जलवायु को क्षति पहुँचाने वाले उद्योगों के लिये काम मत कीजिये – यूएन प्रमुख

24 मई 2022

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में सीटन हॉल विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा है कि आज के कॉलेज स्नातक, उन चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने वाली पीढ़ी बन सकते हैं, जिनका मुक़ाबला करने में उनकी पीढ़ी विफल रही है.

यूएन प्रमुख ने स्नातक शिक्षा पूरी कर रहे छात्रों से जलवायु को हानि पहुँचाने वाले और जीवाश्म ईंधन से मुनाफ़ा कमाने वाले उद्योगों के लिये काम ना करने का आहवान किया है. 

सीटन हॉल अमेरिका की सबसे प्राचीन व प्रतिष्ठित कैथॉलिक विश्वविद्यालयों में से है. 

यूएन प्रमुख ने स्नातकों से टिकाऊ विकास के 2030 एजेण्डा की आकांक्षाओं को पूरा करने वाली पीढ़ी बनने का आग्रह किया, जिसका लक्ष्य चरम निर्धनता व भूख का उन्मूलन करना, विषमताओं में कमी लाना, और नई टैक्नॉलॉजी को विकसित करना है, ताकि बीमारियों व पीड़ा का अन्त किया जा सके.

“आपको नफ़रत व विभाजन को हटाकर, तर्क, सभ्य चर्चा और शान्तिपूर्ण सम्वाद को स्थान देने में सफलता मिलेगी.”

“आपको लोगों के बीच भरोसे के पुलों का निर्माण करने में सफलता मिलेगी – और मनुष्यों में अंतर्निहित अधिकारों व गरिमा को पहचानने में, जिन्हें हम साझा करते हैं.”

महासचिव ने कहा कि उन्हें महिलाओं व लड़कियों के शक्ति प्रदान करने के प्रयासों में सफलता मिलेगी, ताकि सर्वजन के लिये एक बेहतर भविष्य का निर्माण हो सके. 

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान युवा स्नातकों ने अनेक अवरोधों का सामना किया है, और अब उनकी पीढ़ी को जलवायु परिवर्तन की आपात स्थिति से निपटने की ज़रूरत है.

जलवायु कार्रवाई में योगदान

उन्होंने कहा कि जीवाश्म ईंधन में निवेश करना, आर्थिक व पर्यावरणीय नज़रिये से अब एक बन्द रास्ता है और किसी भी तरह से बातों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से यह बदल नहीं जायेगा.

“इसलिये, हमें उन पर नोटिस लगाना होगा: हमारे भविष्य का अन्त करने वालों के लिये जवाबदेही आ रही है.”

यूएन प्रमुख ने छात्रों को कहा कि यह समय कार्रवाई करने और अपने करियर का बुद्धिमतापूर्वक चयन करने का है.

“आपके लिये मेरा सन्देश सरल है: जलवायु को नुक़सान पहुँचाने वालों के लिये काम मत कीजिये. अपनी प्रतिभा का उपयोग करते हुए, हमें एक नवीकरणीय भविष्य की दिशा में ले जाइये.”

महासचिव ने ध्यान दिलाया कि सीटन हॉल ने स्नातकों को वे औज़ार व प्रतिभा संवारने में मदद की है, जिसकी उन्हें ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि समाज में वापिस योगदान देने और विश्व की सेवा करने वाले नेतृत्वकर्ता बनने के लिये उनके पास एक अमूल्य अवसर है.  

महासचिव के मुताबिक़, स्नातक शिक्षा पूरी करने वाले छात्र एक ऐसी दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, जोकि जोखिमों से परिपूर्ण है, और युद्ध व विभाजन का मौजूदा स्तर, पिछले कई दशकों से नहीं देखा गया है.

समाधान की ओर

“हर एक चुनौती, एक और संकेत है कि हमारी दुनिया में गहरी दरार है. जैसाकि मैं अपनी यात्रा के दौरान विश्व नेताओं को बताता हूँ, ये घाव अपने आप नहीं भर पाएंगे. ये अन्तरराष्ट्रीय समाधानों की पुकार लगाते हैं.”

यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि बहुपक्षवाद के ज़रिये ही एक बेहतर व शान्तिपूर्ण भविष्य की दिशा में बढ़ा जा सकता है. 

“एक बेहतर, अधिक शान्तिपूर्ण भविष्य के निर्माण के लिये रचनात्मक सहयोग और विश्वास की ज़रूरत होगी, जिनकी आज की दुनिया में बहुत कमी है.”

उन्होंने कहा कि यह अब आपके ऊपर है कि आपने जो कुछ यहाँ सीखा है, उसका इस्तेमाल इन चुनौतियों से निपटने में योगदान देने में किया जाए. 

महासचिव ने कहा कि इतिहास में मानवता ने बार-बार दर्शाया है कि हममें बड़ी सफलताएं प्राप्त करने की क्षमता है.

“मगर, तभी जब हम साथ मिलकर काम करें. केवल तब जब हम अपने मतभेदों को दूर करें और एक दिशा में एक लक्ष्य के साथ काम करें – सर्वजन के उत्थान के लिये, केवल सम्पन्न परिवारों में पैदा हुए लोगों के लिये नहीं.”

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने सदेच्छा, सहिष्णुता और आदर के मूल्यों को रेखांकित करते हुए, युवा स्नातकों से वैश्विक नागरिक बनने का आहवान किया. 

“उपयोगी बनिये. होशियार रहिये. दयालु बनिये. निडर बनिये. अपनी प्रतिभा के साथ उदार बनिये.”

 

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