तिरक्षकों के इस क़ाफ़िले पर एक आतंकवादी गुट ने हमला करके लगभग एक घण्टे तक सीधी गोलीबारी की, जिसमें छोटे हथियारों और रॉकेट लॉन्चरों का भी प्रयोग किया गया.

इस हमले में, माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन (MINUSMA) में तैनात जॉर्डन के चार शान्तिरक्षक घायल हुए हैं. उनमें से एक शान्तिरक्षक को, घटनास्थल से सरक्षित बचाकर ले जाते समय मौत हो गई.

लगातार जोखिम में

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने न्यूयॉर्क में पत्रकारों को बताया कि यूएन शान्तिरक्षा मिशन की ख़बर के अनुसार, किदाल क्षेत्र में केवल एक सप्ताह के भीतर ये पाँचवा हमला था.

प्रवक्ता ने कहा कि ये हमला, यूएन शान्तिरक्षा मिशन और उसमें तैनात शान्तिरक्षकों के शासनादेश की जटिलता, व शान्तिरक्षक दैनिक स्तर पर जिस तरह के जोखिमों का सामना करते हैं, उनकी याद दिलाता है.

प्रवक्ता ने बताया कि यूएन प्रमुख ने इस हमले की निन्दा की है. 

शोक सम्वेदनाएँ और प्रतिबद्धताएँ

यूएन प्रमुख ने हताहत हुए शान्तिरक्षकों के परिवारों, और जॉर्डन की सरकार को गहरी शोक सम्वेदनाएँ भेजी हैं. उन्होंने घायल हुए शान्तिरक्षकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है.

माली में यूएन महासचिव के विशेष प्रतिनिधि अल ग़ास्सिम वाने ने ध्यान दिलाते हुए कहा है कि यूएन शान्तिरक्षा मिशन, कठिनाइयों के बावजूद, शान्ति व सुरक्षा के लिये देश के लोगों की चाहत में, लोगों व सरकार को समर्थन देने के लिये प्रतिबद्ध है.

विशेष प्रतिनिधि ने एक वक्तव्य जारी करके कहा है, “मैं इस हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करता हूँ, जोकि माली में शान्ति की चाहत के रास्ते में बाधा डालने और यूएन शान्तिरक्षा मिशन के शासनादेश को लागू करने से रोकने के लिये, आतंकवादी गुटों के प्रयासों का हिस्सा है.”

अधिकार हनन में वृद्धि

यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने अपनी तिमाही मानवाधिकार रिपोर्ट इसी सप्ताह प्रकाशित की है जिसके अनुसार, वर्ष 2022 की पहली तिमाही में, मानवाधिकार हनन और दुर्व्यवहार के 812 मामले दर्ज किये गए.

ये संख्या, उससे पहले की तिमाही की तुलना में 150 प्रतिशत की वृद्धि दिखाती है.

माली के सशस्त्र बलों ने, आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिये, सैन्य अभियान तेज़ किये हैं. आतंकवादी गतिविधियों को कभी-कभी विदेशी सैन्य तत्वों से भी सहायता मिलती है.

रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कुछ अभियानों के परिणामस्वरूप मानवाधिकार हनन और अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून के उल्लंघन के आरोप भी लगे हैं.

राहत प्रमुख की यात्रा

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के राहत कार्यों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफ़िथ्स ने, देश में ख़राब होती मानवीय स्थिति व ज़्यादा सहायता की ज़रूरत की तरफ़ ध्यान आकर्षित करने के लिये, इस सप्ताह देश का दौरा किया.

देश के लोग वर्षों के संघर्ष, गहरी निर्धनता, जलवायु के झटके और विशालकाय होती असुरक्षा के प्रभावों का सामना कर रहे हैं.

इस समय क़रीब 57 लाख लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, और 48 लाख लोगों के पास पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध नहीं है.

ये अनुमान भी है कि इस वर्ष जून से अगस्त के बीच, मन्दी वाले मौसम में, लगभग 18 लाख लोगों को, खाद्य असुरक्षा की अत्यन्त गम्भीर अवस्था का सामना करना पड़ेगा.

 

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